हिमाचल: कुल्लू अस्पताल में प्रसूता की मौत का मामला विधानसभा में गूंजा, जयराम ने जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में कुल्लू अस्पताल में प्रसव के बाद 23 वर्षीय महिला रजनी शर्मा उर्फ मंजू शर्मा की मौत का मामला जोरदार तरीके से उठा। प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने मामले की जांच और अस्पताल प्रशासन की भूमिका को लेकर सरकार से जवाब मांगा। जयराम ठाकुर ने पूछा कि क्या जांच में चिकित्सीय अथवा प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है? यदि लापरवाही पाई गई है तो संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में अलग-अलग जांचों के निष्कर्ष आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमएस की जांच और एसडीएम की जांच रिपोर्ट में अंतर दिखाई दे रहा है। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि आखिर सही रिपोर्ट कौन सी है और जो जांच अभी विचाराधीन है, वह कब पूरी होगी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मामला गंभीर है और डॉक्टर के व्यवहार को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। उन्होंने ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार अस्पताल प्रशासन ने भी ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर लोगों में रोष है और मामले में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन भी हुए, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- जांच जारी, जिम्मेदार डॉक्टर निलंबित
स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने सदन में घटना को दुखद बताते हुए मृतका के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सीय प्रणाली से जुड़ा मामला है और इसकी विवेचना जारी है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मामले में दो स्तर पर जांच कराई गई है। एक जांच अस्पताल स्तर पर और दूसरी स्वतंत्र जांच के उद्देश्य से कराई गई, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से पड़ताल हो सके। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार डॉक्टर को निलंबित किया गया है और जांच अभी जारी है।
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