शिमला : भाजपा सांसद को चुनावों में ही याद आता हैं जुब्बल नावर कोटखाई-मोतीलाल डेरटा
भाजपा सांसद सुरेश कश्यप गत चार वर्षों से गायब रहे और अब आगामी लोकसभा चुनावों को आते देख जुब्बल नावर कोटखाई याद आई हैं। यह बात ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जुब्बल नावर कोटखाई के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा ने प्रेस को ज़ारी एक बयान में कही। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद ने जुब्बल नावर कोटखाई की गत चार वर्षों से लगातार अनदेखी की हैं। भाजपा सांसद ने सांसद निधि केवल अपने चेहेतों को बांटी जबकि जुब्बल नावर कोटखाई की 62 पंचायतों मे से नाम मात्र पंचायतों को ही सांसद निधि के तहत धनराशि दी गई है। उन्होंने कहा कि जब किसानों-बागवनों पर संकट आया, तो भाजपा सांसद क्षेत्र की सुध तक नहीं ली। 2021 में ओलावृष्टि व बेमौसमी बर्फबारी से किसानों और बागवानों की सेब सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पूर्व भाजपा सरकार ने 254 करोड़ की क्षति की होने का नाममात्र आंकलन किया था, जिसकी केंद्र से भरपाई करवाने में सांसद विफल रहें हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव में सेब को विशेष उत्पाद श्रेणी का दर्जा दिलाने व सेब पर आयात शुल्क तीन गुना बढ़ाने की बात की थी। सेब को विशेष उत्पाद की श्रेणी में शामिल करना तो दूर की बात है। इसके विपरीत सेब पर जो आयात शुल्क 50 प्रतिशत हुआ करता था। केंद्र की भाजपा सरकार ने उसे घटाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। शिमला संसदीय क्षेत्र के बागवानों ने कई बार माननीय सांसद से इस मामले को संसद में उठाने का आग्रह किया, लेकिन सांसद ने इस विषय को अनदेखा किया। किसान-बागवान, छोटे दुकानदार, मज़दूर, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग से जुड़े हुए कारोबारियों में केंद्र की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों प्रति भारी आक्रोश हैं।
उन्होंने कहा है कि सांसद केंद्र की प्रयोजित योजनाओं को लाने मे भी असफल हुए और केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा हिमाचल के लिए घोषित 69 नेशनल हाई-वे भी अब ठंडे बस्ते मे डाल दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश की जनता ने भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर ठाकुर सुखविंदर सिह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार को सत्ता सौंपी हैं, इसी प्रकार आगामी लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस पार्टी की जीत होगी।
