यह कहानी नहीं, वास्तविकता है... एक आम इंसान 'धीरज महाजन' की
-ऐसा शख्स, जिसने पशु-पक्षियों को समर्पित कर दिया अपना पूरा जीवन
-जिन बेजुबानों की जिंदगी बचाई वो बन गए दोस्त, घर तक आते हैं मिलने को
हिमालय की गोद में बसे खूबसूरत शहर धर्मशाला के निवासी धीरज महाजन का मानना है कि भगवान की पूजा करने से पहले भगवान द्वारा बनाए गए जीवों की आप पूजा करें...उनसे प्यार करें...उनकी रक्षा करें, भगवान तो अपने आप ही खुश हो जाएंगे। इतना ही नहीं, यह इन बेजुबानों से बातें भी करते हैं, इनके दर्द को अपना दर्द समझते हैं। यह सुनकर आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे कि कई पशु-पक्षी इनके दोस्त बन चुके हैं और इनसे मिलने इनके घर तक आते हैं।
बचपन से ही धीरज महाजन को प्रकृति व पशु-पक्षियों से प्यार था। जानवरों पर हो रहे अत्याचार इनसे देखे नहीं जाते थे। पशु-पक्षियों से इतना स्नेह रखने वाले धीरज आज तक कई बेजुबानों का रेस्क्यू कर चुके हैं और बेजुबानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कई शिकायतें पुलिस से कर चुके हैं। गौवंश और कुत्तों के अलावा इन्होंने अनेकों जंगली जीवों का भी रेस्क्यू किया है। इस निस्वार्थ सेवा भाव के लिए उन्हें 15 अप्रैल, 2022 को 'हिमाचल प्रेरणा स्रोत' से सम्मानित किया गया था।
धीरज का कहना है कि रेस्क्यू हमेशा असान नहीं होते। कुछ रेस्क्यू आपकी जान भी ले सकते हैं और वहीं दूसरी ओर किसी को नयी जिंदगी भी दे सकते हैं। कभी तोता तस्करों, कभी जंगली जीवों का शिकार करने वाले शिकारियों को तो कभी पालतू गाय को छोड़ने वाले लोगों को धीरज महाजन ने अपनी जान जोखिम में डालकर पकड़वाया है। धीरज कहते हैं, 'मेरी यह जिंदगी मेरी नहीं, बल्कि इन जीवों की है।'
