देवी देवताओं के द्वार बंद, परंतु पर्यटकों के लिए खुला हिमाचल!
प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों के लिए द्वार खोले जा रहे हैं जोकि कोविड-19 जैसी खतरनाक बीमारी के बढ़ते निर्णय खतरनाक साबित हो सकता है। पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत तलाई एवं पूर्व जिला कांग्रेस महासचिव प्रवक्ता पवन कौशल ने हैरानी जताते हुए कहा है एक तरफ पूरे हिंदुस्तान में दिन पर दिन कोविड-19 के केस बढ़ रहे हैं तभी तो भारत विश्व में शंकर मतों की संख्या के आधार पर तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। प्रदेश में भी जहां पहले एकदम से संक्रमित की संख्या पर कंट्रोल हो गया था लेकिन बाहरी राज्यों से आए हमारे ही हिमाचली भाइयों के कारण दोबारा से एक हजार से भी अधिक आंकड़ा पहुंचा है हालांकि जिसमें काफी लोग रिकवर भी हुए हैं। परंतु ऐसी स्थिति में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए छूट देने से प्रदेश की स्थिति में संक्रमितों की संख्या बढ़ भी सकती है इसलिए आमजन के हित में इस निर्णय पर सरकार को पुनर्विचार कर वापस लेना चाहिए।
कौशल ने हैरानी जताते हुए कहा है एक तरफ तो देवभूमि के मंदिरों पर ताले लटके हुए हैं लेकिन पर्यटकों को बाहरी राज्यों से प्रवेश के लिए आमंत्रित करना कुछ ठीक नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने इस बात की भी पैरवी करते हुए कहा है कि कम से कम मंदिरों को प्रदेश के लोगों के लिए ही अगर खोल दिया जाता है तो उससे प्रदेश के भी लोग एक दूसरी जगह घूम भी सकते हैं और देवी देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद भी ले सकते हैं। इस से एक तो लोगों का धार्मिक स्थलों पर रोजगार भी शुरू हो जाएगा और छोटे व्यापारियों को कारोबार भी बढ़ सकता है लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक तो केवल कुछ लोगों को ही लाभ मिलेगा इसलिए सरकार इस विषय पर आमजन के हित को देखते हुए निर्णय लें।
