जल्द हो सकता है शिमला नगर निगम चुनाव का ऐलान
जल्द ही नगर निगम शिमला के चुनाव होने है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ये चुनाव अपने आप में बेहद खास हैं। भाजपा के सामने जहां शिमला नगर निगम पर कब्ज़ा बरकरार रखने की चुनौती है, तो वहीँ नई नवेली कांग्रेस सरकार के लिए ये साख का सवाल है। इसी तरह ये चुनाव सीपीआईएम के लिए अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने का अवसर है, तो आम आदमी पार्टी के भविष्य के लिए भी अहम है। ऐसे में स्वाभाविक है कि शिमला नगर निगम चुनाव में जबरदस्त घमासान देखने को मिलेगा।
यूँ तो शिमला नगर निगम के चुनाव जून 2022 से ड्यू थे, लेकिन पहले कोर्ट में डिलिमिटेशन का मामला विचाराधीन होने से समय पर चुनाव नहीं हो सके। अब कोर्ट से मामला क्लीयर हो गया है और इसे देखते हुए स्टेट इलेक्शन कमीशन ने निगम चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब कभी भी निगम चुनाव का औपचारिक ऐलान हो सकता है।
मौजूदा राजनैतिक परिदृश्य की बात करें तो शिमला नगर निगम में 34 वार्ड है जो तीन निर्वाचन क्षेत्रों के अधीन आते है, शिमला शहरी, कसुम्पटी और शिमला ग्रामीण। विधानसभा चुनाव में इन तीनों ही निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस को शानदार जीत मिली है, तो भाजपा का सूपड़ा साफ हुआ है। यही नहीं विधानसभा चुनाव के दौरान शिमला नगर निगम के अधिकतम वार्डों से कांग्रेस को ही लीड प्राप्त हुई है। ज़ाहिर है भाजपा विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद शिमला नगर निगम में मिशन रिपीट का सपना पूरा करने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगाएगी।
यहाँ ये भी जहन में रखना होगा कि बीते विधानसभा चुनावों में मिली जीत के बाद कांग्रेस शिमला में पहले से ही मजबूत स्थिति में है। खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की राजनीतिक करियर की शुरुआत शिमला नगर निगम से हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नगर निगम शिमला में पार्षद रह चुके है और वे यहाँ की राजनीति को अच्छे से समझते है। प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी शिमला में ही रहती है और यहाँ की राजनीति से बेहतरीन तरीके से वाकिफ है। उधर, सरकार बनने के बाद से ही कांग्रेस ने जिला शिमला को पूर्ण अधिमान दिया है। जिला शिमला से अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह और रोहित ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान को भी कैबिनेट रैंक से नवाजा गया है और रोहड़ू से विधायक मोहन लाल ब्राक्टा को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया है। ऐसे में भाजपा और अन्य दलों के लिए शिमला नगर निगम की राह आसान नहीं होने वाली है।
संभवतः पार्टी सिंबल पर होंगे चुनाव :
शिमला नगर निगम चुनाव पार्टी सिंबल पर होंगे या नहीं, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि माहिर मान रहे है कि सुक्खू सरकार नगर निगम चुनाव पार्टी सिंबल पर करवा सकती है लेकिन बहरहाल औपचारिक ऐलान तक इन्तजार करना होगा।
