ऊना : सीमावर्ती 5 गांवों के निवासियों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल : रायजादा
पंजाब के उद्योग से निकलने वाले केमिकल के कारण प्रदूषित हो चुके पानी की समस्या से जूझ रहे प्रदेश के सीमांत 5 गांवों के निवासियों की समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने यहां की पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से नगर परिषद संतोषगढ़ के क्षेत्र में वाटर सप्लाई और सिंचाई स्कीम स्थापित करने का फैसला लिया है। वहीं प्रदेश सरकार के इस कदम के बाद ग्रामीणों द्वारा संयुक्त रूप से पंजाब के उद्योग के खिलाफ किए जा रहे धरने को भी समाप्त कर दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसले को लेकर ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने प्रदेश के डिप्टी सीएम व जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री का आभार जताया है।
बता दें कि पंजाब के एक उद्योग से निकलने वाले वेस्ट केमिकल के चलते हिमाचल के पांच ग्राम पंचायत क्षेत्रों का भू-जल पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है। हालत यह है कि इन क्षेत्रों में सनोली, मजारा, पूना, बीनेवाल और मलिकपुर में एक तरफ जहां ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा, वहीं दूसरी तरफ इन खेतों की सिंचाई योजनाओं से निकलने वाला पानी फसलों को बर्बाद कर रहा है। इसी के चलते ग्रामीण पिछले काफी दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे थे। जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने ग्रामीणों की समस्या को समझते हुए न केवल इन क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति किसी अन्य स्थान सुनिश्चित करने का फैसला लिया है। वहीं इस क्षेत्र में किसानों की उपजाऊ भूमि को सिंचाई व्यवस्था के लिए भी बाहर से पानी की सप्लाई किए जाने के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीणों की समस्या को हल करने के लिए शुरू की गई कवायद पर संतोष व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय संबंधित क्षेत्रों के लोग अधिकारियों से लेकर सरकार के नुमाइंदों तक लगातार चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी ने भी उनकी इस समस्या को हल करने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई। लेकिन प्रदेश कांग्रेस सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर इन क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति और सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करने के लिए काम शुरू कर दिया है।
