शिमला: अध्यापकों के लिए आफत बनी ट्रांसफर नीति-महासंघ
शैक्षिक महासंघ ने सीएम काे भेजी अपनी मांगाें की प्रतिलिपी
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला
अखिल भारतीच राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने अपनी मांगाें की प्रेस विज्ञप्ति प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर काे भेजी है। इसमें उन्हाेंने बताया है कि हिमाचल सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में सेवाएं दे रहे 45 हजार से ज्यादा सी एंड वी और जेबीटी अध्यापकों के लिए ट्रांसफर नीति बनाकर बहुत बड़ी राहत दी थी, जिससे शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे अध्यापक और अध्यापिका ओं अपने जिला में ट्रांसफर करने का शुभ अवसर प्रदान हो सके, परंतु आज यह नीति शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। 19 जनवरी को हिमाचल प्रदेश शिक्षा महासंघ ने एक डेलिगेशन मुख्यमंत्री से मिलवाया था, जिसमें 3 वर्ष से ज्यादा समय पूरा कर चुके शिक्षकों को नियमितीकरण नहीं होने के कारण आपसे एक नीति में संशोधन का आग्रह किया था।
उसके बाद यह विषय कैबिनेट में लाया गया, परंतु फिर कार्मिक विभाग से परामर्श हेतु इसे कार्मिक विभाग को भेजा दे दिया गया। इस प्रक्रिया में 4 महीने लग गए और कार्मिक विभाग द्वारा 13 अप्रैल को जारी आदेश से 7 जिलों में जो शिक्षक नियमित हो गए थे, उनके नियमितीकरण काे रद्द कर दिया जाएगा और उनकी नई जिला में जॉइनिंग फ्रेस मानी जाएगी, यह शिक्षक पहले ही 3 वर्ष से ज्यादा सेवाएं दे चुके हैं।
उन्हाेंने बताया कि पूर्व शिक्षा सचिव द्वारा की गई गलतियों का खामियाजा हमारे शिक्षक साथी भुगत रहे हैं। यह मुद्दा दो बार विशेष कैबिनेट में जा चुका है, हमने शिक्षा मंत्री, मुख्यसचिव, अतिरिक्त मुख्यसचिव शिक्षा सचिव से बार-बार आग्रह किया है कि इनकी नियमितीकरण में बाधा इनकी वरिष्ठता आ रही है। आपसे निवेदन है कि ट्रांसफर पॉलिसी में संशोधन कर इनकी वरिष्ठता 2 वर्ष पूरे कर चुके सभी शिक्षकों को नियमित किया जाए तथा इनको जनवरी 2022 से पूरे लाभ दिए जाएं। आज हालात यह है कि इन से एत वर्ष बाद लगे अध्यापक इनसे पहले रेगुलर हो चुके हैं और इनकी वरिष्ठता इनसे पहले हो चुकी है।
उन्हाेंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बहुत सहज है और समय-समय पर समस्याओं का निवारण किया है। हिमाचल प्रदेश में डाइट के माध्यमों से जेबीटी की ट्रेनिंग करवाई जाती है, परंतु 2022 से इन अध्यापकों की नियुक्ति नहीं हो पाई, जिसकी वजह से प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों में काफी रोष है हैरानी की बात यह है कि सरकार की छवि को खराब करने का काम कुछ सरकारी संस्थाओं में तैनात शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने इसे कोर्ट तक ले जाने का काम किया है। अतः आपसे निवेदन है कि इन शिक्षकों को नियुक्ति देकर रात प्रदान करें।
