धर्मशाला : कांगड़ा जिले में 437 बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार
हालांकि केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से बच्चों के कुपोषण को कम करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। बावजूद इसके जिला कांगड़ा में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग में 437 बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हैं। विभाग की मानें तो गंभीर कुपोषित बच्चे एक माह में रिकवर भी हो जाते हैं, लेकिन इसके लिए जागरूकता व समय पर उचित देखभाल जरूरी है। जिला के नगरोटा सूरियां ब्लॉक में गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या 59 है, जो कि जिला में सबसे अधिक है और सबसे कम गंभीर कुपोषित बच्चे पंचरुखी ब्लॉक में हैं। 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का गंभीर कुपोषित होने का प्रमुख कारण जन्म के समय वजन कम होना और समय पर ऊपरी आहार न देना है।
पंचरुखी में गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या मात्र 2 होने का कारण यह है कि इस ब्लॉक में सीएसआईआर द्वारा तैयार प्रोटीन रिच फूड वितरित किया गया था, जो कि कुपोषण को दूर करने में सहायक है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से भी एक अभियान इस ब्लाक में चलाया गया था, जिसके चलते इस ब्लॉक में गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या कम है।
