हिमाचल: बारिश-बर्फबारी से लुढ़का पारा, 7-8 अप्रैल को ओलावृष्टि का अलर्ट
शनिवार को हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली। ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे लाहौल-स्पीति, किन्नौर और भरमौर-पांगी में जहां बर्फबारी हुई, वहीं निचले इलाकों शिमला, कुल्लू और कांगड़ा में बारिश के साथ ओले गिरे। भारी बर्फबारी के कारण मनाली से आगे धुंधी क्षेत्र में हजारों पर्यटक कई घंटों तक फंसे रहे, जिन्हें बाद में सुरक्षित निकाला गया। रोहतांग दर्रा और आसपास के इलाकों में अच्छी-खासी बर्फ जमा हो गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने एहतियात के तौर पर सामान्य वाहनों को सोलंगनाला तक ही रोका, जबकि केवल 4x4 वाहनों को अटल टनल रोहतांग की ओर जाने की अनुमति दी गई।
इस खराब मौसम का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा। पांगी घाटी के कई गांवों में बिजली बाधित रही, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ताबो में न्यूनतम तापमान शून्य के करीब पहुंच गया, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी तापमान में कई डिग्री की गिरावट आई। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि मौसम अभी और बिगड़ सकता है। रविवार के लिए येलो अलर्ट और 7–8 अप्रैल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इस बीच, ओलावृष्टि से गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान होने की आशंका भी बढ़ गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
वहीं ताबो में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि ऊना में 33 डिग्री सेल्सियस रहा। शिमला के तापमान में -0.9, सुंदरनगर में -1.8, भुंतर में -2.8, कल्पा में -6.5, धर्मशाला में -2.0, ऊना में -2.4, नाहन में -1.7, सोलन में -5.0, मनाली में -3.8 और कांगड़ा में -3.0 गिरावट रही।
