कुल्लू : सरकार ने कार्टन व ट्रे पर जीएसटी 12 से बढ़ाकर 18 फीसदी करके सेब बागवानों की टुटी कमर-हरी चंद

आलाेक। कुल्लू
हिमाचल की अर्थव्यवस्था को सेब बागवानी से 4500 करोड़ का मुनाफा होता, परंतु अफसोस की बात है कि न तो प्रदेश सरकार द्वारा सेब बागवानी को और बढ़ावा दिए जाने में और प्रयास किए जा रहे हैं। उलट जन समस्याओं का सामना प्रदेश के बागवान कर रहे हैं, उनको हल करने के लिए भी प्रदेश सरकार का रवैया उदासीन है। अब सरकार ने कार्टन व ट्रे पर जीएसटी 12 से 18 फ़ीसदी करके जैसे सेब बागवानों की कमर ही तोड़ दी है।पहले भी सरकार द्वारा सबसिडी दोनों प्रकार की दबाइयों पर मिलने वाली कीटनाशक और फफूंद नाशक की सप्लाई बंद कर दी। खाद, स्प्रे ऑयल के दाम में भी वृद्धि की गई। ट्रकों का भाड़ा भी निरंतर आसमान छू रहा है।
मनाली विधानसभा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा की महंगाई हर तरह से बढ़ रही है, जिस का स्पष्ट प्रभाव सेब बागवानों पर स्पष्ट दिख रहा है, परंतु प्रदेश सरकार कोई भी कदम बागवानों के लिए उठाने को तैयार नहीं है। अगर प्रदेश सरकार बागवानों के हितों को लेकर आंखें मूंदकर ही बैठना प्रदेश के बागवानों के हित में नहीं है। पिछले कुछ वर्षाें से सेब की बागवानी से संबंधित खर्च में जिस तरह से बेतहाशा वृद्धि हुई है, उस तरह से सेब के दाम बागवानों को मिल नहीं रहे हैं। सरकार को सेब बागवानी से संबंधित नीति का निर्माण कर शीघ्र समाधान करना चाहिए, जिससे सेब बागवानी को बल मिले। सरकार की नीति अगर यूं ही शिथिल रही, तो मनाली कांग्रेस शीघ्र ही सड़कों पर बागवानों के समर्थन में उतरेगी।