हिमाचल देशभर समेत हिमाचल प्रदेश में भी आज धूमधाम से दशहरा पर्व मनाया जा रहा है। शाम के समय प्रदेशभर में रावण दहन किया जाएगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश का एक ऐसा जिला भी हैं,जहां पर रावण दहन नहीं होगा। प्रदेश के बाकी शहरों की तरह यहां पर जिला स्तरीय दशहरा उत्सव नहीं मनाया जाता है और न ही यहां पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर शहर में दशहरा पर्व नहीं मनाया जा रहा है और न ही यहां पर विजयदशमी का उत्सव मनाने को लेकर कोई तैयारी की गई है। पिछले 3 सालों से यहां पर दशहरे का त्योहार नहीं मनाया जाता है। हालांकि हमीरपुर शहर में राम नाटक क्लब द्वारा भव्य रामलीला का आयोजन किया जाता है, लेकिन यहां पर रावण दहन नहीं किया जाता है। शहरवासियों ने यहां भी दशहरा पर्व मनाने की प्रशासन से अपील की है। दरअसल हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश हैं कि स्कूल के मैदानों में सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो सकते हैं, जिसके चलते हमीरपुर शहर में पिछले तीन सालों से रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले नहीं जलाए जाते हैं। हमीरपुर में दशहरा उत्सव स्कूल मैदान में मनाया जाता था। ऐसे में हाईकोर्ट के फैसले के बाद से स्कूल मैदान में दशहरा उत्सव नहीं मनाया जा रहा है। वहीं, शहर के व्यापारियों और लोगों का कहना है कि हमीरपुर में भी अन्य शहरों की तरह दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाना चाहिए। दशहरा कमेटी हमीरपुर के पूर्व प्रधान दीप बजाज का कहना है, "हमीरपुर शहर में दशहरे का सबसे बड़ा पर्व मनाया जाता था। तीन सालों से अब तक हाईकोर्ट के आदेशों के बाद बाल स्कूल के मैदान में गतिविधियां नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही बाल स्कूल मैदान में कोरियन ग्रास लगाए जाने से भी मैदान में कोई कार्यक्रम नहीं हो पा रहा है। हमीरपुर शहर के लोगों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि हमीरपुर में भी दशहरे का आयोजन किया जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश में अब तय समय अवधि ही नहीं, परीक्षा परिणाम भी शिक्षकों की पदोन्नति का आधार बनेगा। कम परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों की एसीआर में निगेटिव टिप्पणी भी लिखी जाएगी। प्रदेश सरकार ने पदोन्नति और एसीआर से जुड़ी पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। लगातार प्रदर्शन में गिरावट आने पर शिक्षकों की वेतन वृद्धि भी रोकी जाएगी। प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा देने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विभागीय अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। अभी तक एसीआर में नकारात्मक टिप्पणी करने का प्रावधान नहीं था। इस वर्ष से पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए नए प्रावधान कर दिए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश का प्रदर्शन लगातार कम होता जा रहा है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे में देश में हिमाचल 21वें स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश की गिनती कुछ वर्ष पहले तक टॉप तीन राज्यों में हाेती थी। सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में भी बड़ी कमी आई है। बीते दो दशकों में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में 5 लाख से अधिक की कमी आई है। इस कारण प्रदेश में बीते दिनों 500 से अधिक स्कूलों को मर्ज भी करना पड़ा है। इन कमियों को दूर करते हुए अब सरकार ने शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए कड़े फैसले लिए हैं। इसी कड़ी में पदोन्नति को परीक्षा परिणाम के साथ जोड़ा गया है। अब पदोन्नति सिर्फ तय समय अवधि पूरी करने पर ही नहीं मिलेगी। परीक्षा परिणाम को भी आंका जाएगा। इसके अलावा शिक्षकों की एसीआर में भी कम परिणाम को दर्ज किया जाएगा। निगेटिव टिप्पणियां भी अब एसीआर में की जाएंगी। बीते दिनों ही स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के नतीजों में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले 116 स्कूलोंं के 250 शिक्षकों को नोटिस जारी हुए हैं। इन प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) को इस बार वार्षिक इंक्रीमेंट नहीं मिलेगी। कुल 116 स्कूलों में 30 स्कूल ऐसे भी हैं, जहां परीक्षा परिणाम शून्य रहा है। भविष्य में इस तरह के परिणाम ना आए, इसके लिए शिक्षकों को सतर्क करने के लिए पदोन्नति और एसीआर से परीक्षा परिणाम को जोड़ा गया है।
** 33 लाख से निर्मित स्वाखरी पंचायत भवन जनता को समर्पित **बोले, सुक्खू सरकार हर मोर्चे पर नाकाम, बदले की भावना से कर रही काम विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने स्नोरघाटी की ग्राम पंचायत स्वाखरी में 33 लाख की लागत से नवनिर्मित भवन का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया। इस दौरान क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व की जय राम सरकार के समय में स्वाखरी नई पंचायत बनाई गई, जिसके भवन निर्माण को लेकर तैंतीस लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया था। आज नया भवन जनता को लोकार्पित किया गया है, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय जनता को बेहतर सुविधा मिलेगी। यहां विकास कार्यों को गति देने के लिए माकूल बजट प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अपने कार्यकाल में प्रदेश को नई दिशा दी है। मंडी जिला विकास के मामले में अग्रणी रहा है, जबकि सुक्खू सरकार अब बदले की भावना से कार्य कर रही है। यहां खोले गए संस्थान बंद कर जनता के साथ भेदभाव किया जा रहा है। प्रदेश सरकार का दो साल का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। मंडी जिला को फूटी कौड़ी की सौगात नहीं मिल पाई है। बरसात में हुई भीषण आपदा में पीड़ित परिवारों को राहत राशि मिलना तो दूर कुशलक्षेम जानने तक मुख्यमंत्री समय नहीं दे पाए हैं। मुख्यमंत्री हर मोर्चे पर नाकाम साबित हुए हैं। ऐसी जनविरोधी सरकार को सत्ता से बेदखल करने का मन अब प्रदेश की जनता बना चुकी है। इस दौरान द्रंग भाजपा मंडल अध्यक्ष मेहर चंद भारती, महामंत्री राज ठाकुर, स्थानीय पंचायत प्रधान नर्वदा देवी, टिक्कर पंचायत प्रधान वंदना भंडारी, पलसेहड़ पंचायत प्रधान भूप सिंह, उप प्रधान केसर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
** तैयारियों को लेकर एसडीएम ने लीअधिकारियों की बैठक पधर: आपदा जोखिम न्यूनीकरण अंतरराष्ट्रीय दिवस के अंतर्गत 14 अक्तूबर सोमवार को नेता जी सुभाष चंद्र मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पधर के प्रांगण में उपमंडल स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियों को लेकर गुरुवार को एसडीएम सुरजीत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि एक से 15 अक्तूबर तक आपदा जोखिम न्यूनीकरण अंतरराष्ट्रीय दिवस (समर्थ) मनाया जा रहा है। इस माॅक ड्रिल का उद्देश्य भूकंप जैसी प्राकृतिक घटना घटित होने पर राहत व बचाव के संबंध में त्वरित उठाए जाने वाले विभिन्न प्रभावी कदमों की तैयारियों को सुनिश्चित करना है। ताकि इस प्रकार की आपदा के समय में प्रभावित लोगों के बचाव के संबंध में समय रहते प्रभावी कदम उठा जान माल के नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की आपदा के समय सबसे पहले स्थानीय लोग ही मौके पर पहुंचते है। इसलिए आम लोगों का आपदा के प्रति जागरूक होना अति आवश्यक है। यदि आम लोग आपदा के प्रति जागरूक होंगे तो आपदा के समय होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में समर्थ अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। ताकि लोगों को आपदा से बचाव व आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने माॅक ड्रिल के सफल आयोजन को लेकर संबंधित विभागाध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
** नशे से बचने के लिए खेलकूद और सामाजिक क्रियाकलापों में हिस्सा लें युवा: राकेश चंदेल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उरला में सात दिवसीय एनएसएस विशेष शिविर गुरुवार को शुरू हुआ। शुभारंभ अवसर पर सेवानिवृत्त अधिशाषी अभियंता राकेश चंदेल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। प्रधानाचार्य संजीव ठाकुर ने मुख्य अतिथि को सम्मानित करने उपरांत विशेष शिविर में सात दिन तक आयोजित की जाने वाली गतिविधियों बारे ब्यौरा प्रस्तुत किया। शिविर में कुल पच्चीस स्वयंसेवी छात्र छात्रा हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान मुख्य अतिथि राकेश चंदेल ने स्वयंसेवकों से पूरी तन्मयता के साथ विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। चरित्र निर्माण पर बल देते हुए कहा की आज के दौर में युवा वर्ग को नशे के चंगुल से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे जैसी बुराइयों से बचने के लिए खेलकूद और सामाजिक क्रियाकलापों में दिलचस्पी लेना बेहद अनिवार्य है। उन्होंने स्वच्छ भारत तथा भारत निर्माण में एक स्वयंसेवी की भूमिका बारे जागरूक किया। प्रधानाचार्य संजीव ठाकुर ने एनएसएस की आज के दौर में उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी स्वयंसेवकों को दी। एनएसएस प्रभारी पंकज कुमार प्रवक्ता भौतिक शास्त्र व बंता देवी प्रवक्ता हिंदी ने इस सात दिवसीय शिविर की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विशेष शिविर में स्वयंसेवकों द्वारा एनएसएस वाटिका का सरंक्षण, आयुष केंद्र परिसर, बाजार, प्राकृतिक पेयजल स्त्रोत और वन विश्राम गृह परिसर की साफ सफाई के साथ अन्य क्रियाकलाप किए जाएंगे। इस दौरान एसएमसी प्रधान भूप सिंह धरवाल, शिक्षक और गैर शिक्षक वर्ग सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने बिजली सब्सिडी का युक्तिकरण किया है। उद्योगों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी खत्म करने से सरकार अपने खजाने को ब्रीदिंग स्पेस देना चाहती है, लेकिन इससे उद्योगपति नाराज हो गए हैं। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का दावा है कि सब्सिडी खत्म करने के बावजूद हिमाचल में उद्योगों को पड़ोसी राज्यों से सस्ती बिजली मिल रही है। वहीं,उद्योगपति इस दावे से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि बिजली पड़ोसी राज्यों से महंगी है। इसे लेकर भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में ऊर्जा सचिव राकेश कंवर से भी मुलाकात की है। ऊर्जा सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि हिमाचल व पड़ोसी राज्यों की बिजली दरों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। साथ ही इस मामले को सीएम सुक्खू के समक्ष रखा जाएगा। अगले हफ्ते इस मामले में फिर से सीआईआई के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। हिमाचल प्रदेश को देश का उर्जा राज्य कहा जाता है। हिमाचल प्रदेश बैंकिंग सिस्टम के जरिए देश के अन्य राज्यों को बिजली सप्लाई करता है। राज्य में पांच नदियां ऐसी हैं, जो बारहमासी हैं। हिमाचल में 24 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है, लेकिन अभी तक 11209 मेगावाट जल विद्युत ही उत्पादन हो रहा है। राजस्व की बात की जाए तो हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 2023-24 में बिजली उत्पादन से 1434 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया है। हिमाचल में उद्योग जगत सबसे बड़ा बिजली का उपभोक्ता है। उद्योग जगत में 2023-24 में 6382.64 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई। ये कुल बिजली खपत का 58.26 फीसदी है। ये आंकड़ा दिसंबर 2023 तक का है। यानी उद्योगों को सबसे अधिक बिजली दी जाती है। राज्य सरकार उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए बिजली पर सब्सिडी प्रदान करती है। राज्य सरकार ने इस सब्सिडी का युक्तिकरण किया है। उसके बाद से बिजली महंगी हुई है। सरकार का तर्क है कि बिजली में सब्सिडी से सरकार के खजाने पर सालाना 900 करोड़ रुपए का बोझ पड़ता है। सीएम सुक्खू का कहना है कि राज्य सरकार ने उद्योगों को दी जाने वाली विद्युत सब्सिडी का युक्तिकरण किया है। सीएम का दावा है कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में हिमाचल में उद्योगों को सस्ती दर पर पावर सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 33 केवी (किलोवाट) से 220 केवी तक की वोल्टेज आपूर्ति वाले बड़े उद्योगों को पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड की तुलना में एक रुपए प्रति यूनिट से अधिक सस्ती दर पर बिजली दी जाएगी। सीएम का कहना है कि राज्य में केवल 159 इंडस्ट्रियल यूनिट्स हैं, जिन्हें 33 केवी से 220 केवी तक बिजली की आपूर्ति की जरूरत है। आंकड़ों के अनुसार हिमाचल में 33 केवी से 220 केवी तक वोल्टेज आपूर्ति के बड़े उद्योगों के अलावा 11 केवी और 22 केवी की वोल्टेज आपूर्ति वाले 2,011 उद्योग है। इन यूनिट्स को भी पड़ोसी राज्यों की तुलना में एक रुपए प्रति यूनिट से अधिक सस्ती दर पर बिजली दी जा रही है। इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने विद्युत शुल्क को 16.5 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। राज्य में कुल 31,298 लघु और मध्यम उद्योग इकाइयां हैं। इन्हें पहले की तरह ही सब्सिडी मिलती रहेगी। हिमाचल प्रदेश में सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना आदि जिलों में सबसे अधिक उद्योग हैं। यहां के उद्योगपति सरकार के बिजली सब्सिडी खत्म करने के फैसले से खुश नहीं हैं। