केंद्र सरकार ने दी बड़ी राहत, पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये लीटर घटाई
ईरान युद्ध के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटा दी है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दी है। अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है। इससे फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे।
यह कटौती ईरान युद्ध के बीच तेहरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर लगाए गए ब्लॉकेड के कारण ग्लोबल एनर्जी संकट के बीच की गई है, जिसके जरिये दुनिया के क्रूड ऑयल और गैस सप्लाई का पांचवां हिस्सा – हर दिन 20 से 25 मिलियन बैरल – भेजा जाता है। सरकार ने यह कदम पेट्रोलियम कंपनियों को राहत देने के लिए उठाया है, जो वर्तमान में उच्च दामों पर कच्चा तेल खरीद रही हैं। ईरान युद्ध के कारण ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल पहुंच गया है, जो हाल ही में $119 प्रति बैरल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच देश में ईंधन को लेकर मारा-मारी देखने को मिल रही है। देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई पेट्रोल पंपों पर नो स्टॉक का बोर्ड देखा गया। हालांकि, सरकार का कहना है कि भारत में कच्चे तेल का प्रर्याप्त भंडार है। देश भर में किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि उसके पेट्रोल पंप पूरी तरह से भरे हुए हैं और सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने भी ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है।
वहीं नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। कंपनी ने इनपुट लागत में बढ़ोतरी को इसका कारण बताया है। नायरा एनर्जी देश भर में 6,967 पेट्रोल पंप का संचालन करती है। देश में ईंधन कंपनियों पर दबाव है क्योंकि 28 फरवरी से कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर हैं।
