हिमाचल को देश का सबसे प्रगतिशील और समृद्ध राज्य बनाना सरकार का लक्ष्य : मुख्यमंत्री
हिमाचल सामाजिक निकाय महासंघ द्वारा आज नई दिल्ली में आयोजित स्वर्ण जयंती एवं हिमाचली मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
मुख्यमंत्री ने हिमाचलवासियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में प्रदेश की पहचान और संस्कृति को बनाए रखने के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य के तीव्र विकास के लिए गंभीरता से रणनीति बना रही है और कहा कि राज्य सरकार चार साल के भीतर राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने सरकार की दूरदर्शी नीतियों और कार्यक्रमों के कारण राज्य में सकारात्मक और रचनात्मक परिवर्तन देखने के लिए राज्य के बाहर रहने वाले हिमाचलियों को आने वाले वर्षों में राज्य का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले दस वर्षों में हिमाचल प्रदेश को देश के सबसे प्रगतिशील और समृद्ध राज्यों में से एक बनाने के लक्ष्य पर काम करेगी।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ने एक ऐसा बजट पेश किया है जो सभी क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित है, खासकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान पर। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कई अन्य पहल भी कर रही है जैसे सभी जिलों को हेलीपोर्ट से जोड़ना, कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार, सड़कों के काम में तेजी लाना। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा जिले में पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है और इस क्षेत्र में और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं लेकर आ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल 2026 तक 'ग्रीन स्टेट' बनने की ओर बढ़ रहा है और उन्होंने हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने के लिए सरकार के विजन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के माध्यम से राज्य में अनाथ बच्चों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए अनूठे कदम के अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा आदि को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की पहल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भूमि जोत में लड़कियों को अधिकार देकर महिलाओं को भी सशक्त बना रही है।