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के निर्वाचन क्षेत्र हरोली में बल्क ड्रग पार्क का निर्माण होना है। यहां हरोली ब्लॉक इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने बिजली सब्सिडी की बहाली की मांग उठाई है। एसोसिएशन के पदाधिकारी राकेश कौशल का कहना है कि ऊना के टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र की नौ इंडस्ट्रियल यूनिट्स जो 33 केवी से 220 केवी की खपत वाली हैं, पर अनुदान खत्म होने से 14 करोड़ रुपए सालाना का बोझ पड़ेगा। यदि सब्सिडी बहाल न हुई तो तालाबंदी कर पलायन की नौबत आ जाएगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश स्टील इंडस्ट्री एसोसिएशन के मुखिया मेघराज गर्ग का कहना है कि राज्य सरकार ने दो साल में बिजली की दरों में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। एसोसिएशन के महासचिव राजीव सिंघल का कहना है, हिमाचल में पंजाब के मुकाबले पचास पैसे प्रति यूनिट अधिक रेट है। पंजाब, हरियाणा व जेएंडके सहित उत्तराखंड से अधिक दरें अब हिमाचल की हैं। वहीं, राज्य सरकार के ऊर्जा सचिव राकेश कंवर का कहना है कि पड़ोसी राज्यों की दरों के साथ हिमाचल की दरों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों से साथ फिर से बैठक की जाएगी। उद्योग जगत का कहना है कि हिमाचल में एक रुपए सब्सिडी खत्म होने के बाद बिजली पड़ोसी राज्यों से यहां बिजली महंगी हो गई है। वहीं, सरकार का दावा है कि बिजली अभी भी पड़ोसी राज्यों से सस्ती है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो हिमाचल प्रदेश में अभी बिजली सब्सिडी खत्म करने के बाद 66 केवी उपभोग वाली इंडस्ट्रियल यूनिट्स को 7.70 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। ये दरें एक रुपए प्रति यूनिट की सब्सिडी खत्म होने के बाद की हैं। वहीं, इससे पहले 31 मार्च 2023 को ये दर 5.29 पैसे प्रति यूनिट थी। इसमें लोड फैक्टर का भी हिसाब होता है। वहीं, 220 केवी उपभोग करने वाले उद्योगों को अब 7.58 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। ये पहले 5.19 पैसे प्रति यूनिट थी। वहीं, जेएंडके में ये दर 5.37 पैसे प्रति यूनिट, हरियाणा में 6.76 पैसे प्रति यूनिट व पंजाब में 7.45 पैसे प्रति यूनिट है। ये आंकड़े 24 सितंबर को दरें बढ़ाने के बाद के है। फिलहाल अब उद्योगपतियों को अगले हफ्ते ऊर्जा सचिव के साथ मीटिंग का इंतजार है। राज्य सरकार का दावा है कि सब्सिडी खत्म होने के बाद उसे सालाना अधिकतम 600 करोड़ रुपए बचेंगे। अभी राज्य सरकार सभी उद्योगों को बिजली सब्सिडी पर 900 करोड़ सालाना खर्च कर रही है। इसमें से छोटे यूनिट्स को सब्सिडी जारी है और उनकी बिजली ड्यूटी भी घटाई गई है।
हिमाचल प्रदेश में देहरा में आयोजित हुए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद सरकार और कर्मचारियों के बीच में तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। आजादी के महापर्व के दिन डीए और संशोधित वेतनमान के एरियर के भुगतान की घोषणा न होने से प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने वाले कर्मचारी सरकार से नाराज चल रहे हैं। विभिन्न कर्मचारी महासंघ सरकार से बार-बार डीए और एरियर के भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया है। वहीं, सीएम सुक्खू ने स्वस्थ होने के बाद से सचिवालय में अब अपना रूटीन का कार्य संभाल लिया है, जिस पर कर्मचारियों ने सीएम को वार्ता के लिए बुलाए जाने के लिए दो दिन का समय दिया था, जो अब पूरा हो गया है, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी परिसंघ ने 15 अक्टूबर को जनरल हाउस बुला लिया है। इस दिन फिर से अब सुक्खू सरकार पर कर्मचारियों का गुबार उतरेगा। हिमाचल प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर सचिवालय कर्मचारियों ने 21 और 23 अगस्त को जनरल हाउस बुलाया था, जिसमें सरकार को विधानसभा के मानसून सत्र समाप्त होने के बाद डीए और एरियर के भुगतान किए जाने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन कर्मचारियों को सरकार के खिलाफ भाषणबाजी करने पर नोटिस जारी किए गए। यही नहीं कैबिनेट मंत्री के खिलाफ बोलने पर प्रिविलेज मोशन भी लाया गया है। ऐसे में सीएम के साथ वार्ता से पहले कर्मचारी प्रिविलेज मोशन और नोटिस को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं। इस पर भी सरकार की तरफ से कोई फैसला अभी तक नहीं लिया गया है। ऐसे में नाराज चल रहे कर्मचारियों के सब्र का बांध फिर से टूट गया है, जिसके बाद अब 15 अक्टूबर को सचिवालय परिसर में कर्मचारियों का जनरल हाउस होगा। ऐसे में सीएम सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की मुश्किलें फिर से बढ़ सकती हैं। हाल ही में सचिवालय में कर्मचारियों की बैठक हुई थी। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी परिसंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई, मीटिंग अब 15 अक्टूबर को जनरल हाउस करने का फैसला लिया गया है। ये जनरल हाउस सचिवालय परिसर में दोपहर बाद 1.30 होगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन भी जुटेंगे। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी परिसंघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना है,15 अक्टूबर को जनरल हाउस बुलाया गया है। कर्मचारियों के डीए और एरियर के भुगतान को लेकर भी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। इसके अलावा पेंशनर्स को इस महीने 9 तारीख को पेंशन जारी की गई पिछले महीने सितंबर में कर्मचारियों को भी वेतन 5 तारीख को दिया गया। वहीं पेंशनर्स के खाते में भी 10 तारीख पेंशन डाली गई थी। इसलिए अब जनरल हाउस बुलाया गया है, जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को उनके 62वें जन्मदिवस पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अग्निहोत्री की दीर्घ आयु तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की है। उन्होंने मुकेश अग्निहोत्री के समर्पण भाव के साथ प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुकेश अग्निहोत्री इसी प्रकार भविष्य में भी प्रदेश के विकास और कल्याण में प्रतिबद्धता से अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे।
पधर: राजकीय महाविद्यालय द्रंग स्थित नारला में डॉ. कल्याण चंद मंढोत्रा ने प्राचार्य के रूप में पदभार संभाला। डॉ. मंढोत्रा इससे पहले महाविद्यालय में संगीत विषय के प्रध्यापक रहे हैं। महाविद्यालय में बतौर प्राचार्य कार्यभार संभालने उपरांत उन्होंने अध्यापकों, कर्मचारियों, और छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कॉलेज को एक उत्कृष्ट शैक्षिक संस्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। विद्यार्थियों को शैक्षिक, नैतिक और सामाजिक रूप से विकसित करना मूल उद्देश्य रहेगा,जिससे युवा वर्ग आत्मनिर्भर और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बन सके। उन्होंने कहा कि वे पहले से ही द्रंग कॉलेज के साथ जुड़े हैं। तीन वर्ष तक इसी कॉलेज में कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में कार्य करने का अनुभव रहा है।उन्होंने सभी शिक्षक और गैर शिक्षक वर्ग से आह्वान किया कि आपसी तालमेल और समन्वय के साथ कार्य करते हुए कॉलेज को एक आदर्श कॉलेज बनाने के लिए भरपूर सहयोग दें।
** 47 चयनित उम्मीदवारों की सूची हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग में प्रवक्ता (स्कूल न्यू) वाणिज्य के पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग ने लिखित वस्तुनिष्ठ और विषय योग्यता परीक्षा के बाद दस्तावेज सत्यापन में उनके प्रदर्शन के आधार पर योग्यता के क्रम में 47 उम्मीदवारों की सूची प्रवक्ता वाणिज्य पदों पर नियुक्ति के लिए अनुशंसित की है। अनुशंसित उम्मीदवारों की अंतिम नियुक्ति हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से उनके दस्तावेजों/प्रमाणपत्रों के सत्यापन के अधीन है। भर्ती परिणाम आयोग ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड़ कर दिया है।
** इस महीने 93 फीसदी कम बरसे बादल हिमाचल प्रदेश में आगामी छह दिनों तक माैसम साफ रहने के आसार हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आज मध्य व उच्च पर्वतीय स्थानों पर कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। 10 से लेकर 15 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश में माैसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। आज मंडी, शिमला व सिरमाैर जिले में एक-दो स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। प्रदेश की राजधानी शिमला में भी आज हल्के बादल छाए हुए हैं। मानसून सीजन में 1 से 9 अक्तूबर तक राज्य में सामान्य से 93 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि के दाैरान बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, किन्नाैर, कुल्लू, लाहाैल-स्पीति, शिमला, सिरमाैर व सोलन में बारिश हुई ही नहीं। कांगड़ा में सामान्य से 92, मंडी 48 व ऊना में 8 फीसदी कम बारिश हुई।
पधर: चौहारघाटी की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थलटूखोड़ के खिलाड़ी छात्रों ने राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में सराहनीय प्रदर्शन कर स्कूल के साथ-साथ मंडी जिला का नाम रोशन किया। अंडर-19 छात्र वर्ग राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता जिला सिरमौर के पांवटा साहिब क्षेत्र की पीएम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तरूवाला में आयोजित की गई, जिसमें स्कूल के आठ खिलाड़ियों ने ठोडा (पारंपरिक लोक खेल ) में जिला मंडी का प्रतिनिधित्व करते हुए एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक हासिल किए। स्कूल के प्रधानाचार्य राम लाल ने कहा कि खिलाड़ी तन्मय ने 58 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण, सतीश ने 61, सागर ने 52, मनोज ने 64 और साहिल ने 73 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक हासिल किए,जबकि सौरभ ठाकुर ने 46, सागर ने 49 और लक्की ठाकुर ने 55 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किए। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ी छात्रों का प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन रहा, जिसके लिए प्रधानाचार्य और स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष ओम प्रकाश ठाकुर ने सभी खिलाड़ी छात्रों और शारीरिक अध्यापक सुनील कुमार को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
