कुनिहार: पुलिस पेंशनर की मांगों पर सरकार व पुलिस हेड क्वार्टर गंभीरता से विचार करके करें पूरा
रंजीत ठाकुर। कुनिहार
पुलिस पैनसर एसोसिएशन मुख्यालय कुनिहार द्वारा त्रैमासिक बैठक का आयोजन प्रधान धनीराम तंनवर की अध्यक्षता में चंदेल गेस्ट हाउस कंडा में किया गया, जहां सबसे पहले इस अवधि में जिन पुलिस पैनशर का निधन हुआ, उनकी आत्मा शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की गई। बैठक में पेंशनरों ने अपनी मुख्य मांगों पर सरकार व पुलिस विभाग द्वारा उन्हें पूरा करने का आग्रह किया। मुख्य मांगों की जानकारी देते हुए धनीराम तनवर ने बताया कि बढ़ी हुई पेंशन का एरियर 2016 से नगद एकमुश्त में पुलिस पैनसर को जल्द अदा किया जाए, ताकि जीते-जी उसका लाभ प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री द्वारा जल्द ही जेसीसी मीटिंग प्रदेश पैनसर एसोसिएशन के साथ रखी जाए, ताकि पुलिस पेंशनर एसोसिएशन के डेली गेट भी अपनी मांगों को उनके समक्ष रख सके।
क्योंकि हमारी एसोसिएशन भी प्रदेश पेंशनर एसोसिएशन के साथ भागीदार है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन कई बार पुलिस मुख्यालय व सरकार से लिखित तौर पर मांग कर चुकी है कि अगर पुलिस पेंशनर के निधन होने पर नियमानुसार अंतिम सम्मान प्रदान करना है, तो आदेश को ध्यान में रखते हुए ठीक तरह से प्रदान करें न कि पेंशनर का मजाक उड़ाया जाए। जैसा कि पूरे प्रदेश में देखने में आया है कि अपनी मर्जी के मुताबिक किसी जिला में तो 1, 4 की गार्द अंतिम सम्मान के लिए भेजी जाती है। कहीं पर सूचना मिलने के बावजूद भी कोई कर्मचारी अंतिम संस्कार में नहीं जाता कहीं पर अगर जाता भी है, तो अधूरा आदेश का पालन किया जाता है और न ही हमारी मांग के मुताबिक इस आदेश को किसी थाना के नोटिस बोर्ड पर भी नहीं लगाया गया है।
हाल ही में एक रिटायर एसआई की गांव गढखल में मृत्यु होने पर और थाना कसौली में सूचना देने पर भी कोई एनजीओ या पुलिस कर्मचारी वहां नहीं गया। इस प्रकार का भद्दा मजाक बंद किया जाए। इस अंतिम सम्मान को हमने फौजी पेंशनर के निधन होने पर जो उनके अधिकारियों द्वारा प्रदान किया जाता है, उसकी तर्ज पर प्रदेश सरकार व पुलिस विभाग द्वारा मांग की थी, मगर जब कोई सुनवाई न हुई, तो एसोसिएशन ने तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह से लिखित मांग उठाई थी, जिन्होंने प्रदेश के मुख्य सचिव को कार्रवाई करने के आदेश दिए थे, जिसके कारण यह अंतिम सम्मान प्रदान करने का लिखित आदेश पुलिस महानिदेशक ने सभी जिला के पुलिस अधीक्षक को अमल करने के लिए दिया था, जिसकी कॉपी एसोसिएशन के पास भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि अगर हमारी इस मांग पर कोई गंभीरता से निर्णय लिया जाता है, तो उसकी कॉपी सूचना हेतु एसोसिएशन को भी दी जाए। इसके अलावा काफी समय से मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण वृद्ध अवस्था में पेंशनर को अपना इलाज कराने में मुश्किल आ रही है।
एसोसिएशन पुलिस कर्मियों की मांगों पर भी गंभीरता से विचार करने का आग्रह करती है कि उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाए, ताकि वह अपने कर्तव्य को निष्ठा से पूरा कर सकें। एसोसिएशन काफी वर्षाें से सरकार व पुलिस विभाग से मांग कर रही है कि फौजी तर्ज पर पुलिस भर्ती में भी पुलिस के कर्मचारियों व पुलिस पेंशनरों के बच्चों को कुछ सीटें आरक्षित रहनी चाहिए।एसोसिएशन को पहले भी आईजी वेलफेयर द्वारा मीटिंग के दौरान शिमला में कहा गया था कि यह विभाग के हाथ में नहीं है, तो उस वक्त भी हमने कहा था कि विभाग को केस सरकार से उठाना चाहिए, जो आज तक इस पर कुछ नहीं किया गया। बैठक में एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि पुलिस भर्ती लीक मामला बहुत ही दुखद है।
क्योंकि कुछ शरारती तत्वों की वजह से हजारों युवाओं को अपने भविष्य की चिंता सता रही है कि उन्हें बार-बार टेस्ट देना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने इसकी गहनता से जांच करने की मांग की है। इस बैठक में श्यामलाल भाटिया, आशा राणा, बीना देवी, रूप राम ठाकुर, सतपाल शर्मा, सुचानंद ठाकुर, दीप ठाकुर, संतराम चंदेल, ओम प्रकाश, मदन लाल शर्मा, जगदीश चौहान, पतराम पवरं व वेद प्रकाश ठाकुर मौजूद रहे।
