बजट सत्र...नोक झोंक के बीच कई बड़े फैसले
पक्ष विपक्ष के बीच तीखी नोक झोंक और बदस्तूर जारी वाकआउट के बीच हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र अपने अंतिम पड़ाव पर आ पंहुचा है। सीएम सुक्खू का पहला बजट निश्चित तौर पर एक आशावादी बजट है लेकिन घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए संसाधन कहाँ से आयंगे, ये बड़ा और सबसे अहम सवाल है। हालांकि सरकार ने कुछ व्यय कम करने और कुछ आय बढ़ाने को कदम जरूर बढ़ाये है,लेकिन बढ़ते कर्ज के बीच ये नाकाफी लगते है। बहरहाल सौ दिन पुरानी सुक्खू सरकार का दृष्टिकोण सकरात्मक है, ये जरूर कहा जा सकता है कि चुनौतियां भी बेशुमार है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद ये विधानसभा का दूसरा सत्र है। इससे पहले जनवरी में धर्मशाला में हुआ शीतकालीन सत्र काफी हद तक औपचारिकताओं में गुजर गया था, बावजूद इसके तब भी विपक्ष में बैठी भाजपा के तेवरों का ट्रेलर दिख ही गया था। पर बजट सत्र में जैसी उम्मीद थी, भाजपा बिलकुल वैसी दिखी है। पूरी तरह आक्रामक।
बहरहाल, बजट सत्र में अब तक कई अहम फैसले और घटनाक्रम हुए है, जो प्रदेश के लिए अहम है। एसएमसी शिक्षकों का मानदेय बढ़ने का फैसला हो, लैंड सीलिंग एक्ट के नियमों में संशोधन के लिए मंजूरी या कांग्रेस के घोषणा पत्र को पूरा करने की प्रतिबद्धता को सदन में दोहराना, बजट सत्र कई लिहाजों से अब तक ख़ास रहा है।
एसएमसी शिक्षकों का मानदेय 2000 प्रति माह बढ़ाया
हिमाचल विधानसभा सदन में बजट पर हुई चर्चा में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ने मेरे विधानसभा हलके में कई संस्थान बंद किए थे। हकीकत कह रहे हैं तो विपक्ष घबरा गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल लैंड सीलिंग एक्ट 1976 में संशोधन कर महिलाओं को परिवार की जमीन में हक मिलेगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि कंप्यूटर शिक्षकों की तर्ज पर 2555 एसएमसी शिक्षकों का मानदेय 2000 प्रति माह बढ़ाया गया है। यह मामला ध्यान में नहीं रहा। वर्तमान सरकार ने तीन माह में कुल 4300 करोड़ का ऋण उठाया है।
उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देगी सरकार
बजट सत्र में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ग्रीन हाइड्रोजन के लिए जल्द स्थायी नीति बनाएगी। इस के लिए प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र सरकार के उपक्रम के साथ समझौता करेगी। इस दौरान सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश में तीन साल में 2000 मेगावाट बिजली पैदा कर उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देगी। उन्होंने कहा कि शांगटांग बिजली प्रोजेक्ट का काम ठेकेदार ने युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है और इसे दो साल से पहले पूरा करेंगे और करीब 1700 करोड़ की धनराशि बचा पाएंगे। सरकार आठ माह में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा पैदा करेगा। इसके अलावा उन्होंने शानन बिजली परियोजना की खत्म हो रहे लीज पर कहा कि इसे वापस लेने के लिए पंजाब सरकार को पत्र भेज रहे हैं। बिजली प्रोजेक्टों के समझौतों को लेकर समीक्षा करेंगे।
सहायकों की होगी नियुक्ति: अनिरुद्ध राणा
बजट सत्र के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अथाह कार्य और विकास की सम्भावना है। मनरेगा से न केवल विकास के कार्य हो रहे है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार भी मिल रहा है, इसलिए मनरेगा योजना में कोई दिक्कत न आये इसके लिए सहायकों की नियुक्ति भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सहायकों को काम आधारित रखा जाएगा। इससे प्रदेश में रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बजट में इसका प्रावधान किया है। कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मनरेगा की ऑनलाइन हाजिरी के सरलीकरण का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन हाजिरी का अधिकार क्षेत्र केंद्र सरकार के पास है।
लैंड सीलिंग एक्ट के नियमों में संशोधन के लिए मंजूरी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सचिवालय में शुक्रवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में अहम फैंसले लिए गए है। इसके मद्देनजर राज्य कैबिनेट ने लैंड सीलिंग एक्ट के नियमों में संशोधन के लिए मंजूरी दे दी है। अब हिमाचल में इंडस्ट्री लगाने और अन्य अधिकृत कार्य करने के लिए अब 99 नहीं, 40 साल के पट्टे पर ही जमीन मिलेगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में विभिन्न श्रेणियों के हजारों पदों को भरने की मंजूरी दी गई है। मंत्रिमंडल में फैसला लिया गया कि केंद्र और राज्य सरकार के उपक्रमों को सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए अब उद्योगों की तर्ज पर कोई लैंड सीलिंग नहीं रहेगी। प्रदेश में लैंड सीलिंग कानून के तहत 150 बीघा से ज्यादा जमीन नहीं ली जा सकती है। सोलर प्रोजेक्टों के लिए इसमें इन उप्रकमों को छूट दी जाएगी। कैबिनेट में यह चर्चा हुई कि पिछली सरकार के कार्यकाल में राज्य से बाहर के कई लोगों को 99 साल के लिए जमीन लीज पर दी गई, मगर कई बार इसका दुरुपयोग हुआ। कुछ मंत्रियों ने चहेतों को जमीन देने पर आपत्ति दर्ज कर इस निर्णय को उचित ठहराया है।
आपात मेडिसिन विभाग में 48 पद भरे जाएंगे
बजट सत्र के दौरान आयोजित कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि अब क्लॉस थ्री एम्प्लाइज की भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग से होगी। इसमें यह फैसला लिया गया है कि मेडिकल कॉलेज नाहन, नेरचौक, हमीरपुर और चंबा में आपात मेडिसिन विभाग में 48 पद भरे जाएंगे। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में न्यूक्लीयर मेडिसिन विभाग में चार पद भरे जाएंगे। बेटियों को भी पैतृक जमीन में यूनिट मानने के विधेयक को विधानसभा में पेश करने की भी स्वीकृति दे दी गई है। नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के मामले में मंजूरी दी गई।
