हिमाचल में पहुंचीं 300 इलेक्ट्रिक बसें, डिप्टी सीएम बोले—पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर होगा सार्वजनिक परिवहन
शिमला: हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में करीब 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं। उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इन बसों को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और रूटों पर चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है।
इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मुख्य उद्देश्य डीजल बसों पर निर्भरता कम करना और हिमाचल के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखना है। जिन रूटों पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हो चुके हैं, वहां इन बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में पुराने डीजल वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक बसों से बदला जाए।
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, नई इलेक्ट्रिक बसें स्थानीय रूटों के साथ-साथ जरूरत के अनुसार लंबी दूरी के रूटों पर भी चलाई जाएंगी। पालमपुर में हाल ही में 10 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। वहीं बिलासपुर, कांगड़ा और शिमला ग्रामीण सहित कई क्षेत्रों को भी नई ई-बसें उपलब्ध करवाई गई हैं।
सरकार ने भविष्य में एचआरटीसी के बेड़े में 1,000 और इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों, पीजीआई, एम्स बिलासपुर और प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू करने की योजना है। इससे लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