** वन परिक्षेत्र टिक्कन के सौजन्य से दो दिवसीय सेमिनार आयोजित वन परिक्षेत्र टिक्कन के सौजन्य से चौहारघाटी की पशाकोट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरोट में वन्य प्राणी सप्ताह कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली विद्यार्थियों को क्षेत्रीय भृमण करवा कर वन्य प्राणी सह अस्तित्व को बढ़ावा देने और वन प्राणियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता बारे विस्तृत जानकारी दी गई। जागरूकता सेमिनार में कक्षा नवीं से बाहरवीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। सेमिनार में विभागीय वन खंड अधिकारी राम लाल, वन रक्षक जोगिंदर सिंह, प्रदीप कुमार, अनिल कुमार और प्यार चंद ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए वनों के साथ वन्यजीवों की उपस्थिति अनिवार्य है। हमें पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उनके लिए पानी और भोजन का ध्यान रखना चाहिए। विद्यार्थियों ने इस दौरान जागरूकता रैली निकाल कर पर्यावरण और वन्य जीवों के संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान पाठशाला प्रधानाचार्य राज कुमार ठाकुर, प्रवक्ता जीव विज्ञान डॉ. संजय कुमार, कृष्ण सिंह ठाकुर और व्यवसायिक प्रशिक्षक अभिषेक वर्मा सहित अन्य स्कूल स्टाफ भी मौजूद रहा।
**चोटियों पर बर्फबारी की संभावना हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम बिगड़ने के आसार हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर 8 से 10 अक्तूबर तक बारिश का पूर्वानुमान है। इस दाैरान चोटियों पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। इसके बाद 11 अक्तूबर से पूरे प्रदेश में माैसम साफ रहने के आसार हैं। उधर, मैदानी भागों में माैसम साफ रहने से पारा और चढ़ने के आसार हैं। आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में धूप खिलने के साथ हल्के बादल छाए हुए हैं।
** मुख्यमंत्री बोले, राज्य के टैक्सों से उगाही करके ही केंद्र के पास आता है पैसा, खैरात नहीं बांट रहे **कहा, नड्डा कांग्रेस से गए नेता की सलाह लेना बंद करें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान पर पलटवार किया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीते दिनों बयान दिया था कि केंद्र यदि मदद न करे तो एक दिन भी हिमाचल की सरकार नहीं चल सकती। इस पर सीएम सुक्खू ने कहा कि नड्डा को जानकारी होनी चाहिए कि हम संघीय ढांचे में रहते हैं। उस संघीय ढांचे में हिमाचल भी एक राज्य है। राज्य के टैक्सों से उगाही करके ही केंद्र के पास पैसा आता है। वो खैरात नहीं बांट रहे, हिमाचल के लोगों का हक है। रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट, सेंट्रल स्टेट टैक्स का शेयर भी हमारा हक है। इस तरह की बातें उन्हें(नड्डा) शोभा नहीं देतीं। सुक्खू ने कहा कि नड्डा के आजकल जो सलाहकार बने हैं वो कांग्रेस में भी रहे हैं। उनकी सलाह से बचकर रहेंगे तो अच्छा ही रहेगा। जिस प्रकार पूर्व भाजपा सरकार ने हेल्थ सेक्टर को नुकसान पहुंचाया, उसे उभारने में समय लगेगा। हमारी सरकार व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से एक वर्ष के भीतर इन संस्थानों को मजबूत करेगी। दो वर्ष में हमीरपुर काॅलेज, चंबा व नाहन व नेरचाैक काॅलेज के लिए पैसा दिया गया। नड्डा जी को ऐसा बयान शोभा नहीं देता, वो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी है। टॉयलेट सीट टैक्स मामले को लेकर सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगाया गया है। अभी तक न तो जनता से पानी का शुल्क लिया गया है, न टॉयलेट सीट शुल्क लिया गया है। किसी की बिजली सब्सिडी बंद नहीं की है। हरियाणा चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से ऐसी बातें की जा रही हैं। कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई, इसके चलते इसमें गिरावट आई। हमारी सरकार इन परिस्थितियों से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस दिशा में सरकार आईजीएमसी व टांडा मेडिकल काॅलेज में डाॅक्टर-मरीज व नर्स-मरीज अनुपात विश्वस्तरीय करने जा रही है। इसके लिए 400 पद स्टाफ नर्स के स्वीकृत किए हैं। डाॅक्टरों की भी भर्ती की जा रही है। इस दाैरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल व सीपीएस संजय अवस्थी भी माैजूद रहे।
**किसी और एजेंसी से जांच की उठाई मांग पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू सहित 10 पुलिस अफसरों के खिलाफ प्रताड़ना के आरोप से संबंधित मामले में सीआईडी ने जांच करने से इन्कार कर दिया है। सीआईडी ने इस बारे में पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि यह जांच किसी अन्य जांच एजेंसी से कराई जाए। हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय को लिखे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस मामले के आरोपितों में एक आरोपी अधिकारी सीआईडी में सेवारत है। लिखे पत्र में इसके अलावा भी सीआईडी ने जांच न करने के कई कारण बताए हैं। सीआईडी की तरफ से लिखा गया है कि निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए इस मामले की जांच किसी अन्य एजेंसी को करनी चाहिए। पुलिस विभाग में पूर्व में तैनात कर्मचारी धर्मसुख नेगी की पत्नी मीना नेगी निवासी रामनी, किन्नौर ने आरोप लगाए हैं कि पुलिस के उच्च अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए बदले की भावना से मेरे पति के खिलाफ फर्जी जांच की। विभागीय जांच के बाद आठ वर्षों की सेवा शेष रहते 9 जुलाई 2020 को मेरे पति का पक्ष सुने बिना नौकरी से निकाल दिया गया। पूर्व कर्मचारी की पत्नी ने इसके बारे में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और आईजी को शिकायत भेजी थी।
हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में दी जा रही पानी की फ्री सुविधा को सरकार ने एक अक्टूबर से बंद कर दिया है, जिसके बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को इस महीने से 100 रुपए प्रति कनेक्शन के हिसाब से पानी के बिलों का भुगतान करना होगा। लेकिन प्रदेश में जिन उपभोक्ताओं ने मई 2022 में फ्री पानी की सुविधा मिलने से पहले के बिलों को जमा नहीं किया है। ऐसे उपभोक्ताओं से भी जल शक्ति विभाग ने पानी के बिल वसूलने जाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत करसोग जल शक्ति विभाग मंडल ने ऐसे करीब 12 हजार उपभोक्ताओं को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें उपभोक्ताओं को निर्धारित समय में पानी के बकाया बिलों के भुगतान का आखिरी मौका दिया गया है। इसके बाद भी अगर पानी के बिल जमा किए गए जाते हैं तो ऐसे लोगों को कनेक्शन बिना किसी अग्रिम सूचना के काट दिया जाएगा, जल शक्ति विभाग ने सभी पंचायतों में संबंधित वाटर गार्ड के माध्यम से पानी के बिलों के साथ ही नोटिस भी जारी कर दिए हैं। वहीं, जल शक्ति विभाग करसोग मंडल ने उपभोक्ताओं से तय समय में बिलों का भुगतान करने की भी अपील की है। करसोग में लोगों पर जल शक्ति विभाग की पानी के बकाया बिलों की करीब 47 लाख की देनदारी है। हिमाचल प्रदेश में पूर्व भाजपा की जयराम सरकार ने 15 अप्रैल 2022 को ग्रामीण क्षेत्रों में फ्री पानी की सुविधा देने की घोषणा की थी, जिसकी अधिसूचना मई 2022 में जारी हुई थी। इस तरह से पिछले 28 महीनों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को फ्री पानी दिया जा रहा था, लेकिन करसोग उपमंडल में 12 हजार के करीब ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने पानी की फ्री सुविधा मिलने से पहले के बिलों का भुगतान नहीं किया है, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में ऐसे उपभोक्ता भी है, जिनके पानी के बिलों की बकाया राशि 10 हजार से अधिक है। हालांकि जल शक्ति विभाग लोगों से कई बार बिलों के भुगतान किए जाने की अपील कर चुका है, लेकिन इसके बाद भी उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किए हैं। ऐसे ने अब विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं को बिलों के भुगतान करने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है।
राजकीय महाविद्यालय द्रंग स्थित नारला में नवगठित पीटीए एसोसिएशन अध्यक्ष पद की कमान जीवन ठाकुर को सौंपी गई। शनिवार को महाविद्यालय में आयोजित पीटीए की बैठक में अभिभावकों ने बढ़चढ़ कर उपस्थिति दर्ज करवाई। इस दौरान सर्वप्रथम पीटीए के पूर्व अध्यक्ष कपूर चंद ठाकुर ने अपने कार्यकाल के दौरान आयोजित गतिविधियों के साथ साथ अनुभव को सांझा किया। तदोपरांत पीटीए की नई एसोसिएशन का सर्वसम्मति से गठन किया गया, जिसमें जीवन ठाकुर को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। देश राज उपाध्यक्ष, प्रो. ममता परमार सचिव, रीना देवी सह सचिव और भागी राम को कोषाध्यक्ष चुना गया। इस अवसर पर नवनियुक्त अध्यक्ष जीवन ठाकुर और उपाध्यक्ष देश राज ने समस्त अभिभावकों और कॉलेज प्राध्यापकों का आभार व्यक्त करते हुए परस्पर समन्वय के साथ जिम्मेवारी का बखूबी निर्वहन करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कॉलेज के विकास और अभिभावकों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यवाहक प्राचार्या निशा वैद्य ने नवनियुक्त सदस्यों को बधाई देते हुए एसोसिएशन के गठन के लिए सहयोग करने वाले सभी अभिभावकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह एसोसिएशन कॉलेज के विकास और अभिभावकों की भागीदारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बता दें कि नवनियुक्त पीटीए अध्यक्ष जीवन ठाकुर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। वर्तमान में ग्राम पंचायत गवाली के उपप्रधान हैं। उन्होंने कॉलेज में बेहतर फैकल्टी उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया।
** हर गलत जवाब पर कटेंगे अंक हिमाचल में शुरू होने जा रही विशेष पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होगी, ऐसे में हर गलत जवाब पर 0.25 अंक कटेंगे। किसी प्रश्न का उत्तर न देने पर भी निगेटिव मार्किंग होगी। अगर चार उपलब्ध उत्तरों में से कोई भी सही नहीं लगता है तो पांचवें विकल्प पर निशान लगाना होगा। इससे अंक नहीं कटेंगे। 90 अंकों की लिखित परीक्षा दो घंटे की होगी। फिजिकल ग्राउंड टेस्ट पास करने वाले अभ्यर्थियों को ही लिखित परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। अभ्यर्थियों को शारीरिक लंबाई के आधार पर एक से छह और एनसीसी सर्टिफिकेट के आधार पर 4 अंक मिलेंगे। लिखित परीक्षा लोकसेवा आयोग और फिजिकल टेस्ट पुलिस विभाग करवाएगा। चयनित पुलिस कांस्टेबलों को पीटीसी डरोह में 9 माह का विशेष कमांडो कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण और कमांडो कोर्स पास न करने वाले अभ्यर्थी भर्ती से बाहर होंगे। आयाेग की ओर से शुक्रवार को कांस्टेबल भर्ती को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए। दसवीं और बारहवीं कक्षा पास करने वाले या मूल रूप से हिमाचली युवा भर्ती में शामिल हो सकेंंगे। दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थी अपात्र होंगे। सामान्य श्रेणी के पुरुष आवेदकों को 600 और आरक्षित वर्ग के पुरुषों को 150 रुपये फीस चुकानी होगी। वहीं, एनसीसी सी सर्टिफिकेट पर 4, बी पर 2 और ए सर्टिफिकेट पर एक अंक अभ्यर्थियों को दिया जाएगा। पुरुषों को लंबाई के आधार पर 0 से छह अंक दिए जाएंगे। 5 फीट 7 इंच शारीरिक लंबाई तक एक, 5 फीट 8 इंच तक दो अंक, 5.9 फीट पर तीन, 5.10 फीट पर चार, 5.11 फीट पर 5 और 6 फीट या इससे अधिक लंबाई पर छह अंक मिलेंगे। महिलाओं की भर्ती में 5 फीट 3 इंच शारीरिक लंबाई पर एक अंक, 5.4 फीट पर दो, 5.5 फीट पर तीन, 5.6 फीट पर चार, 5.7 फीट पर पांच और 5 फीट 8 इंच या इससे अधिक लंबाई पर छह अंक मिलेंगे। फिजिकल टेस्ट के तहत पुरुषों को 5 मिनट 30 सेकेंड में 1500 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। वहीं, ऊंची कूद 1.35 मीटर की करनी होगी। 100 मीटर रेस 14 सेकेंड में पूरी करनी होगी। ब्राड जंप 4 मीटर तय है। महिलाओं को 800 मीटर रेस 3 मिनट 45 सेकेंड में पूरी करनी होगी। हाई जंप 1.10 मीटर, ब्राड जंप 3 मीटर तय है। 100 मीटर रेस 17 सेकेंड में पूरी करनी होगी। सभी मानकों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी ही लिखित परीक्षा में बैठने के लिए पात्र होंगे। जो मानक पूरा नहीं करेगा, वह बाहर रहेगा।
