शिमला: अपनी मांगों को लेकर पेंशनर्स ने किया धरना प्रदर्शन, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
मंगलवार को राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बकाया भुगतान व वित्तीय लाभ तुरंत जारी करने की मांग उठाई। पेंशनर्स का कहना है कि अब सरकार आरडीजी बंद होने का बहाना बना रही है।
जबकि इसका वेतन और पेंशन भुगतान से कोई संबंध नहीं। सरकार अलग अलग नियुक्तियों से अपने खर्च बढ़ा रही है। पेंशनरों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार वित्तीय संकट का हवाला देकर ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन, संशोधित पेंशन और महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि 28 नवंबर 2025 को धर्मशाला में हुए प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने वार्ता का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक संघर्ष समिति के शिष्टमंडल को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। वक्ताओं ने कहा कि राजस्व अनुदान घाटा (RDG) बंद होने का पेंशन और वेतन से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने सरकार पर जनप्रतिनिधियों और विभिन्न पदों पर नियुक्तियों पर खर्च बढ़ाने का आरोप लगाया।
धरने में चेतावनी दी गई कि यदि बजट सत्र से पहले सरकार ने पेंशनरों से बातचीत नहीं की तो विधानसभा के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन और रैली की जाएगी। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पेंशनरों का आंदोलन और तेज किया जाएगा।
