HPTDC मुख्यालय शिफ्टिंग पर हाईकोर्ट की मुहर, शिमला से धर्मशाला ट्रांसफर को हरी झंडी
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के कॉरपोरेट कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने के फैसले को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही मुख्यालय को धर्मशाला शिफ्ट करने के सरकार के फैसले का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंदर नेगी की खंडपीठ ने 16 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया। याचिकाएं सेवानिवृत्त HPTDC कर्मचारियों दाबे राम और मुकेश भारद्वाज ने दायर की थीं। दोनों ने शिमला स्थित कॉरपोरेट कार्यालय को धर्मशाला के होटल कश्मीर हाउस में स्थानांतरित करने के फैसले को चुनौती दी थी।
सरकार और HPTDC की ओर से अदालत को बताया गया कि अप्रैल 2025 में धर्मशाला-कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया था। इसके बाद HPTDC के निदेशक मंडल ने निगम के अपने भवन में कॉरपोरेट कार्यालय को धर्मशाला शिफ्ट करने के लिए सरकार से मंजूरी लेने का फैसला किया।
इससे पहले शिमला में होटल हॉलिडे होम के पास नया कॉरपोरेट कार्यालय बनाने की योजना थी, लेकिन भवन निर्माण की योजना को नगर निगम से मंजूरी नहीं मिल सकी। इसके बाद धर्मशाला में कार्यालय स्थानांतरित करने का प्रस्ताव आगे बढ़ा।
हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी कार्यालय का स्थान तय करना मुख्य रूप से सरकार का नीतिगत निर्णय है। अदालत सरकार के ऐसे नीतिगत फैसले के गुण-दोष की तुलना कर उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
अदालत ने यह भी कहा कि दोनों याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और उनका HPTDC के साथ सेवा संबंध समाप्त हो चुका है। इसलिए वे सेवारत कर्मचारियों से जुड़े इस मुद्दे पर याचिका दायर करने के लिए उचित आधार नहीं रखते। दोनों याचिकाएं खारिज करते हुए अदालत ने प्रत्येक याचिकाकर्ता द्वारा जमा 50-50 हजार रुपये की राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और हाईकोर्ट स्टाफ वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के बीच बराबर बांटने के निर्देश दिए।
हालांकि HPTDC की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल हेड ऑफिस का पता रिट्ज एनेक्सी, शिमला ही दर्ज है, इसलिए वास्तविक प्रशासनिक शिफ्टिंग की स्थिति को सरकार/निगम के आगामी आदेशों के संदर्भ में देखना होगा।
