शिमला : कांग्रेस का सत्याग्रह किसके खिलाफ : डॉ. सिकंदर, गोस्वामी
राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार और इंदु गोस्वामी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्याग्रह सामाजिक न्याय के लिए शुरू किया था, भेदभाव मिटाने के लिए किया था, देश की आजादी के लिए किया था, जबकि कांग्रेस सत्याग्रह निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए कर रही है। कांग्रेस के नेता यह सत्याग्रह उनके नेता के सजायाफ्ता होने के बाद न्यायालय के खिलाफ करते दिख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल को सूरत की एक अदालत ने देश के ओबीसी वर्ग के खिलाफ उनकी अपमानजनक टिप्पणी को लेकर उचित कानूनी प्रक्रिया के बाद दोषी ठहराया और लोकसभा सांसद के रूप में उन्हें अयोग्य ठहराया जाना संबंधित कानून के तहत स्वत: परिणाम है, तो फिर ये सत्याग्रह किस लिए?
कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उनका यह सत्याग्रह किसके खिलाफ है। क्या कांग्रेस का सत्याग्रह राहुल द्वारा देश के पूरे पिछड़े समुदाय के लिए कहे गए अपमानजनक बातों को सही ठहराने के लिए है या अदालत के खिलाफ जिसने आपको सजा सुनाई है, या देश के संविधान के खिलाफ है या फिर उस प्रावधान के खिलाफ जिसके तहत आपको अयोग्य ठहराया गया है?
संपूर्ण लोकतंत्र के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने वाले लोग, सत्याग्रह के नाम पर महात्मा गांधी जी की समाधि पर जो कर रहे हैं, उसमें सत्य के प्रति कोई आग्रह नहीं, बल्कि अहंकार का दुराग्रह निर्लज्जता के साथ दिख रहा है। जो भी हुआ वह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा था। संसद का पुराना नियम था जिसके तहत सदस्यता गई। ये लोग न्यायालय के प्रति दुराग्रह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा की महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के लिए सत्याग्रह किया लेकिन बापू की समाधि पर कांग्रेस ने सत्य और अहिंसा, दोनों को तिलांजलि दे दी। इस सत्याग्रह में सबसे पहुँचने वाले लोगों में थे जगदीश टाइटलर जो सिख भाइयों के नरसंहार के आरोपी हैं। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या राजघाट में महात्मा गांधी के समाधि स्थल पर आयोजित उनका सत्याग्रह भी 'अहिंसा' के खिलाफ था। यह सत्याग्रह बापू का अपमान है।
