सोलन नगर निगम संघर्ष समिति ने मनाया तीसरा स्थापना दिवस
शनिवार को सोलन नगर निगम संघर्ष समिति का तीसरा स्थापना दिवस मनाया। कोविड-19 के चलते समारोह का स्वरूप बहुत ही सीमित रखा गया। बैठक मे सर्व सहमति से एक प्रस्ताव पास किया गया।
सोलन नगर निगम संघर्ष समिति का यह मानना है की पूर्व तथा वर्तमान की सरकार का सोलन को नगर निगम बनाने के संबंध में रवैया करीब-करीब सोलन के हित के विरूद्ध है। जहाँ पूर्व सरकार ने धर्मशाला, जिसकी आबादी मात्र 22000 थी को नगर निगम का दर्जा दिया वहाँ सोलन के साथ अन्याय किया गया तथा सोलन को नगर निगम का दर्जा नही दिया गया। वर्तमान सरकार के आने के बाद संघर्ष समिति के प्रतिनिधि-मण्डल समय समय पर माननिए मुख्यमंत्री जी को मिलते रहे और सभी मुलाकातों में मुख्यमंत्री की तरफ से यह आश्वासन रहा की सोलन को नगर निगम का दर्जा जरूर दिया जाएगा। पिछले विधान सभा चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा घोषित “चुनाव घोषणा पत्र” में भी बीजेपी ने चुनाव के बाद जल्द ही नगर निगम बनाने का वादा किया था। परन्तु बहुत दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है की इस संबंध में प्रक्रिया को बढ़ाने के लिए सरकार की और से कोई भी प्रयास नही हो रहा है।
सोलन नगर निगम संघर्ष समिति सरकार से पुन: आग्रह करती है कि सरकार जल्द से जल्द आने वाले चुनाव से पहले सोलन को नगर निगम का दर्जा दिया जाए ताकि सोलन शहर का अगला चुनाव निगम के तौर पर ही करवाया जाए। समिति ने आशा व्यक्त की सोलन शहर के साथ जो अब तक जो भी अन्याय हुआ है उसे मुख्यमंत्री न्याय मे परिवर्तित करेंगे।
