नौणी विश्वविद्यालय ने स्कूलों मे जाकर दी उन्नत खेती की जानकारी
कृषि एवँ वानिकी को प्रारंभिक शिक्षा के पाठ्यक्रम मे शामिल करके प्राथमिक स्तर से बच्चों को जानकारी देने की आवश्यकता है ताकि बच्चों मे उन्नत खेती और उन्नत बागवानी करने के सँस्कार बचपन से जन्म घुट्टी के रुप मे उत्पन्न किए जा सके तभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों की आय दौगुना करने का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा। आज आवश्यकता है की किसानों द्वारा उगाई जा रही फसलेँ तथा बागवानी को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए इसके लिए नौणी विश्वविद्यालय ने स्कूलों मे जाकर उन्नत खेती की जानकारी देने का कार्य शुरू कर दिया है। यह विचार नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. परविंद्र कौशल ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला शमरोड के वार्षिक दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। इसी दौरान कुलपति ने जानकारी दी प्राथमिक शिक्षा जीवन का महत्व पूर्ण अँग हैं जहां से बच्चों का बौद्धिक विकास शुरु होता है। स्कूल की मुख्याध्यापिका सरला भाटिया ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा विद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर बच्चों ने रँगा रँग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कुलपति ने मेधावी छात्रों को वर्ष भर की विभिन्न गतिविधियों के लिए सम्मानित किया। स्कूल मेनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष अश्विन कुमार ने मुख्यातिथि का धन्यवाद किया। इस पर डा. अनिल सूद विकास ठाकुर, सुरेश मितल नरेन्द्र शर्मा, बिमला नेगी तथा नेरेश भाटिया को सम्मानित किया गया। उपप्रधान नरेन्द्र गर्ग सदस्य राजेन्द्र मेहता के इलावा पर्यटन निगम के निदेशक जगदीप कँवर भी उपस्थित थे।