मंडी में शिवा बदार सड़क मार्ग में गुरुवार सुबह हुए सड़क हादसे में 32 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मार्ग में न्यूल के पास एक मालवाहक जीप गहरी खाई में लुढ़क गई। घटना में जीप चालक ठाकुर दास पुत्र शरण सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा प्रातः दस बजे हुआ। युवक मंडी सरोआ में सामान छोड़ कर वापिस घर लौट रहा था। घर के समीप ही यह हादसा हो गया। मैहणी पंचायत प्रधान रेशमा ठाकुर ने बताया कि युवक बेहद मिलनसार स्वभाव का था। इस हादसे से परिवार पर दुःखों का पहाड़ गिर गया है। सदर पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना के कारणों की छानबीन शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जोनल अस्पताल मंडी भेजा गया है। पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों को सौपा जाएगा। मामले की पुष्टि एएसपी मंडी सागर चंद्र ने की है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को बीएड की खाली 1,369 सीटों को भरने के लिए विवि ने भले ही फाइनल मॉप अप राउंड करने का फैसला लिया है, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2024-26 में भी विवि से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों की सभी सीटें भर पाएगी ऐसा नहीं लग रहा है। इस बार भी विवि प्रशासन और बीएड एडमिशन एंड काउंसलिंग कमेटी को प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित 53 अंक और आरक्षित वर्ग को 45 फीसदी अंकों की शर्त को समाप्त करनी पड़ सकती है। निजी बीएड कॉलेज प्रबंधकों ने खाली सीटों को भरने के लिए शर्त में छूट देने के लिए प्रशासन को मांग पत्र सौंपा है। इस फाइनल मॉप अप काउंसलिंग राउंड में कितने विद्यार्थी काउंसलिंग के लिए आवेदन करते हैं और इनमें से कितने काउंसलिंग में भाग लेते हैं, इसकी संख्या पर ही पात्रता शर्त में छूट देने का विवि का फैसला होगा। इस बार एचपीयू से संबद्ध सरकारी और निजी बीएड संस्थानों की 5,650 सीटों के लिए परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में से 10,003 यानी दोगुने विद्यार्थियों ने न्यूनतम अंक अर्जित किए थे। इसके बावजूद चार काउंसलिंग के राउंड के लिए या तो आवेदन ही नहीं किया, या काउंसलिंग में अपीयर नहीं हुए। पांच हजार से अधिक छात्र पात्र होने के बावजूद सीटें नहीं भरीं। विवि को छात्र नहीं मिलते हैं तो सीटें खाली रह जाएंगी। इसके बाद विवि के पास न्यूनतम अंकों की शर्त को हटाकर सिर्फ बीएड में प्रवेश लेने वालों को प्रवेश का मौका देना पड़ सकता है। ऐसा लगातार होता भी रहा है। पात्रता की शर्तों को हटाने के बन चुकी इस रिवायत के जारी रहने से विवि प्रवेश परीक्षा के लिए इतनी कसरत करने, समय से परिणाम घोषित करने काउंसलिंग करवाने की पूरी कसरत का कोई मायने नहीं रह जाता है। विवि से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों की दस फीसदी मैनेजमेंट कोटा की सीटों को आवंटित करने को अभी प्रक्रिया शुरू होनी है। इसका शेड्यूल विवि की एडमिशन काउंसलिंग कमेटी अलग से जारी करेगी। कोटा की 10 फीसदी सीटों में करीब 560 सीटें भरी जानी हैं। इसके लिए एडमिशन और काउंसलिंग कमेटी की डीएस प्रो. बीके शिवराम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में फैसला होना है।शैक्षणिक सत्र 2023-25 में बीएड को लेकर छात्रों का रुझान और रुचि इस बार की तुलना में अधिक रही थी। इसके चलते प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग में 53 और आरक्षित में 45 अंक लेने वाले छात्रों में से ही बीएड की सभी सीटें भर गई थी। इस बार 1300 से अधिक सीटें चार राउंड, स्पॉट काउंसलिंग के राउंड होने के बावजूद खाली हैं।
मानसून की विदाई के साथ अब हिमाचल प्रदेश में विकास कार्य गति पकड़ेंगे। एक महीने में जिन शहरों में सड़कों की टारिंग नहीं हुई है, उन्हें पूरा करने का लोक निर्माण विभाग ने लक्ष्य रखा है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में रात को भी टारिंग की जाएगी। बरसात के कारण जिन सड़कों के किनारे डंगे ढह गए थे उनका काम भी निर्धारित समय में निपटाया जा सकेगा। लोक निर्माण विभाग ने मानसून के चलते फील्ड में भेजे कर्मचारियों को वापस अपने-अपने कार्यालय बुला लिया है। निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों की टारिंग, भवनों व पार्किंग के निर्माण के दौरान इंजीनियर का मौके पर होना अनिवार्य है ताकि विकास कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे। ठेकेदारों को भी निर्धारित समय में काम निपटाने को कहा गया है। उधर, जलशक्ति विभाग ने भी पानी के स्रोतों को सुधारने के निर्देश जारी किए हैं। मानसून के चलते जिन स्रोतों को नुकसान हुआ है, उन्हें दुरुस्त करने को कहा है। जो स्रोत आपदा से ढह गए हैं उन्हें नए सिरे से बनाने के लिए टेंडर आमंत्रित करने को कहा है। पेयजल कनेक्शनों पर लगी रोक को भी प्रदेश सरकार जल्द हटा सकती है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में 27 जून को मानसून ने दस्तक दी थी। इसी बीच शिमला, कुल्लू, मंडी में मानसून ने तबाही मचाई थी। कई भवन व स्कूल बाढ़ में बह गए। विभागों को भारी नुकसान हुआ था। प्रदेश में 4 अक्तूबर तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 5 से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मध्य और उच्च पर्वतीय आठ जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 8 अक्तूबर तक माैसम खराब बना रह सकता है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगडा में मौसम साफ रहेगा। प्रदेश में मानसून के चलते राज्य सरकार को 1,360 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। बागवानी, जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग को इस सीजन में भारी क्षति हुइ। कुल्लू, मंडी और जिला शिमला में बाढ़ से ज्यादा नुकसान हुआ। बादल फटने, बारिश, बाढ़, वाहन दुर्घटना और गिरने से 342 लोगों की मृत्यु हुई है, 535 घायल हुए और 28 लोगों का पता नहीं चल पाया है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में 81 पक्के मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 122 कच्चे मकान बाढ़ से ढह गए। वहीं 537 पशुशालाएं ध्वस्त हो गईं। कृषि विभाग को 132.64 लाख, बागवानी को 1,39,985.835 लाख, लोक निर्माण विभाग को 63,321.41, जेएसवी - 54,088.04 लाख, बिजली बोर्ड को 98.91 लाख, मत्स्य पालन विभाग को 87 लाख और पशुपालन विभाग को 3.25 लाख का नुकसान हुआ था।
पधर: कुन्नू-बसाही राजमार्ग में पदवाहन के समीप गवाहन के पास एक जीप अनियंत्रित होकर सड़क मार्ग से नीचे लुढ़क गई। घटना में चालक समेत एक अन्य युवक को आंशिक चोटें आई हैं। दोनों को सिविल अस्पताल पधर में प्राथमिक उपचार के उपरांत छुट्टी दे दी है। घटना बुधवार दोपहर को हुई। मंडी से बेकरी का सामान लेकर कुफरी जा रही जीप गवाहन के पास अचानक स्टेयरिंग लॉक हो जाने से अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग पचास फुट नीचे उतर गई। गनीमत रही की घटना में किसी प्रकार का जनामल का नुकसान नहीं हुआ। बेकरी जीप मालिक इंद्र देव और कामगार विपन कुमार को आंशिक चोटें आई। दोनों को अस्पताल से प्राथमिक उपचार के उपरांत छुट्टी दे दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना के कारणों की छानबीन शुरू की है। मामले की पुष्टि थाना प्रभारी अशोक कुमार ने की है।
** द्रंग कांग्रेस अध्यक्ष बामन देव बोले, भारत को आजाद करने में महात्मा गांधी की हैं अहम भूमिका पधर: द्रंग ब्लाक कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। पार्टी कार्यलय में आयोजित समारोह दौरान कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजली दी। इस दौरान ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बामन देव ठाकुर ने कहा कि महात्मा गांधी ने देश को एक सूत्र में पिरोने के साथ ही देश की आजादी में अपने प्राणों की चिंता न करते हुए अपना सर्वस्व न्योछाबर कर दिया। ऐसे महापुरुष को श्रद्धांजलि देकर पार्टी का हर कार्यकर्ता स्वयं को फलीभूत महसूस कर रहा है। महात्मा गांधी ने हमेशा देश के उत्थान एवं अखंडता का पाठ पढाया। ग्राम स्वराज, पंचायती-राज, ग्रामोद्योग, महिलाओं की शिक्षा, गांवों में स्वच्छता और विकास का विजन उन्होंने देश को दिया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि महात्मा गांधी द्वारा दिखाए रास्ते पर चलते हुए समाज एवं राष्ट्रहित को महत्ता दें। इस अवसर पर सेवादल कांग्रेस अध्यक्ष राम सिंह, पधर मंडल अध्यक्ष गिरधारी लाल भंगालिया, रति राम ठाकुर, कार्यलय सचिव दलीप सिंह, धर्म सिंह, नवीन सकलानी, ज्ञान चंद, चमन सकलानी, सुरेंद्र वर्मा और बुद्धि सिंह यादव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
** प्रधानाचार्य बोले, सेवा भाव को व्यवहारिक रूप से अमल में लाएं विद्यार्थी ** विशेष शिविर में 52 स्वयंसेवी छात्र छात्राओं ने लिया भाग मंडी/पधर: चौहारघाटी की पशाकोट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरोट में सात दिवसीय एनएसएस विशेष शिविर रविवार को संपन हुआ। पाठशाला प्रधानाचार्य राजकुमार ने समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को मेडल वितरित कर सम्मानित भी किया। सात दिवसीय विशेष शिविर में 52 स्वयंसेवी छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सुनील कटोच और उपासना शर्मा ने बताया कि शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने स्कूल परिसर के साथ साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बरोट और मुल्थान बाजार में साफ सफाई कर स्वच्छता अभियान को अंजाम दिया। वहीं पेयजल स्त्रोतों की साफ सफाई की। इस दौरान प्रधानाचार्य राज कुमार ने स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करते हुए शिविर के दौरान आयोजित की गई गतिविधियों को व्यवहारिक रूप से जीवन में अमल में लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के क्रियाकलापों से सेवा भाव पैदा होता है। विद्यार्थी समाज में भी इस तरह के कार्यों को अंजाम देते हुए सेवा की भावना का परिचय दें। उन्होंने स्वयंसेवकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। इस दौरान स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
करसोग: ये आंखें ही हैं जिनके कारण हम संसार के रंगों और सुंदरता का आनंद लेते हैं। आंखें इतनी नाजुक होती हैं कि बाल बराबर भी तिनका इनके भीतर चला जाए तो असहनीय पीड़ा और आंखों की लौ जाने की नौबत आ जाती है। करसोग में एक निरक्षर व्यक्ति नंदलाल को परमात्मा ने ऐसा हुनर दिया है कि वो आंख में पड़े किसी भी तिनके को अपनी हस्त विद्या के जरिए फट से बाहर निकाल देते हैं, जिस कारण नंदलाल के पास दूर दूर से लोग आंखों से कचरा निकलवाने के लिए आते हैं. कोई उनके पास से निराश वापस नहीं लौटता है। यहां तक कि जिन मरीजों को आज तक चंडीगढ PGI से भी आराम नहीं मिला उन्हें भी नंदलाल ने अपने हाथों के हुनर से ठीक किया है। वो पिछले करीब 43 सालों से काम जरूरी कामों को छोड़कर लोगों की आंखों से घास, कचरा और किसी भी तरह के कणों को बाहर निकालने के लिए मानवता की सेवा के इस पुनीत कार्य में जुटे हैं। इस काम के लिए नंदलाल लोगों से एक भी पैसा नहीं लेते हैं। मूल माहुनाग के रहने वाले नंदलाल ने 18 साल की उम्र में आंखों के अंदर से किसी भी तरह के तिनके सहित अन्य धूल और मिट्टी के कणों को पल भर में बाहर निकालने का हुनर सीखा था। नंदलाल ने बताया कि, वो आंखों के अंदर घुसे पुराने से पुराने तिनके या गहराई तक गए अन्य किसी भी तरह के कण को बाहर निकाल देते हैं। चुराग की रहने वाली एक महिला सरोज ने बताया कि, 'कुछ साल पहले बेटे की आंख में एक तिनका घुस गया था, जिसको इलाज के लिए PGI तक ले जाया गया, लेकिन इलाज पर लाखों रुपए खर्च करने पर भी कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद वो बेटे को नंदलाल के पास लेकर आई। इसके बाद नंदलाल बेटे की आंखों से घास का तिनका निकाल दिया। नंदलाल ने बताया कि, 'बरसात का सीजन खत्म होने के बाद उनके पास आंखों की समस्या लेकर अधिक लोग आते हैं, क्योंकि बरसात खत्म होने के बाद घासनियों में कटाई का दौर शुरू होता है। घास कटाई के दौरान महिलाओं के आंखों में घास के तिनके, दूसरे प्रकार का कचरा चला जाता है। बच्चों की आंखों में खेलते समय भी रेत भी चलता जाता है। इसके अलावा सेब के बगीचों में खरपतवार हटाते समय लोगों की आंखों में भी रेत के कण चले जाते हैं। ये भारी और सफेद होने के कारण आसानी से नजर नहीं आते हैं। इसके चलते इन्हें निकालने में कठिनाई होती है। इन्हें निकालना मुश्किल होता है। बरसात खत्म होने के बाद रोजाना उनके पास 10 से 12 लोग आंखों की इस तरह की समस्या लेकर आते हैं। उनका उपचार करने का वो कोई पैसा नहीं लेते। वो आंखों से घास के तिनके, गुम्मर, रेत के कण और अन्य किसी भी प्रकार का कचरा निकाल देते हैं।
शिमला: इस बार सरकारी कर्मचारियों को वेतन के लिए 5 तारीख का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस बार कर्मचारियों के खाते में पहले की तरह ही एक तारीख को ही खाते में सैलरी आएगी। बीते महीने एक तारीख को सरकारी कर्मचारियों को सैलरी न मिलने पर सरकार को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा था। सरकार ने इस बार निर्णय लिया है कि सरकारी कर्मचारियों को सितम्बर माह का वेतन 1 अक्तूबर और पेंशन का भुगतान 9 अक्तूबर, 2024 को किया जाएगा। वित्त विभाग ने सरकारी कोषागार में होने वाले ‘फ्लो ऑफ मनी’ की समीक्षा के बाद निर्णय लिया है कि सरकारी कर्मचारियों को सितम्बर माह के वेतन भुगतान 1 अक्तूबर और पेंशन 9 अक्तूबर, 2024 को दी जाएगी। पिछले माह प्रदेश के कर्मचारियों को वेतन 5 सिंतबर और पेंशनरों को 10 सितम्बर 2024 को पेंशन का भुगतान किया गया था। इसके पीछे सरकार का तर्क था कि वित्तीय संसाधनों का सही तरीकों से उपयोग करने की दिशा में यह निर्णय लिया गया था। इस दिशा में राज्य सरकार को होने वाली प्राप्तियों और खर्चे में बैलेंस को कम करके यह प्रयास किया जा रहा है कि कर्ज राशि सही समय पर ली जाए, इससे ऋण पर दिए जाने वाले ब्याज पर कम से कम खर्च हो। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ये कह चुके हैं कि वेतन और पेंशन की अदायगी के लिए सरकार के पास पर्याप्त पैसा न होने के कारण लोन लेना पड़ता है। महीने के आरंभ में ही लोन लेने पर ब्याज के रूप में महीने में 2.80 करोड़ रुपए का बोझ पड़ता है। इस पैसे को बचाने के लिए वेतन पांच तारीख को दिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री ने विधानसभा के मानसून सत्र में साफ किया था कि सितम्बर महीने के वेतन के लिए वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद 28 या 29 सितम्बर को इस पर फिर से निर्णय लिया जाएगा क्योंकि कई कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने बैंकों से ऋण लिया है तथा मासिक किश्त पहली तारीख को अदा करनी पड़ती है।
