शिमला : हैली टैक्सी तथा चंडीगढ़ हवाई अड्डे से लग्जरी बस सेवा शुरू करने से बड़ सकता है टूरिस्ट इनफ्लो
नेहा धीमान। शिमला
टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन शिमला में पर्यटकों की स्टे को मात्र एक दिन से अधिक बढ़ाने तथा पर्यटकों की आमद को बढ़ाने की सभी संभावनाओं को तलाश करने पर कार्य कर रही है। शिमला के लिए एअर कनेक्टिविटी एक बहुत बड़ा फैक्टर है, जिसको बेहतर करने की आवश्कता है। वर्तमान में पवन हंस कंपनी केवल एक 11 सीटर हैली टैक्सी सर्विस चंडीगढ़ और शिमला के बीच चला रही है। यह हैली टैक्सी सेवा दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, चेनाई, बैंगलोर से चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर आने वाली किसी भी फ्लाइट को कॉनेक्ट नही करती। अधिकतर पर्यटक चंडीगढ़ बाई एयर इन्ही शहरों से आते हैं। क्याेंकि यह सभी फ्लाइटें सुबह 8ः30 से 2ः50 के बीच चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर लैंड करती है। इसीलिए पर्यटक इस हैली टैक्सी से उसी दिन शिमला नहीं पहुंच सकते। यदि हैली टैक्सी सेवा से पर्यटक शिमला आना चाहे, तो उन्हें एक रात चंडीगढ़ में ठहरना पड़ता है। क्योंकि हैली टैक्सी सुबह 9 बजे चंडीगढ़ एयर पोर्ट से चलती है। हैली टैक्सी सेवा मात्र छह दिन सोमवार से शनिवार तक उपलब्ध रहती है, जो पर्यटक वीकेंड पर शिमला आना चाहें, उन्हें वापसी के लिए रविवार को हैली टैक्सी सेवा उपलब्ध नहीं होती।
हैली टैक्सी सर्विस की उपलब्दता सबी सातों दिन होनी चाहिए या वीक ऑफ वीक के मध्य में होनी चाहिए, ताकि पर्यटक वीकेंड में हैली टैक्सी सेवा का लाभ उठा सकें। वर्तमान में हैली टैक्सी jubadhatti एयरपोर्ट पर उतरती है, जहां से शिमला पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से एक घंटे का समय लगता है। इस हैली टैक्सी को ढली हैली पोर्ट को जल्द ऑपरेशनल कर वहां से संचालित किया जाना चाहिए। इसी तरह और अधिक फ्लाइट्स चलाने की आवश्कता है, ताकि जो फ्लाइट्स चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर सुबह 8 बजे से शाम 3ः30 बजे तक उतरती है, उन्हें भी कनेक्टिविटी मिल सके। अभी जो मात्र 11 सीटर चॉपर शिमला के लिए चलाया जा रहा है, उसकी जगह 20 सीटर चॉपर चलना चाहिए। इससे हाई एंड डोमेस्टिक तथा फॉरेन टूरिस्ट को अट्रैक्ट किया जा सकता है।
इसके अलावा हवाई जहाज की फ्लाइट्स को भी बढ़ाने की आवश्कता है, ताकि मुंबई, चेनाई, कोलकाता, अहमदाबा व पूणे इत्यादि से आने वाली फ्लाइट्स को शिमला तक हवाई कनेक्टिविटी मिल सके। इसी तरह चंडीगढ़ एयरपोर्ट से शिमला के लिए फ्रीक्वेंट डायरेक्ट नॉनस्टॉप लग्जरी बसें चलाई जानी चाहिए, ताकि चंडीगढ़ उतरने वाली फ्लाइट्स के पैसेंजर्स को चंडीगढ़ में न रुक कर सीधा शिमला आने की सुविधा मिल सके। इससे होटलों की ऑक्यूपेंसी भी बडेगी तथा सरकार के राजस्व में भी बढ़ाेतरी होगी।
