विदेश भी खूबसूरत, लेकिन अपना देश सर्वश्रेष्ठ : कुलदीप पठानिया
घाना के अक्रा में 6 दिनों का राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन तथा 10 दिनों का स्पेन तथा स्विट्जरलैंड देशों का अध्ध्यन प्रवास संपन्न होने के पश्चात विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया कल ल्यूसर्न (स्विट्जरलैंड) से इस्तांबुल होते हुए नई दिल्ली पहुंचेंगे। स्वदेश वापसी की पूर्व संध्या पर पठानिया ने कहा कि आज दुनिया में पूरी तरह से तेजी से बदलाव हो रहा है। पठानिया ने कहा कि आज संपूर्ण विश्व विकास के शिखर की ओर अग्रसर है। आधुनिक तकनीक के प्रयोग ने दुनिया को रंगीन तथा स्वावलंबी बना दिया है। आज छोटे से छोटे देश ने भी तरक्की की नई उंचाईयां हासिल कर ली हैं। टेक्नोलोजी के दृष्टिगत भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को स्मरण करते हुए पठानिया ने कहा की वे एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्हाने वर्ष 1985-86 में टेक्नोलोजी युग की कल्पना की थी तथा विश्व में आने वाले बदलाव के प्रति भारत के तकनिकि विशेषज्ञ को भी सचेत किया था।
पठानिया ने कहा कि स्पेन तथा स्विट्जरलैंड जैसे छोटे-छोटे देशो ने भी नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल कर पर्यटन, सूचना एवं प्रोद्योगिकी तथा डेयरी फार्म जैसे सेक्टर में अविश्वसनीय कार्य किया है, जिसकी वजह से उन्होंने अपने देश की आर्थिकी को मजबूत किया है। पठानिया ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात हमारे देश ने भी अदभूत तरक्की की है लेकिन कूछ क्षेत्रो में हम अभी भी वह मुकाम हासिल नही कर पाये है, जिसकी हमने कल्पना की थी। हिमाचल का जिक्र करते हुए पठानिया ने कहा कि यहां कुदरत ने हमें बहुत कुछ दिया है, लेकिन हम इसका ठीक से दोहन नहीं कर पा रहे हंै। उन्होंने कहा कि हमें पर्यटन, ऊर्जा, वन तथा नकदी फसलों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, ताकि हम अपने प्रदेश को स्वावलंबी बना सकें। पठानिया ने देश तथा प्रदेशवासियों को नवरात्र की बधाई दी है।