नगर निकायों के रविवार को हुए उपचुनाव में सोलन नगर निगम के वार्ड-5 से अमरदीप पांजा 283 मतों से जीत हासिल कर पार्षद बने। नगर परिषद (नप) सुजानपुर से नीरजा ठाकुर और नगर परिषद नेरचौक से गीता देवी पार्षद बनीं। पंचायती राज संस्थाओं के लिए 51.08% और नगर पालिकाओं के लिए हुए उपचुनाव में 68.75% मतदान हुआ है। सोलन नगर निगम वार्ड 5 के उपचुनाव में अमरदीप को 523 वोट, जबकि पुनीत नारंग को 240 वोट मिले। अमरदीप सोलन भाजपा मंडल के सचिव भी हैं। नगर परिषद सुजानपुर से नीरजा नीरजा को 276 वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंदी सुमन को 183 वोटों पड़े। श्रवण को महज एक वोट मिला। नगर परिषद नेरचौक से गीता देवी को 414, भावना को 351 वोट पड़े। पंचायतीराज संस्थाओं के लिए सिरमौर जिला में सबसे अधिक 80.06% और हमीरपुर जिले में सबसे कम 44.63% मतदान हुआ। सुजानपुर में सबसे अधिक 72.68, नगर परिषद नेरचौक में 68.38, जबकि नगर निगम सोलन में 66.93% मतदान हुआ। शिमला जिले में एक उपप्रधान और 13 वार्ड सदस्यों को निर्विरोध चुन लिया था। जिला परिषद की दो सीटों पर भी रविवार को उपचुनाव हुआ। इनके नतीजे सोमवार यानि आज घोषित होंगे। इनमें लाहौल-स्पीति के वार्ड-6 सिस्सू और सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र का बगेड़ा वार्ड शामिल है। बिलासपुर की पंजगाईं पंचायत में प्रधान के उपचुनाव के बाद दो बार मतगणना हुई। इसमें दोनों प्रत्याशियों हेमराज और नत्थू राम को 461-461 मत मिले। इसके बाद टॉस के आधार पर हेमराज को प्रधान चुना गया। भोरंज की भकेड़ा पंचायत में प्रधान पद पर कर्णवीर सिंह, बिलासपुर की मलांगण पंचायत में ज्ञान चंद, पलासला में संदेश शर्मा को जीत मिली। मंडी जिले की रियूर पंचायत में दुष्यंत, तुमन में ख्याल चंद और खलवाहन में शिव प्रधान बने। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि उपचुनाव में भाजपा की जीत हुई है, जो सरकार की झूठी गारंटियों का करारा जवाब है। वहीं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कहा कि ज्यादातर प्रत्याशी कांग्रेस से जीते हैं। वहीं, सीएम के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि सोलन में पार्षद के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई है। कांग्रेस आकलन करेगी कि कहां चूक हुई है। अन्य सीटों पर भाजपा जीत के कोरे दावे कर रही है। विधानसभा चुनाव लड़ चुके सुरेंद्र सिंह दूसरी बार बने वार्ड पंच जोगिंद्रनगर हलके से विधानसभा चुनाव लड़ चुके लांगणा क्षेत्र से एडवोकेट सुरेंद्र सिंह खडियार पंचायत के गदियाड़ा वार्ड से वार्ड पंच चुने गए हैं। वह तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इससे पहले वह दो बार पंचायत प्रधान और एक बार वार्ड पंच रह चुके हैं। अब एक बार फिर जनता ने उन्हें पंचायतीराज संस्था में काम करने का मौका दिया है। 65 वर्षीय अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि वह धरातल स्तर पर जनता के लिए काम करेंगे। आमजन के कार्यों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
**सुरेंद्र कुमार ने 166 मतों से मारी बाजी धर्मपुर/डिंपल: धर्मपुर उप मंडल की ग्राम पंचायत चनौता में संपन्न हुए पंचायत उप चुनाव में सुरेंद्र कुमार ने बाजी मार ली। बता दें कि पंचायत में उप प्रधान का पद रिक्त होने के कारण यहां चुनाव करवाए गए, जिसमें तीन उम्मीदवार बंसीराम, कश्मीर सिंह और सुरेंद्र कुमार मैदान पर थे। रिटर्निंग आफिसर विनोद कटवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वंशी राम को 219, कश्मीर सिंह को 142 व सुरेंद्र कुमार को 385 मत पड़े और सुरेंद्र कुमार उपप्रधान चुने गए। वहीं, दूसरी तरफ ग्राम पंचायत घरवासड़ा में वार्ड नंबर 5 के लिए हुए उपचुनाव में अमित कुमार वार्ड पंच चुने गए।
बाल विकास परियोजना द्रंग के अंतर्गत ग्राम पंचायत भड़वाहण के आंगनबाड़ी केंद्र लोहड़ा में सहायिका के रिक्त पद हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिसके लिए इच्छुक महिला उम्मीदवार 21 अक्टूबर तक बाल विकास परियोजना द्रंग स्थित पधर कार्यालय में अपना आवेदन जमा कर सकती हैं। उसके बाद विभाग द्वारा आवेदक उम्मीदवारों को साक्षात्कार की निर्धारित तिथि की सूचना दी जाएगी। बाल विकास परियोजना अधिकारी जितेंद्र सैनी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र लोहड़ा में सहायिका के रिक्त चल रहे पद को भरने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदक महिला उम्मीदवार का नाम ग्राम पंचायत भडवाहन के परिवार रजिस्टर की सूची में दर्ज होना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष होनी चाहिए। जबकि शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास होना अनिवार्य है। उम्मीदवार की पारिवारिक वार्षिक आय पचास हजार रूपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। इच्छुक उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी, द्रंग स्थित पधर कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में संपर्क कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज बताया कि वित्त विभाग द्वारा सरकारी कोषागार में होने वाले ‘नकदी के प्रवाह’ की समीक्षा करने के पश्चात् निर्णय लिया गया है कि सरकारी कर्मचारियों को सितम्बर माह का वेतन 1 अक्तूबर तथा पेंशन का भुगतान 9 अक्तूबर, 2024 को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले माह प्रदेश के कर्मचारियों को वेतन 5 सिंतबर व पेंशनरों को 10 सितम्बर 2024 को पेंशन का भुगतान किया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा वित्तीय संसाधनों का विवेकपूर्ण तरीकों से उपयोग करने की दिशा में यह कदम उठाया गया था। इस दिशा में राज्य सरकार को होने वाली प्राप्तियों और खर्चे में असंतुलन को कम करके यह प्रयास किया जा रहा है कि ऋण राशि सही समय पर ली जाए, जिससे ऋण पर दिये जाने वाले ब्याज पर कम से कम खर्च हो। प्रवक्ता ने कहा कि 4 सितम्बर, 2024 को मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्पष्ट किया था कि सितम्बर महीने के वेतन के लिए वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद 28 या 29 सितम्बर को इस पर फिर से निर्णय लिया जाएगा क्योंकि कई कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने बैंकों से ऋण लिया है तथा मासिक किश्त पहली तारीख को अदा करनी पड़ती है।
हिमाचल प्रदेश में बन रहीं कथित अवैध मस्जिदों और मजारों के निर्माण पर रोक की मांग को लेकर शनिवार को देवभूमि संघर्ष समिति शिमला सीटीओ चौक पर प्रदर्शन किया। समिति ने प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में भी प्रदर्शन किए। शिमला में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसके बाद शेरे पंजाब तक रैली भी निकाली गई और बाद में जिला प्रशासन को ज्ञापन साैंपा। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए । मंडी में मस्जिद के पास पुलिस बल तैनात किया गया। मंडी शहर के सेरी चानणी परिसर में एकत्रित होकर हिंदू संगठनों ने हिंदू एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद शहर में रैली के माध्यम से हिंदुओं को अपनी संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया । देवभूमि संघर्ष समिति, महामंडलेश्वर और नागा साधुओं के नेतृत्व में शहर में नगर परिक्रमा की गई। शहर व गलियों का भ्रमण कर भजन-कीर्तन किया। देवभूमि संघर्ष समिति की ओर से केंद्र सरकार से वक्फ बोर्ड को समाप्त करने और प्रदेश में अवैध रूप से आने वाले लोगों को रोकने के लिए प्रशासन को ज्ञापन भी साैंपे गए। इसके अलावा संजौली समेत प्रदेशभर में हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग की गई। समिति ने 2 अक्तूबर को होने वाले ग्रामसभाओं में पंचायतों में बाहर से आने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच को लेकर प्रस्ताव पास करने की मांग की है। समिति का कहना है कि प्रदेश सरकार संजौली मसले पर टालमटोल कर रही है और मुस्लिम पक्ष को इसे गिराने की अनुमति नहीं दे रही है। कुनिहार में क्षेत्रीय हिंदु संगठन की ओर से प्रवासियों के पंजीकरण को लेकर प्रदर्शन किया। इस दाैरान संगठन ने प्रदेश सरकार समेत प्रशासन से प्रवासियों के पंजीकरण की मांग की इसके तहत कुनिहार का पूरा बाजार भी बंद रखा गया। संगठन ने कुनिहार के नायब तहसीलदार कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश सरकार को एक मांग पत्र भी भेजा है। देव संघर्ष समिति हमीरपुर नाम शनिवार को वाटर चौक से लेकर गांधी चौक तक रैली का आयोजन किया। इस दाैरान सदस्यों ने वक्फ बोर्ड को भंग करने की मांग की। देव संघर्ष समिति के जिला संयोजक सुजीत कुमार ने कहा कि वक्फ बोर्ड को भंग किया जाना चाहिए तथा अवैध रूप से हो रहे निर्माण को भी बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
मंडी: शहर के जेल रोड में स्थित मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को गिराने के फैसले से नाखुश होकर मुस्लिम पक्ष ने निगम कोर्ट के खिलाफ हिमाचल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। निगम कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले के 14 दिन बाद मुस्लिम पक्ष कोर्ट में पहुंचा है। बीते दिन शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष ने प्रदेश उच्च न्यायालय में नगर निगम आयुक्त के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की। मुस्लिम समुदाय मस्जिद संचालन समिति के सदस्य इकबाल अली ने बताया कि लंबे विचार-विमर्श के बाद हाईकोर्ट में नगर निगम के निर्णय के खिलाफ याचिका दायर की गई है। कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पहले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर एक हफ्ता पहले बैठक की थी। अब जो हाईकोर्ट के आदेश होंगे उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। बता दें कि 13 सितंबर को नगर निगम मंडी के आयुक्त ने मस्जिद के हिस्से को अवैध बताते हुए इसे 30 दिन के भीतर गिराने व पुरानी स्थिति में लाने के आदेश दिए थे। इसी दिन मंडी शहर में हिंदू संगठनों ने मस्जिद को अवैध बताते हुए जोरदार प्रदर्शन किया था। वहीं, आज भी मंडी शहर में इसी मामले को लेकर हिंदु संगठन, साधु संतों व नागा साधुओं के साथ शांतिपूर्वक रैली निकालकर मंडी की जनता को जागरूक भी करने जा रही है। शनिवार को सुबह 11 बजे से शहर के सेरी मंच पर यह रैली शुरू होने वाली है। शनिवार को मंडी में होने वाली इस रैली को लेकर पुलिस और प्रशासन अर्लट हो गया है। शहर के जेल रोड व मंगवाई में स्थित दोनों मस्जिदों के पास पुलिस का कड़ा पहरा है। हांलाकि इस रैली में शामिल होने वाले संगठनों का मस्जिदों की ओर जाने का फिलहाल कोई कार्य्रक्रम नहीं है लेकिन एहतियात के तौर पर शहर में पुलिस की चौकसी बढ़ाई गई है।