राहुल गाँधी के सदस्यता रद्द पर उबले कांग्रेसी
कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को मानहानि मामले में सूरत कोर्ट द्वारा 2 साल की सजा सुनाये जाने के बाद राजधानी शिमला में भी विधानसभा के बाहर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सहित सभी कांग्रेस विधायकों ने काली पट्टियां बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और लोगों के बीच यह पेश किया जा रहा है कि उन्होंने कोई गलत बयान दिया है जबकि रैलियों में अक्सर नेता एक दूसरे के साथ खिलाफ भाषण के माध्यम से आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं, लेकिन इस तरह से बदनाम करने की मंशा से किसी के खिलाफ मामला बनाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल राहुल गांधी के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आज जनता की यदि कोई नेता आवाज उठा रहा है तो वह राहुल गांधी है। लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए और लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल यात्रा की। उनके परिवार से दोनों प्रधानमंत्री बने और दोनों ही प्रधानमंत्रियों ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है।
सदन में गरमाया विधायकों की गाड़ियों के चालान का मामला
हिमाचल विधानसभा बजट सत्र में शुक्रवार को विधायकों की गाड़ियों के चालान का मामला गूंजा। पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत फतेहपुर से कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने इस मामले को सदन में उठाया। दरअसल, कुछ दिन पहले उनकी गाड़ी का शिमला के बालूगंज में चालान हुआ। भवानी पठानिया ने कहा कि चालान करने वाले पुलिस अधिकारी के वाहन पर डेजिगनेशन की नेम-प्लेट लगी थी, जिसके लिए वह खुद अधिकृत नहीं था। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि विधायकों की गरिमा को बचाए रखने के लिए जल्द सीनियर विधायकों की कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी विधायकों का मान-सम्मान बना रहे, इसे लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके लिए हाईकोर्ट के जज से भी बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी गरिमा है। विधायक कड़ी मेहनत के बाद चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचता हैं, उनका मान-सम्मान जरूरी है। इससे पहले भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि उनकी गाड़ी का चालान केवल मात्र फ्लैग-रोड होने की वजह से किया गया। उनके उठाए इस मुद्दे का कांग्रेस-भाजपा दोनों दलों के सदस्यों ने भी समर्थन किया ।
विपक्ष ने महिलाओं को ठगने का लगाया आरोप
हिमाचल के मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट पर हुई चर्चा के बाद बीते वीरवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट पर जवाब देने लगे और महिलाओ को 1500 रूपये देने की बात कही। इस पर विपक्ष भड़क गया और हंगामा शुरू कर दिया और विपक्ष ने कांग्रेस सरकार द्वारा महिलाओं का अपमान करने और झूठ बोलने के आरोप लगाए। विपक्ष काफी देर तक सदन में नारेबाजी करते रहे और सदन से वाकआउट कर बाहर आकर नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट में बार-बार प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कही, लेकिन उन्हें यह उस समय सोचना था जब उन्होंने चुनावों के समय पर प्रदेश की जनता के साथ वादे किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में झूठ बोलने की सारी हदें पार कर ली है। चुनावों के समय कांग्रेस ने प्रदेश की 18 से 60 साल की महिलाओं को 1500 देने की बात कही थी लेकिन अब यह सरकार केवल दो लाख 31 हजार महिलाओ को 1500 देने की बात कर रहे है। जय राम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उन्होंने अपनी गारंटी पूरी कर ली है जबकि इन महिलाओं को पहले ही एक हजार रुपए की पेंशन दी जा रही है और उसी में 500 जोड़कर 1500 की गारंटी पूरी करने की बात मुख्यमंत्री कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार प्रदेश की महिलाओं को गुमराह करने का काम कर रही है और उनका अपमानित किया जा रहा है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आउटसोर्स भर्तियों पर हुई तीखी नोकझोंक
भाजपा सरकार के समय पूरे प्रदेश में आउटसोर्स पर की गईं भर्तियों पर बजट सत्र के नौवें दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खूब नोकझोंक हुई। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि जल शक्ति विभाग में सही नीति से पांच हजार आउटसोर्स कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार में सरकाघाट के अधिशासी अभियंता ने पूरे प्रदेश में भर्ती के लिए टेंडर किया था। सराज और धर्मपुर में ऐसे लोग लगाए जो कभी नौकरी से निकले नहीं, जबकि अन्य क्षेत्रों में दिसंबर 2022 तक ही नियुक्तियां दी गईं। आउटसोर्स भर्तियों पर जब भाजपा विधायकों ने हंगामा किया तो उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को विपक्ष बखूबी जानता है। हर भाजपा विधायक जानता है कि कब क्या-क्या हुआ। बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। भाजपा विधायक प्रकाश राणा, विपिन परमार और रणधीर शर्मा ने मामला उठाते हुए कहा कि आउटसोर्स पर रखे कर्मियों को निकाला जा रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की है। स्टाफ की कमी से योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने पूछा कि क्या नई भर्तियों में सरकार पुराने स्टाफ को वरीयता देगी। उन्होंने इन कर्मियों को वेतन नहीं मिलने का मामला भी उठाया।
