सीपीएस की नियुक्ति को कोर्ट में चुनौती
प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा 6 संसदीय सचिवों की नियुक्ति को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। पीपल फॉर रेस्पोंसिबल गवर्नेंस द्वारा दायर याचिका पर 21 अप्रैल को सुनवाई होगी। इसमें सभी 6 संसदीय सचिवों को प्रतिवादी बनाने की मांग भी की गई है। आपरोप लगाया गया है कि सभी संसदीय सचिव लाभ के पद पर तैनात है और इन्हें प्रतिमाह दो लाख से अधिक वेतन और भत्ते के तौर पर अदा किया जाता है। याचिका में हिमाचल संसदीय सचिव ( नियुक्ति, वेतन, भत्ते, शक्तियां, विशेषाधिकार और सुविधाएं) अधिनियम, 2006 को निरस्त करने कि गुहार भी लगाई गई है।
विदित रहे कि प्रदेश कि सुक्खू सरकार ने 6 संसदीय सचिवों की नियुक्ति की है। इनमे अर्की विधायक संजय अवस्थी, दून विधायक राम कुमार चौधरी, रोहड़ू विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, कुल्लू विधायक सुन्दर ठाकुर, बैजनाथ विधायक किशोरी लाल और पालमपुर विधायक आशीष बुटेल शामिल है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने भी इस मुड़े पर सरकार को घेरा है।