** जिस कुएं में डूबकर पति-पत्नी की हुई थी मौत, अब उसे मिट्टी डालकर हमेशा के लिए किया जाएगा बंद मंडी: बीते 2 दिन पहले 25 सितंबर को मंडी जिले के सरकाघाट में एक दंपति की कुएं में डूबकर दर्दनाक मौत हो गई। ग्राम पंचायत रखोह के कलोट गांव के जिस कुएं में पति-पत्नी की मौत हुई थी, उस कुएं को अब हमेशा-हमेशा के लिए दफन कर दिया जाएगा। उपमंडल प्रशासन ने कुएं को मिट्टी डालकर हमेशा के लिए बंद करने का फरमान जारी किया है। फिलहाल अभी इस कुएं को सील किया गया है और लोगों को हिदायत दी गई है कि वे उसके पास न जाएं। एसडीएम सरकाघाट स्वाति डोगरा ने बताया, "तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर इस कुएं में मिट्टी डालकर इसे हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। कुएं के धरातल में ऑक्सीजन की कोई मौजूदगी नहीं है और प्रारंभिक जांच में इसका स्पष्ट पता चला है। इसलिए इसके पास जाकर पानी भरना खतरे से खाली नहीं रह गया है। भविष्य में कोई और हादसा न हो, इसके लिए कुएं को हमेशा के लिए बंद करने का फैसला लिया गया है। कुएं में डूबने से मौत का शिकार हुआ 45 वर्षीय संजीव कुमार अपनी ग्राम पंचायत के कलोट-2 वार्ड का सदस्य था। उसकी धर्मपत्नी नीलम कुमारी आशा वर्कर थी। संजीव कुएं में पानी भरने गया था जब कुएं में डूब कर उसकी मौत हो गई। वहीं, जब उसकी पत्नी उसे बचाने गई तो उसकी भी कुएं में डूबकर मौत हो गई। पति-पत्नी अपने पीछे एक 21 वर्षीय बेटे और बूढ़ी मां को छोड़ गए हैं। ग्राम पंचायत रखोह की प्रधान सुनीता देवी ने बताया, "संजीव को इस बात का पता था कि कुएं के धरातल पर ऑक्सीजन की कमी है। इस बात को लेकर संजीव ने 3 लाख की राशि से कुएं के पास कुछ काम भी करवाया था और भविष्य के लिए कुएं के ऊपर से बाल्टी डालकर पानी निकालने की योजना बना रहा था, लेकिन उससे पहले संजीव खुद ही हादसे का शिकार हो गया। संजीव ने बताया था कि कुएं के पास सुबह साढ़े 7 बजे से पहले और शाम को 5 से 7 बजे के बीच जाकर ही पानी भरना पड़ता है। इसके अलावा जब गर्मी ज्यादा होती है तो वहां पर ऑक्सीजन पूरी तरह से खत्म हो जाती है।प्रधान सुनीता देवी ने कहा कि इस बात को लेकर प्रारंभिक तौर पर जो जांच की गई है, उसमें भी यही बात सामने आई है कि कुएं के धरातल पर ऑक्सीजन की मौजूदगी नहीं है। दोनों के डूबने और मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी ही मानी जा रही है। हालांकि इस बात का भी पता चला है कि दोनों दंपति को तैरना भी आता था।
**दानी सज्जनों से चंदा एकत्र कर चला रखा है आर्थिक मदद का अभियान मंडी: चौहारघाटी की ग्राम पंचायत धमच्याण के पूर्व उप प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर राजबन में हुई त्रासदी दौरान पीड़ितों की मदद को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। ओम प्रकाश ने पीड़ितों की आर्थिक मदद को लेकर अपने स्तर पर चंदा एकत्रित करने का अभियान चला रखा है, जिससे वह अब तक पांच लाख बासठ हजार रुपये की सहयोग राशि सभी पीड़ित परिवारों को वितरित कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि साढ़े चार लाख रुपये की राशि उन्होंने अगस्त माह में पीड़ित परिवारों को वितरित की थी, जबकि एक लाख बारह हजार रुपये बीते गरूवार को सभी पीड़ित परिवारों को वितरित किए। ओम प्रकाश द्वारा पेश की गई मानवता की मिसाल की चौहारघाटी में जमकर सराहना हो रही है। पीड़ित परिवारों की मदद के लिए ओम प्रकाश ने अपने गूगल पे नंबर के जरिए ही यह राशि एकत्र की, जिसमें लोगों ने भी बढ़-चढ़ कर सहयोग दिया। पीड़ित परिवारों की मदद को लेकर ओम प्रकाश का यह अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि लोग इसमें बढ़-चढ़ कर मदद कर रहे हैं। उन्होंने दानी सज्जनों से सामर्थ्य अनुसार मदद की अपील की है। उल्लेखनीय है कि इस भीषण त्रासदी में तीन रिहायशी मकान दब गए थे, जिसमें दस लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए थे। नौ शव बरामद हुए थे, 27वर्षीय हरदेव सिंह लापता है। सभी पीड़ित परिवारों की मदद को लेकर ओम प्रकाश ठाकुर ने दिन रात एक कर समाजसेवा का जो जज्बा दिखाया है, वह औरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भाजपा के राज्यसभा सदस्य हर्ष महाजन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। नोटिस के अनुसार महाजन ने चंबा की अपनी हालिया यात्रा के दौरान कुछ व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। पठानिया ने कहा है कि महाजन ने उन पर झूठे आरोप और आक्षेप लगाए गए, जो अध्यक्ष और सदन के सदस्य की गरिमा के खिलाफ हैं। पठानिया ने कहा कि वह अपनी सांविधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें विशेषाधिकार नोटिस जारी कर रहे हैं। पठानिया ने कहा कि महाजन को सबूतों के साथ आरोपों को साबित करना चाहिए और स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि वह किस पठानिया का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने किस संदर्भ में अपमानजनक टिप्पणी की और वह आरोपों को साबित करें, क्योंकि यह विशेषाधिकार हनन के बराबर है। सांसद को सवालों का जवाब देना चाहिए।
** एनएचएआइ और कंस्ट्रक्शन कंपनी के समक्ष एसडीएम को सौंपा 16 सूत्रीय मांग पत्र मंडी पठानकोट निर्माणाधीन फोरलेन फेज- 5 समन्वय समिति की बैठक गुरुवार को एसडीएम पधर सुरजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में फोरलेन समन्वय समिति के साथ एनएचएआइ और गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान समन्वय समिति ने अपना 16 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया। समन्वय समिति अध्यक्ष चिंत राम ठाकुर और सचिव महेंद्र गुलेरिया ने कहा कि फोरलेन की जद में आए बहुत से ऐसे प्रभावित परिवार हैं जिनके पास मकान निर्माण के लिए जगह तक नहीं बची है। ऐसे में प्रभावित परिवार मकान निर्माण के लिए अब जमीन खरीद रहे हैं तो वह फोरलेन में गई जमीन के मिले मुआवजे से दो से तीन गुना अधिक दाम पर मिल रही है। जिससे प्रभावित चिंता में हैं। इसके साथ ही समिति ने कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा की जा रही कटिंग की मिट्टी सड़क पर बिछाए जाने का मामला भी उठाया। साथ ही एनएच से जुड़े अन्य राजमार्गों की आवाजाही बाधित न किए जाने की बात रखी। समन्वय समिति अध्यक्ष चिंत राम ने कहा कि कटिंग से निकली मिट्टी सड़क पर बिछाई गई है, जिससे बारिश में दलदल बनने से यहां दुर्घटना का अंदेशा बना रहा हैं, जबकि धूप खिलने पर यह धूल मिट्टी वातावरण को खराब कर रही है। इस बारे एसडीएम सुरजीत सिंह मौके पर ही कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों को सड़क पर मिट्टी न बिछाए जाने के दिशा निर्देश दिए। वहीं न से जुड़े राजमार्गों की आवाजाही पूरी तरह बहाल रखने के भी आदेश दिए। बैठक दौरान हुई सौहार्दपूर्ण वार्ता को लेकर समन्वय समिति ने उपमंडल प्रशासन, एनएचएआइ और कंस्ट्रक्शन कंपनी का आभार जताया।
प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये वेतन मिलेगा। साल में दस माह के लिए ही वेतन दिया जाएगा। दो माह की छुट्टियों की अदायगी नहीं की जाएगी। बुधवार को शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने 6297 प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों के भर्ती नियम अधिसूचित किए। 21 से 45 वर्ष की आयु के बारहवीं कक्षा में 50 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले हिमाचली भर्ती के लिए पात्र होंगे। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम में दो वर्ष का डिप्लोमा या नर्सरी में बीएड होना अनिवार्य रहेगा। एक साल का डिप्लोमा करने वाले भर्ती के लिए पात्र नहीं होंगे। आउटसोर्स आधार पर इनकी भर्तियां की जाएंगी। प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों (ईसीसीईटी) की नियुक्ति के लिए नियम एवं शर्तें, उनके रोजगार, पारिश्रमिक, योग्यता और जिम्मेदारियों के लिए जारी दिशा-निर्देश में बताया गया कि इन्हें चयनित सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त किया जाएगा। विद्यालयवार रिक्तियां प्रारंभिक शिक्षा निदेशक निर्धारित करेंगे। करों और सेवा प्रदाता शुल्क सहित 10 हजार का मासिक पारिश्रमिक मिलेगा। भुगतान केवल 10 महीनों के लिए किया जाएगा, जिसमें स्कूल की छुट्टियों की अवधि शामिल नहीं है। प्रत्येक जिले में प्राथमिक शिक्षा के उप निदेशक के समग्र नियंत्रण में रहते हुए प्रशिक्षक स्कूल के सबसे वरिष्ठ शिक्षक की देखरेख में काम करेंगे। राज्य सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी प्रशिक्षक को वियोजन से मुक्त नहीं किया जा सकेगा। नामांकन भिन्नता या प्रशासनिक कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशक के परामर्श से स्थानांतरण हो सकेंगे। मान्यता प्राप्त संस्थान से नर्सरी शिक्षक शिक्षा, प्री-स्कूल शिक्षा, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा कार्यक्रम (कम से कम दो वर्ष का) में डिप्लोमा या बीएड (नर्सरी) होना चाहिए। एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए योग्यता अंकों में 5 प्रतिशत की छूट रहेगी। हिमाचल प्रदेश के बाहर के संस्थानों से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को वास्तविक हिमाचली होना आवश्यक रहेगा। धोखाधड़ी को रोकने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी उम्मीदवारों की उचित स्क्रीनिंग करेगी। डिप्लोमा प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता के लिए सत्यापन किया जाएगा। एनसीटीई-मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिप्लोमा वाले उम्मीदवारों पर ही विचार किया जाएगा। किसी प्रशिक्षक के जाने की स्थिति में आउटसोर्स एजेंसी को 14 दिनों के भीतर उपयुक्त प्रतिस्थापन प्रदान करना होगा।
** यह घटना निहरी की सोझा पंचायत के शलाह में हुई घटित तातापानी/रमेश: हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले की तहसील निहरी की ग्राम पंचायत सोझा के शलाह गांव में आज सुबह 5 बजे प्राकृतिक आपदा का कहर देखने को मिला। जहां पर आसमानी बिजली गिरने से दिनेश कुमार झुलसे और घर में भारी भरकम नुकसान हुआ। दिनेश कुमार जो की एक गरीब परिवार से सम्बन्ध रखते हैऔर मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते है। उनके घर में आज सुबह ये घटना घटित हुई। वहा के स्थानीय निवासी ललित ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह जब दिनेश कुमार घर से बाहर निकले तो अचानक से आसमानी बिजली गिरने से दिनेश कुमार झुलसे और घर को भारी नुकसान पहुंचा। दिनेश कुमार को सुन्नी हॉस्पिटल ले जाया गया। हालांकि दिनेश कुमार खतरे से बाहर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन व सरकार से गुहार लगाई है की दिनेश कुमार जो की बहुत गरीब परिवार से है उन्हें उपचार व घर की मुरम्मत के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।
धरमपुर/डिंपल: सरकाघाट उपमंडल के तहत पंचायत रखोह के कलोह गांव में बुधवार सुबह एक दंपती की कुएं में गिरने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय संजीव कुमार पुत्र नानक चंद अपने घर के पास वाले कुएं में पानी भरने गया था। इस दौरान उसका अचानक पैर फिसल गया और वह कुएं में जा गिरा। बहुत देर तक जब वह घर नहीं लौटा तो उसकी पत्नी नीलम कुमारी भी कुएं के पास पहुंची। वहां उसने पति को कूएं में डूबा हुआ देखा। पत्नी ने पति को बचाने की कोशिश की तो उसका भी पैर फिसल गया और वह कुएं में जा गिरी। काफी देर तक जब संजीव और नीलम घर नहीं पहुंचे तो उनकी माता लीला देवी कुएं के पास पहुंची। जैसे ही उसने दोनों को देखा तो होश खो बैठी और चिल्लाने लगी। गांव वालों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर आकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और छानबीन जारी है। कुआं 35 फीट गहरा था। मृतक संजीव कुमार रखोह पंचायत का वार्ड पंच था और उसकी पत्नी नीलम कुमार आशा वर्कर थी। इनका एक 21 वर्षीय बेटा है जो एम फार्मा की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा घर पर 72 वर्षीय बुजुर्ग मां है। अब इस परिवार में सिर्फ बुजुर्ग मां और नौजवान बेटा ही शेष रह गए हैं। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। हर कोई इस घटना के बारे में सुनकर गमगीन है। क्योंकि किसी ने यह कभी नहीं सोचा था कि गांव में घर के पास जो कुआं पानी के रूप में जिंदगी की डोर को आगे बढ़ा रहा है एक दिन वहीं कुआं मौत का कुआं बनकर जीवन की डोर को तोड़ देगा।
