आनी: 23 और 24 नवंबर को मनाया जाएगा प्राचीन बूढ़ी दिवाली धोगी मेला

आनी क्षेत्र का प्राचीन एवं ऐतिहासिक बूढ़ी दिवाली मेला शमशरी महादेव व टोना नाग के सानिध्य में 23 व 24 नवंबर को मनाया जाएगा। मेला कमेटी के अध्यक्ष आत्मा राम ठाकुर ने बताया कि बूढ़ी दिवाली सैकड़ों वर्ष पुराने देव इतिहास का गवाह है। बूढ़ी दिवाली मेला गांव धोगी में मनाया जाता है। यह गांव ग्राम पंचायत च्वाई के अंतर्गत आता है। सुंदर एवं घने जंगलों के मध्य गांव व देवता शमशरी महादेव का मंदिर प्राचीन देवता की कोठी है। देवता शमशरी महादेव धोगी से 12 किलोमीटर दूर धार्मिक गांव शमशर में विराजमान रहते हैं। जहां पर पूरे साल होने वाले देव कार्य पूरे किए जाते हैं, परंतु देवता का प्राचीन एवं ऐतिहासिक मेला चवाई के साथ लगते गांव धोगी में मनाया जाता है। मंदिर कमेटी के सचिव मस्त राम ठाकुर ने जानकारी दी कि मेले के लिए देवता के रथ को सोने व चांदी के सुंदर जेवरातों से सजाया जाता है । 23 नवंबर को शमशरी महादेव अपने मन्दिर शमशर से मेले के लिए शिरकत करेंगे । देवता थड़ी पर ढोल-नगाड़ों के साथ जाएंगे। इसी रात्रि मेले में 10 बजे देरची उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें गांव धोगी व धार के लोग जलती आग की मशालों को लेकर नृत्य एवं दिवाली गीत गाएंगे। इस देरची उत्सव में 18 भागी लोग शामिल होंगे । रात्रि मेले को देखने सैकड़ों लोग शामिल होंगे और दिन के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश होंगे।