शिमला : प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने सराहा सरकार का "ग्रीन बजट "
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी सेवाएं महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार, जिला शिमला के अध्यक्ष गोविंद सिंह बरागटा, महासचिव विनोद शर्मा आयुर्वेदा चीफ फार्मासिस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश चौहान, बागवानी विभाग मनिस्टरीय संघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुमारी शीला चंदेल ने संयुक्त ब्यान में कहा है कि मुख्यमंत्री सुक्खू का प्रस्तुत यह प्रगतिशील बजट है, जो किसी भी वर्ग पर थोपा नहीं गया है। यह सरकार की राज्य के हर वर्ग और क्षेत्र के प्रति रचनात्मकता की पुष्टि को प्रदर्शित करता है ,जो व्यवस्था परिवर्तन की तरफ बढ़ते कदम है। महासंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के द्वारा बजट की आलोचना कर इसे दृष्टिहीन और दिशाहीन कहा गया है। ऐसा बयान उनकी राजनीतिक सोच और समझ को और हास्यास्पद बनाता है।
मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए पिछले पांच साल जिस नेता की न कोई दृष्टि और न कोई दिशा थी। मात्र कठपुतली बनकर मुख्यमंत्री के
पद का अवमूल्यन कर राज्य को 20 साल पीछे धकेल कर खुद सत्ता से बेदखल हो गए। विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू से मांग की है कि राज्य की वित्तीय स्थिति पर पिछले 10 वर्षों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा जाए और इस कदम के लिए प्रदेश के कर्मचारी वर्ग और जनता का सहयोग सरकार के साथ है। सरकार से यह भी मांग है कि संशोधित वेतनमान की बकाया राशी और डीए की लंबित दो किश्तों के भुगतान पर मुख्यमंत्री इस बजट में स्थिति और अवधि स्पष्ट करें।