हिमाचल में प्री और पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के तहत 2022-23 और 2023-24 की राशि रोकी गई है। बैंक खाते से आधार नंबर नहीं जोड़ने पर 11,024 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जारी करने पर रोक लगा दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राशि जारी करवाने के लिए आधार नंबर को बैंक खातों से जुड़वाने के लिए अंतिम मौका देते हुए तीन माह की माेहलत दी है। विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज प्रिंसिपलोंं और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजे गए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन बैंक खातों को आधार से नहीं जोड़ा गया है, ऐसे खातों में छात्रवृत्ति की राशि न जोड़ा जाए। छात्रवृत्ति आवंटन में फर्जीवाडा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 और 2023-24 के लिए प्री मैट्रिक और पाेस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना के लंबित मामलों में धनराशि जारी नहीं की है। निदेशक ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में बचत खाते खोलने के लिए विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कहा है। भारतीय डाक भुगतान बैंक के पास ग्रामीण, दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में विशाल नेटवर्क क्षमता है। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक द्वारा सभी खाते आधार नंबर से जोड़ने के बाद ही खोले जाते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ उनके अभिभावकों या संरक्षकों से भी संपर्क करने को कहा है। निदेशक ने कहा कि अगर किसी विद्यार्थी ने तीन माह के बाद भी आधार नंबर को बैंक खातों से नहीं जुड़वाया तो ऐसे मामलों में छात्रवृत्ति जारी नहीं होगी।प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना में 6,549 विद्यार्थियों की राशि रुकी है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत 19,813 पात्र पाए गए। 16,408 को राशि दी गई जबकि बैंक खाते से आधार नहीं जुड़वाने पर 3,405 की राशि को रोका गया है। इसी तरह शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए 19,523 विद्यार्थी पात्र थे। 16,311 को पैसा दिया गया और 3,144 की राशि रोकी गई। पोस्ट मैट्रिक योजना में 4,475 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए 23,450 विद्यार्थी पात्र पाए गए। 20,742 को राशि जारी हुई जबकि 2,708 को पैसा नहीं दिया गया है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए 23,435 पात्र विद्यार्थी थे। 21,668 को राशि दी गई। बैंक खाते से आधार नहीं जुड़वाने पर 1,767 की छात्रवृत्ति रोका है।
शिमला: जस्टिस राजीव शकधर हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। आज सुबह करीब 11 बजे हिमाचल राजभवन में हुए एक कार्यक्रम में जस्टिस राजीव शकधर ने हिमाचल हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। राज्यपाल राजीव प्रताप शुक्ल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में हिमाचल सरकार के मंत्री, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, हाइकोर्ट के जज और आला अधिकारी मौजूद थे। हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में राजीव शकधर का कार्यकाल एक महीने से भी कम का होगा, क्योंकि जस्टिस राजीव शकधर 18 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव को झारखंड हाईकोर्ट का सीजे नियुक्त किया गया है। हिमाचल हाईकोर्ट के सीजे का कार्यभार संभालने वाले न्यायमूर्ति राजीव शकधर फिलहाल दिल्ली हाइकोर्ट के जस्टिस थे। दिल्ली के ही सेंट कोलंबस स्कूल से उन्होंने आरंभिक शिक्षा हासिल की हैं। उन्होंने 1984 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी-कॉम (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की थी। फिर साल 1987 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। वो नवंबर 1987 में वकील के तौर पर नामित हुए। इसी साल उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से CA की पढ़ाई पूरी की थी। साल 1994 में उन्होंने लंदन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज से लॉ का एडवांस कोर्स पूरा किया। 8 दिसंबर 2005 को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित हुए थे। न्यायमूर्ति राजीव शकधर को 11 अप्रैल 2008 को दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश बनाया गया था। फिर 17 अक्टूबर, 2011 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति की पुष्टि की गई। उन्हें 11 अप्रैल 2016 को मद्रास हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया, लेकिन फिर 15 जनवरी, 2018 को उन्हें वापस दिल्ली हाईकोर्ट में ही स्थानांतरित किया गया। मद्रास उच्च न्यायालय में सूचना और प्रौद्योगिकी समिति की अध्यक्षता की है और दिल्ली उच्च न्यायालय में भी इसी पद पर हैं। उन्हें सिविल मुकद्दमे, संवैधानिक कानून, वाणिज्यिक मुकद्दमे, कॉर्पोरेट और कराधान कानूनों पर महारात हासिल है। उल्लेखनीय है कि 18 अक्तूबर को इनकी सेवानिवृति के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज न्यायमूर्ति जीएस संधवालिया को हिमाचल हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश भी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पहले ही कर दी थी। उनकी नियुक्ति न्यायमूर्ति शकधर की रिटायरमेंट के बाद होगी।
** विद्युत बोर्ड ने ऑपरेटरों को थमाया नोटिस मंडी: जिले में मंडी शहर में बिजली की खंभों पर मक्कड़जाल की तरह लटकी केबल, टेलीकॉम नेटवर्किंग की तारों को हटाने का मुद्दा शहरी निकाय के चुनावों में हर बार गुंजता है, लेकिन शहर की सरकार बनते ही हर बार यह मुद्दा गायब हो जाता है। तारों का यह जंजाल पिछले दो दशकों से विद्युत बोर्ड के लिए सिरदर्द बना हुआ है और यह जंजाल कम होने की बजाय और फैल रहा है। शहर की सरकार द्वारा मक्कड़जालनुमा इन तारों को हटाने के लिए कोई उचित कदम न उठाने के बाद विद्युत बोर्ड ने अब अपने स्तर पर ही कसरत शुरू कर दी है। बता दें कि पिछले महीने 24 अगस्त को विद्युत बोर्ड के मंडी डिविजन कार्यालय द्वारा बिजली के खंभों से इन तारों को हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। इस नोटिस पर शहर के केबल व इंटरनेट नेटवर्किंग ऑपरेटरों ने कोई संजीदगी नहीं दिखाई, जिसके बाद अब विभाग ने 24 सितंबर को एक और अंतिम नोटिस भेजा, जिसमें 15 दिन के भीतर इन तारों को हटाने का अल्टीमेटम ऑपरेटरों को दिया गया है। विद्युत विभाग का कहना है कि यदि शहर के ऑपरेटरों द्वारा इस नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया जाता है तो आगे विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। वहीं विभाग का यह भी कहना है कि बिजली के खंभों पर झूल रही इन तारों के जंजाल से ही शहर में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। इन तारों के कारण शॉर्ट सर्किट होने से यदि कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो उसकी सारी जिम्मेदारी इन्हीं ऑपरेटर्ज की होगी। इस बारे में विद्युत उपमंडल-1 मंडी सहायक अभियंता नरेश ठाकुर ने बताया, "बिजली के खंभों पर बेतरतीब ढंग से लटकी इन तारों को हटाने के लिए विभाग एक्शन मोड में हैं। शहर में अनाधिकृत तरीके से लटकी इन तारों के कारण जहां विभाग के कर्मचारियों को खंभे पर लगी बिजली की तारों के रखरखाव में कई परेशानियां होती है। वहीं, शॉर्ट सर्किट होने का भी खतरा बना रहता है। बता दें कि मंडी शहर में हर ओर बिजली के खंभों पर तारों का ही जंजाल नजर आता है। तारों के ये मक्कड़जाल जहां शहर की खूबसूरती को बदनुमा दाग लगा रहे है। वहीं, शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं को भी बुलावा दे रहे हैं। वहीं, अब विद्युत विभाग ने शहर वासियों को इन तारों के जाल से मुक्ति दिलाने के कवायत शुरू कर दी, जिसके तहत अनधिकृत तरीके से लटकी इन तारों को हटाने के लिए अंतिम नोटिस भी विभाग की ओर से विभिन्न ऑपरेटरों को भेजे गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन दिनों से मौसम शुष्क बना रहा, जिसके कारण तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि मौसम विभाग शिमला ने आज बुधवार के लिए शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग ने बुधवार और गुरुवार को प्रदेश के 12 में से 6 जिलों में अलग-अलग स्थान पर गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग शिमला ने बताया कि 1 जून से 24 सितंबर तक चालू मानसून सीजन में बारिश की 21 फीसदी कमी दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में सामान्य 723.1 मिमी के मुकाबले 573.7 मिमी बारिश हुई है। लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा 69% बारिश की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद ऊना में 35%, चंबा में 34%, हमीरपुर में 31%, सोलन में 21%, किन्नौर में 20%, कांगड़ा और सिरमौर में 9% और मंडी में 4% बारिश की कमी दर्ज की गई, जबकि शिमला प्रदेश में एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां 15% अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं, हिमाचल में अधिकतम तापमान में भी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से मौसम शुष्क रहने से तापमान सामान्य से 3 से 8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के केलांग में अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.9 डिग्री ज्यादा रहा, जबकि जनजातीय जिला किन्नौर के कल्पा में दिन का तापमान 25.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री ज्यादा रहा। प्रदेश में सबसे गर्म ऊना रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.7 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। इसके अलावा सोलन में पारा सामान्य से 5.6 डिग्री ज्यादा, भुंतर में सामान्य से 5.8 डिग्री ज्यादा, धर्मशाला में सामान्य से 5.2 डिग्री ज्यादा और शिमला में सामान्य से 5.7 डिग्री ज्यादा रह। वहीं, प्रदेश में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2 से 5 डिग्री अधिक रहा।
हिमाचल में मस्जिद के अवैध निर्माण से बाहरी लोगों को लेकर उपजे विवाद के बाद सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश सरकार ने सबसे पहले नगर निगम शिमला की परिधि के तहत स्ट्रीट वेंडर को रेगुलेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम मेयर सुरेंद्र चौहान, शिमला व्यापार मंडल व शहर की स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें विक्रमादित्य सिंह ने नगर निगम को तहबाजारियों की पहचान करके, शहर में स्ट्रीट वेंडर जोन चिन्हित व स्ट्रीट वेंडर्स के लिए ब्लू लाइन लगाने के निर्देश दिए हैं। जहां पर वेंडिंग होगी, जिसके लिए तहबाजारियों को परमिट जारी किए जाएंगे, जिसका हर तीन साल में कमेटी की ओर से रिव्यू किया जाएगा। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वेंडिंग के लिए जोनिंग और ब्लू लाइन का कार्य पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्त को 30 दिसंबर की डेडलाइन दी गई है, जिसमें विकलांग, विधवा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को प्राथमिकता दी जाएग। इसकी बकायदा नियमित तौर पर मॉनिटरिंग भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी स्ट्रीट वेंडर को अपने लाइसेंस फोटो के साथ दुकान के आगे लगाने होंगे। बिना लाइसेंस वालों को शहर में नहीं बैठने दिया जाएगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नगर निगम शिमला ने अभी तक शहर में 1060 तक स्ट्रीट वेंडर की पहचान की है, जिनमें से 540 नए तहबाजारी और जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ त्रुटियां भी रह गई हैं। शहर में कई ऐसे वेंडर भी हैं, जिनकी वैरिफिकेशन हो चुकी है, लेकिन ऐसे लोग अब मौके पर नहीं बैठ रहे हैं। इनकी भी पहचान करने के लिए कहा गया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्ट्रीट वेंडरों के लिए विभाग ने नगर निगम को किराया तय करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि लोअर बाजार, लक्कड़ बाहर और मिडल बाजार आदि भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिक रेट और बाकी जगहों पर कम किराया रखने के लिए कहा गया है, ताकि व्यापारी व स्ट्रीट वेंडर को कोई नुकसान नहीं हो। व्यापारियों की शिकायत है कि शिमला में रविवार को संडे मार्केट सजती है, जिसमें बाहरी राज्यों से भी लोग दुकानें सजाते हैं, लेकिन उनकी ना तो कोई पहचान होती है, ना ही नगर निगम को आय होती है। ऐसे में नगर निगम आयुक्त को इन्हें रेगुलेट किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडिंग में हिमाचल के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
