शिमला : प्रदेश सरकार व नगर निगम की लचर व्यवस्था हाे रही उजागर : संजय चाैहान
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला
समाचार पत्र में आज छपे समाचार से ज्ञात हुआ कि मुख्यमंत्री के द्वारा आज एसडीए कॉम्प्लेक्स कसुम्पटी, शिमला में पार्किंग का शिलान्यास करवाया जा रहा है। यह बड़े आश्चर्य की बात है कि मुख्यमंत्री के द्वारा उसी पार्किंग का दूसरी बार शिलान्यास करवाया जा रहा है, जिसका पूर्व नगर निगम के महापौर, उपमहापौर व स्थानीय पार्षद के द्वारा शिलान्यास 26 अप्रैल, 2017 को कर दिया गया था और इसके लिए अम्रुत से 62 लाख रुपए का प्रावधान भी किया गया था, परंतु 2017 नगर निगम शिमला में बीजेपी के सत्तासीन होने के बाद न तो इस पार्किंग का निर्माण किया गया और आज मुख्यमंत्री को दिखावे के लिए गुमराह कर पहले से ही आरंभ इस पार्किंग का दोबारा शिलान्यास करवाया जा रहा है। इससे प्रदेश की सरकार व नगर निगम शिमला की लचर व्यवस्था उजागर हुई है। मुख्यमंत्री को इसको संजीदगी से लेकर जो भी इसके लिए दोषी है, उनके विरुद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए। यह बात संजय चौहान पूर्व महापौर नगर निगम शिमला ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही।
उन्हाेंने कहा कि गत 5 वर्षों में जबसे नगर निगम शिमला व सरकार में बीजेपी सत्तासीन हुई है, तबसे एक भी विकास की नई परियोजना शिमला शहर के लिए नहीं ला पाई है। सीपीएम के नेतृत्व में पूर्व नगर निगम ने जो करीब 4800 करोड़ रुपए की परियोजनाएं, जिनमें मुख्यतः स्मार्ट सिटी, अम्रुत, विश्व बैंक की पेयजल व सीवरेज के जीर्णोद्धार की परियोजना, शिमला शहर के सौंदर्यीकरण, टूटीकंडी से मॉल रोड के लिए रोपवे, टूटीकंडी बहुउद्देश्यीय भवन, वेस्ट तो एनर्जी कूड़ा संयंत्र, पार्किंग, पार्क आदि शामिल है। स्वीकृत करवाई थी वह भी आज तक पूरी नहीं की गई है और कई परियोजनाएं तो अभी तक आरंभ भी नहीं की गई है। स्मार्ट सिटी की जो 2906 करोड़ रुपए की स्वीकृत परियोजना रिपोर्ट है। 5 वर्षों में उसका मात्र 9 प्रतिशत पैसा ही खर्च किया गया है तथा उसके मूल प्रारूप को दरकिनार कर केवल ढंगों को लगाने का कार्य किया जा रहा है।
इससे स्पष्ट होता है कि बीजेपी सरकार प्रदेश व शहर के विकास प्रति कितनी प्रतिबंध है। गत 5 वर्षों में विकास की न केवल गति थम गई है, बल्कि शहर का विकास मात्र चेहते ठेकेदारों को फायदा देने के लिए ही किया जा रहा है। इससे शिमला शहर के सौंदर्य व इसकी ऐतिहासिक महत्व नष्ट कर दिया गया है और अब मात्र कंक्रीट व लोहे के गार्डर का शहर बनाकर रख दिया है। ऐसा तब किया जा रहा है, जब शिमला शहर के विधायक सरकार में शहरी विकास मंत्री है। शिमला शहर की जनता पहाड़ो की रानी शिमला की इस बदहाली के लिए बीजेपी की सरकार व नगर निगम शिमला को कभी भी माफ नहीं करेगी।
