मुसीबत के मारे लोगों को पुलिस अधिकारी ने दी अपने घर में पनाह
लंबे समय तक बिलासपुर एसपी आफिस में सहायक कानून अधिकारी के पद पर रहे और वर्तमान में डैहर पुल पर अपनी सेवाएं दे रहे प्रकाश चंद बंसल ने मुसीबत के मारे लोगों को अपने घर में आश्रय देकर न सिर्फ इलाके का बल्कि अपने पुलिस विभाग का नाम भी पूरे देषश में रौशन किया है। हिमाचल की वादियों को निहारने के लिए पैकेज टूअर पर एक कोलकाता का परिवार आया था लेकिन शिमला मनाली घूमने के बाद यह लोग लाॅकडाऊन के कारण सुंदरनगर में फंस गए। वहीं टैक्सी चालक भी उन्हें किसी होटल में छोड़कर चला गया। कुछ दिन परेशानी में रहने के बाद बिलासपुर पुलिस के मुख्य आरक्षी प्रकाश चंद बंसल जो इन दिनो डैहर पुल पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, अपने नए घर सुंदरनगर जा रहे थे कि रास्ते में उन्हें यह परिवार सड़क पर मिला और फिर उनकी समस्या सुनी। इसके बाद प्रकाश बंसल ने जिला प्रषासन को सूचित किया। प्रशासन ने इन लोगों को भोजन मुहैया करवाया और कहीं ठहरने की व्यवस्था की।
व्यवस्था ठीक न होने के कारण यह परिवार और परेशान हो गया था। फिर उन्होंने प्रकाश बंसल को अपनी समस्या से अवगत करवाया। बंसल ने उन्हें अपने घर रहने की आफर की लेकिन यह परिवार ना-नुकर कर वहां चला गया। बंसल ने अपने मकान में अलग से पूरा सेट इन्हें रहने के लिए दिया है। यह परिवार स्वयं अपनी पंसद का भोजन बनाता है और पूरी आजादी से रह रहा है। इस परिवार के मुखिया साज्जल मंडल, अपनी पत्नी रूपाली मंडल तथा बेटा अभि और बेटी फेंटेसी (निवासी जाधवपुर कोलकाता वेस्ट बंगाल )के साथ अब खुश है।
हालांकि जिला प्रशासन भी इनसे बराबर संपर्क बनाए हुए हैं। गौर हो कि प्रकाश बसंल इस परिवार की सेवा बिलकुल निस्वार्थ भाव से कर रहे हैं। इनके खाने पीने का पूरा बंदोबस्त प्रकाश द्वारा निशुल्क किया जा रहा है। प्रकाश बाकायदा उनकी पंसद का भोजन, सामग्री आदि लाकर उन्हें देते हैं। प्रकाश इनके एक रूप्या तक नहीं लेते है, जो कि समाज के लिए वास्तव में मानवता की सेवा को लेकर अनुकरणीय उदाहरण है।
लाॅकडाऊन और कर्फयू के इस माहौल में मानवता की सेवा करने का ऐसा विलक्षण मौका बिरले लोगों को ही मिलता है। यह ऐसा समय हैं जहां पर लोग अपने को छूने से कतरा रहे हैं, अपने पास ठहराना तो बहुत दूर की बात है। लेकिन प्रकाश बसंल जैसे ऐसे पुलिस कर्मी भी है जो अपने इन्हीं कारनामों से साबित करते हैं कि धरती पर इंसान और इंसानियत तभी जिंदा रह सकती है जब व्यक्ति विवेक से काम लें।
कौन है प्रकाश चंद बंसल
बिलासपुर पुलिस विभाग में कानून अधिकारी पर लंबे समय से सेवा दे रहे प्रकाश की कानून पर अच्छी पकड़ है तथा अब डैहर पुल के इस पार अपनी सेवाओं को ईमानदारी से जारी रखे हुए हैं। मानव सेवा ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य प्रकाश द्वारा बिलासपुर और मंडी में बुजुर्गों के लिए डे-केयर सेंटर चलाए हुए हैं। बुजुर्गों की सेवा करना, नशे में गए युवाओं को वापिस समाज की मुख्य धारा में लाना, गरीब व असहाय लोगों की मदद करने में अगली पंक्ति में खड़े होना प्रकाश की जीवनशैली का हिस्सा है। इन दिनों वे कोरोना वाॅरियर की भूमिका में प्रदेश पुलिस के साथ हिमाचल का नाम भी रोषन कर रहे हैं। यही नहीं समाज सेवा की इनकी प्रोफाइल बहुत लंबी है।
पर्यटक परिवार की बेटी फैंटेसी मंडल का कहना है कि हमें परेशनी से निकालकर और न सिर्फ अपने घर में जगह देकर बल्कि हमारी हर जरूरत को बिना कोई पैसा लिए पूरा करने वाले प्रकाश चंद देव स्वरूप लोग ही ऐसे होते हैं। वे सारे परिवार के साथ घुल मिल कर रहते हैं। उन्होंने कहा कि अभी उन्हें 20 मई को जाना था लेकिन पश्चिम बंगाल में समुद्री तूफान के कारण कार्यक्रम स्थगित हो गया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी उनसे संपर्क बनाए हुए हैं।