** एग्री ड्रोन के माध्यम से कृषि की नवीनतम तकनीक की दी जानकारी विकास खंड द्रंग की ग्राम पंचायत सियून के डायनापार्क में विदेशी सब्जी उत्पादन बारे किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र मंडी के सौजन्य से किया गया। साथ ही तरयांबली पंचायत के बासाधार में वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग पर एक अन्य जागरूकता शिविर लगाया गया। ये दोनों शिविर कृषि विज्ञान केंद्र मंडी द्वारा कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश के सहयोग से संचालित किए गए। डायनापार्क में आयोजित विदेशी सब्जी उत्पादन के शिविर में मुख्य रूप से किसानों को विदेशी सब्जियों की खेती के आधुनिक तरीकों और उनकी देखभाल व विपणन की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र की सब्जी वैज्ञानिक, डॉ. शकुंतला राही ने किसानों को विदेशी सब्जियों की उन्नत किस्मों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं, बासाधार में आयोजित वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग पर शिविर में डॉ. बृज वनिता, पशु वैज्ञानिक, ने वैज्ञानिक विधियों द्वारा डेयरी फार्मिंग के लाभ, पशुओं की देखभाल, टीकाकरण, और पोषण प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को डेयरी उद्योग से अधिक आय प्राप्त करने के लिए आधुनिक पशुपालन तकनीकों के बारे में बताया। इन दोनों शिविरों में विशेष आकर्षण के रूप में एग्रीड्रोन प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें ड्रोन पायलट पार्थ ने किसानों को खेतों में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, इसके व्यावहारिक लाभों और उपयोग के तरीके दिखाए। ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई। शिविरों में कृषि विस्तार अधिकारी पधर प्रकाश ठाकुर और कृषि विज्ञान केंद्र मंडी की वरिष्ठ अनुसंधान सहकारी, रंजना ठाकुर ने भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में किसानों के सवालों का जवाब देते हुए कृषि और डेयरी से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इन जागरूकता शिविरों में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के प्रति उत्साह दिखाया।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मार्च 2025 में होने वाली बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में 32 नंबर के आसान आर 20 नंबर के कठिन प्रश्न विद्यार्थियों से पूछेगा। इसके अलावा सामान्य स्तर के 28 नंबर के प्रश्न पूछे जाएंगे। इस दौरान प्रश्नपत्र के 40 फीसदी प्रश्न आसान, 35 फीसदी सामान्य और 25 फीसदी कठिन प्रश्न पूछे जाएंगे। मार्च में नए पैटर्न में आने वाले प्रश्नपत्रों के शिक्षा बोर्ड ने मॉडल पेपर तैयार किए हैं, जिन्हें बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव करने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा बोर्ड से परीक्षा पास करने वाले परीक्षार्थियों को आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। एमसीक्यू प्रश्नों को हल करने के लिए ओएमआर सीट भी दी जाएगी। यह बदलाव तीसरी, पांचवीं, आठवीं, नौवीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के प्रश्नपत्रों में देखने को मिलेगा। बोर्ड के नए पैटर्न के अनुसार स्कूल शिक्षा बोर्ड एक नंबर के 16 प्रश्न पूछेगा। इनमें नौ प्रश्न आसान, चार सामान्य और तीन का स्तर कठिन रहेगा। इसके अलावा दो नंबर के नौ प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें पांच आसान और दो-दो प्रश्न सामान्य और कठिन श्रेणी से रहेंगे। वहीं, तीन नंबर के छह प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें आसान तीन, सामान्य दो और कठिन स्तर का एक कठिन स्तर का प्रश्न पूछेगा, जबकि चार नंबर के तीन प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें आसान स्तर का एक और सामान्य स्तर के दो प्रश्न रहेंगे। इसके अलावा पांच नंबर के दो प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनका स्तर कठिन श्रेणी का रहेगा। वहीं छह नंबर एक ही प्रश्न पूछा जाएगा, जो कि सामान्य श्रेणी से आएगा। शिक्षा बोर्ड आसान स्तर के 18, सामान्य स्तर के 11 और कठिन स्तर के आठ प्रश्न परीक्षा के दौरान पूछेगा। परीक्षाओं के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के आधुनिक तकनीक के आदर्श प्रश्नपत्र, अंक विभाजन और चरणबद्ध अंक योजना तैयार की गई है। प्रदेश के छात्रों और अध्यापकों की सुविधा के लिए इन आदर्श प्रश्नपत्रों और अंक विभाजन को कक्षावार और विषयवार बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2024 सत्र के लिए सभी पाठ्यक्रमों सेमेस्टर और सर्टिफिकेट कार्यक्रमों के अतिरिक्त नए प्रवेश और पुन: पंजीकरण की अंतिम तिथि को तीस सितंबर तक बढ़ाया है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्र इस बढ़ाई गई आवेदन की अंतिम तिथि तक प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। ऑनलाइन प्रवेश के लिए इग्नू के सीधे लींक ignou.samarth.ac.in और इग्नू की वेबसाइट ignou.ac.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। प्रवेश से संबंधित अधिक जानकारी के लिए छात्र इग्नू के क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र शिमला के दूरभाष नंबर 0177-262412 पर संपर्क कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की ओर से यूजी डिग्री कोर्स बीए, बीएससी, बी कॉम और 2021-22 बैच बैच को प्रथम वर्ष की परीक्षा पास करने को दिए परीक्षा के अतिरिक्त गोल्डन चांस के लिए 29 सितंबर तक ऑनलाइन फार्म भरने का मौका दिया है। विवि के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. श्याम लाल कौशल ने कहा कि परीक्षा अक्तूबर में होगी। इसके लिए विवि के nexams.hpushimla.in के माध्यम से परीक्षा फार्म भर सकते हैं। यूजी डिग्री को तय पांच साल की अविधि में पूरा करने के लिए दिए गए इस मौके में बीए, बीएससी, बीकॉम और शास्त्री डिग्री के 2021-22 बैच के वो छात्र पात्र होंगे, जिनकी प्रथम वर्ष में कंपार्टमेंट है।
हिमाचल प्रदेश में एक कांस्टेबल को नौकरी से निकालने के मामले में पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, दो रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर, 3 एसपी समेत 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। सक्षम अदालत के आदेश पर आईजी साउथ रेंज ने शिमला सदर पुलिस स्टेशन को केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व डीजीपी संजय कुंडू समेत अन्य 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट की धारा 3(1)(P), एससी-एसटी एक्ट 1989 के तहत मुकदमा रजिस्टर हुआ है। नौकरी से निकाले गए कांस्टेबल धर्म सुख नेगी की पत्नी मीना नेगी की शिकायत के आधार पर ये एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें महिला ने पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, पूर्व आईपीएस समेत अन्य पुलिस अधिकारियों पर उसके पति के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। कांस्टेबल और उसकी पत्नी जनजातीय जिला किन्नौर के रहने वाले हैं। ये मामला पूर्व भाजपा के कार्यकाल का हैं। जब संजय कुंडू हिमाचल पुलिस के मुखिया थे। महिला ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज शिकायत में बताया कि पुलिस के उच्च अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके पति धर्म सुख नेगी को नौकरी से निकाला है। महिला ने बताया है कि पुलिस अधिकारियों ने पहले उसके पति पर झूठे व मनगढ़ंत आरोप लगाए और फिर विभागीय जांच बैठा कर 9 जुलाई 2020 को जबरन बेइज्जत करके नौकरी से निकाल दिया, जबकि कांस्टेबल के तौर पर उसके पति का 8 वर्षों का सेवाकाल बचा हुआ था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पति को पुलिस हेडक्वार्टर से आवंटित सरकारी आवास का बिना वर्क आउट के 1 लाख 43 हजार 424 रुपए का रेंट वसूलने के आदेश दिए। इसके अलावा 2020 से अब तक उनकी ग्रेच्युटी, डीसीआरजी और अन्य लाखों रुपयों का रिटायरमेंट बेनिफिट्स को रोक कर रखा गया है। महिला ने बताया कि उसके पति को सरकारी आवास को खाली करने को लेकर कई बार तत्कालीन डीजीपी संजय कुंडू और एसपी वेलफेयर ने उन्हें जलील किया है। इसके लिए तत्कालीन डीजीपी और एसपी वेलफेयर द्वारा पुलिस आवासीय कॉलोनी भराड़ी व उनके पैतृक गांव रामनी, किन्नौर में बार-बार नोटिस भेजकर उनके परिवार को समाज में जलील किया गया। महिला ने शिकायत में बताया कि नवंबर 2023 को उन्होंने कोर्ट, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मुख्य सचिव, गृह सचिव और एसपी शिमला को प्रार्थना पत्र देकर उनके परिवार पर हुए अत्याचार और अमानवीय व्यवहार की जानकारी भी दी गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व डीजीपी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके पति व परिवार को सामाजिक, आर्थिक व मानसिक तौर पर पीड़ा पहुंचाई है, जिससे आज उसका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। महिला द्वारा पूर्व डीजीपी संजय कुंडू, रिटायर आईपीएस हिमांशु मिश्रा और अरविंदर शारदा, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, दिवाकर दत्त शर्मा, अंजू आरा खान, भगत सिंह ठाकुर, पंकज शर्मा, मीनाक्षी और डीएसपी बलदेव शर्मा शामिल हैं। मामले में शिमला पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट की धारा 3(1)(P) के तहत एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
शिमला: हिमाचल में जिला शिमला के तहत लोक 16 मील धामी में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की 262 वीं शाखा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान लोगों की मांग पर अब तक 22 ब्रांचों को खोलने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य सहकारी बैंक आम-जनमानस के साथ-साथ किसानों- बागवानों वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे सहकारी बैंक की आमदनी में भी बढ़ौतरी हो रही है। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक की ओर से विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ-साथ गरीब परिवारों के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई गई है, जिसके जरिए लोगों को बहुत कम दरों पर ऋण दिया जा रहा है। इस दौरान अगर कोई भी संस्था या व्यक्ति नियमित रूप से ऋण की अदायगी करता है तो उनके ऋण ब्याज में और कमी का प्रावधान भी है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सहकारी बैंक के राजस्व में काफी अधिक बढ़ोतरी हुई है, जिसमें अब तक 26 हाजर करोड़ रुपए का टर्नओवर शामिल है, जिस कारण ये बैंक अच्छे काम के कारण देश के सभी सहकारी बैकों की सूचि में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हर घर को सड़क सुविधा से जोड़ना हमारा दायित्व है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 70 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। सरकार अब चौथे चरण का कार्य शुरू करने जा रही है। जिसमें सभी गावों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि टुटु के पास नई सब्जी मंडी बनकर तैयार है, जिसका जल्द ही शुभारंभ किया जाएगा, जाठिया में हिमालयन काॅलोनी नाम से एक बड़ा शहर बनाने के लिए केन्द्र सरकार से शीघ्र परियोजना स्वीकृत करने का आग्रह किया गया हैं। उन्होंने बताया कि शिमला-कांगड़ा फोरलेन को तारादेवी-बडैहरी-रैहल होते हुए घनाहटी के लिए जोड़ने के लिए एलाइनमेंट का काम जारी है। अगर किसी की मलकीयती जमीन सड़क में आती है तो उसके लिए उचित मुआवजे का प्रावधान किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि हीरानगर के पास करीब 5.50 करोड़ की लागत से खंड विकास अधिकारी कार्यालय का नया भवन बनाया जाएगा, जिसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर राज्य सहकारी बैंक देवेंद्र श्याम ने कहा कि सहाकारी बैंक की इस नई शाखा में 9 करोड़ रुपए का डिपोजिट है, जिसे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक की ओर से 11 हजार किसानों-बागवानों को केसीसी बैंक ऋण प्रदान किए गए हैं।
देश के कई हिस्सों से मानसून विदा होने लगा है लेकिन हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मानसून से राहत नहीं मिलने वाली है। हिमाचल में 25 सितंबर से लेकर 27 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। इसको लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। इस दौरान कई हिस्सों में ओलावृष्टि और गर्जन के साथ बारिश भी हो सकती है। सोमवार को शिमला सहित प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ बना हुआ है पिछले दो-तीन दिनों से बारिश न होने के चलते तापमान में भी काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है खासकर राजधानी शिमला में तापमान 28 डिग्री तक पहुंच गया है जो कि इससे सीजन का सबसे ज्यादा तापमान रिकार्ड किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी हुई है और राजस्थान, गुजरात में भी 24 घंटे में मानसून विदा हो सकता है। हिमाचल प्रदेश की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में फिलहाल अभी मानसून जारी रहेगा और 25 सितंबर से फिर से बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम खराब बना रहेगा और इस दौरान ओलावृष्टि गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है और इसको लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते तीन-चार दिनों से मौसम साफ बने रहने से तापमान में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है दो दिन पहले शिमला में तापमान 26 डिग्री तक पहुंच गया आज मौसम साफ बना रहेगा तो 28 डिग्री तक अधिकतम तापमान पहुंच जाएगा जो की सीजन का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया जाएगा।


















































