शिमला नगर निगम : बज चुकी है चुनावी रणभेरी
शिमला नगर निगम चुनाव की रणभूमि पर आगामी चुनावी महासंग्राम के लिए राजनीतिक दलों ने अपने सियासी अस्त्र -शस्त्र तैयार कर लिए है। चुनावी रणभेरी बज चुकी है और अब रण कौशल दिखाने की बारी है। चुनाव प्रचार 30 अप्रैल को थम जाएगा और प्रत्याशियों के पास जनता का भरोसा जीतने के लिए एक महीने से भी कम समय बाकी है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ये चुनाव अपने आप में बेहद खास हैं। भाजपा के सामने जहां शिमला नगर निगम पर कब्ज़ा बरकरार रखने की चुनौती है, तो वहीँ नई नवेली कांग्रेस सरकार के लिए ये साख का सवाल है। इसी तरह ये चुनाव सीपीआईएम के लिए अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने का अवसर है, तो आम आदमी पार्टी के भविष्य के लिए भी ये अहम है। ऐसे में स्वाभाविक है कि शिमला नगर निगम चुनाव में जबरदस्त घमासान देखने को मिलेगा।
नगर शिमला पर अपना झंडा फहराने के लिए सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी फुल एक्शन मोड में दिख रही है। पूरी एक्शन फाॅर्स तैयार की गई है जिसमें पार्टी के धुरंधर शामिल है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, तो वहीँ कैंपेंन कमेटी की कमान डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री संभालेंगे। स्क्रीनिंग कमेटी में उद्योग मंत्री के साथ ही मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह, हरीश जनारथा के अलावा आशीष बुटेल, विनय कुमार को कमेटी में रखा गया है। यह स्क्रीनिंग का काम देखेंगे और किसे चुनाव में उतारना है, इसका निर्णय लेंगे। कैंपेंन कमेटी की कमान डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री संभालेंगे,वहीं हेल्थ मिनिस्टर धनीराम शांडिल को संयोजक लगाया गया है। मेंबर की भूमिका में विधायक नंदलाल, मोहन लाल ब्राक्टा, अजय सोलंकी, विनोद सुल्तानपुरी भी शामिल है। इसके अलावा नरेंद्र कटारिया, रजनीश किमटा, दयाल प्यारी और हरदीप सिंह बावा को भी स्थान मिला है।
वहीं कांग्रेस ने इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी की कमान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को सौंपी गई है, तो सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा को इस कमेटी संयोजक बनाया गया हैं। इनके अलावा महेश्वर सिंह चौहान, संजय अवस्थी, रघुबीर सिंह बाली, इंद्रदत्त लखनपाल, देवेंद्र बुशहरी, रामकुमार, सुरेश कुमार, राजेश शर्मा, सुनील शर्मा बिट्टू, अमित नंदा, रितेश कपरेट को मेंबर लगाया गया। कांग्रेस की इन फेहरिस्तों को देख कर स्पष्ट दिख रहा है पूरी कांग्रेस सरकार नगर निगम शिमला के चुनावी मैदान में उतरेगी। ये पार्टी के लिए अच्छे संकेत भी है और वहीँ अगर पार्टी बेहतर नहीं कर पाती तो पूरी सरकार की किरकिरी होना भी लाज़मी है।
उधर चुनाव के लिए भाजपा ने भी कमर कस ली है। भाजपा ने इस बार शिमला नगर निगम चुनाव के लिए विधायकों और पूर्व विधायकों को मैदान में उतारा है। भाजपा ने अपने सभी विधायकों को प्रवासी वार्ड प्रभारी नियुक्त किया है। शिमला नगर निगम चुनाव का प्रभारी सुखराम चौधरी को नियुक्त किया गया है। तो वहीं हर वार्ड पर एक विधायक की ड्यूटी लगाई गई है। ज़ाहिर है यहाँ कब्ज़ा बरकरार रखने को भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
'आप' के लिए करो या मरो :
आम आदमी पार्टी ने शिमला के सभी वार्डों में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। पर ये देखना रोचक होगा कि पार्टी यहाँ पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरती है या खानापूर्ति के लिए चुनाव लड़ती है। जाहिर सी बात है अगर पार्टी शिमला नगर निगम चुनाव में भी बेहतर नहीं कर पाई तो हिमाचल में पार्टी के भविष्य पर सवाल तो उठेंगे ही।
प्रत्याशी खर्च सकेंगे अधिकतम एक लाख
नगर निगम शिमला चुनाव के दौरान प्रत्याशी एक लाख रुपये तक प्रचार पर खर्च कर सकेंगे। इससे अधिक व्यय यदि प्रत्याशी द्वारा प्रचार पर किया जाता है तो सदस्यता रद्द किए जाने का प्रावधान है।
86,650 मतदाता करेंगे मतदान
नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने सभी 34 वार्डों की मतदाता सूची का प्रारूप जारी कर दिया। इस बार नगर निगम चुनाव में 86,650 मतदाता नगर निगम की सरकार चुनने के लिए मतदान करेंगे। इसमें पुरुष 45,544 और 41,106 महिलाएं मतदाता शामिल हैं। जिला प्रशासन की नई मतदाता सूची के प्रारूप में सबसे बड़ा वार्ड संजौली चौक बना है। संजौली चौक वार्ड में 4,062 मतदाता है। वहीं, सबसे छोटा वार्ड मल्याणा है। यहां पर कुल 962 मतदाता हैं।
