वीरभद्र की तस्वीर गायब, कांग्रेस में घमासान; विधायक ने मानी गलती
हिमाचल प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की तस्वीर को लेकर कांग्रेस के भीतर फिर सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हालिया रोहड़ू और रामपुर दौरे के दौरान कार्यक्रमों के पोस्टर और बैनर में वीरभद्र सिंह की तस्वीर नजर नहीं आई। मंच से भी उनके नाम का उल्लेख नहीं होने पर पूर्व सांसद और वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने नाराजगी जताई।
प्रतिभा सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह को गुजरे अभी करीब साढ़े चार साल ही हुए हैं और उन्हें इतनी जल्दी भुला देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने हिमाचल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके योगदान को याद किया जाना चाहिए।
वहीं, मामला तूल पकड़ने के बाद रोहड़ू के कांग्रेस विधायक एलएम ब्राक्टा ने भी माना कि कार्यक्रम में वीरभद्र सिंह की तस्वीर होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में रोहड़ू के विकास में वीरभद्र सिंह के योगदान का जिक्र किया था। साथ ही उन्होंने कहा कि तस्वीर न लग पाना जानबूझकर नहीं हुआ।
रामपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लाल चंद ने भी माना कि कार्यक्रम में वीरभद्र सिंह की तस्वीर नहीं लग पाई। उन्होंने इसे जानबूझकर की गई अनदेखी नहीं बताया और कहा कि कांग्रेस आज भी वीरभद्र सिंह की विरासत और उनके कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू के रोहड़ू-रामपुर दौरे के दौरान करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ एंटी-चिट्टा रैलियां भी आयोजित की गई थीं। लेकिन दौरे के बाद वीरभद्र सिंह की तस्वीर और नाम को लेकर उठा विवाद अब कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।
