निचले हिमाचल में पैदा होने वाली फसलों का मूल्य निर्धारित नहीं कर रही सरकार : आशीष ठाकुर
त्युंन सरयून किसान एवं श्रमिक कल्याण सभा हरलोग के अध्यक्ष आशीष ठाकुर ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है,कोरोना वैश्विक आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है पर सरकार का इस ओर कोई ध्यान नही है। उन्होंने कहा कि इस बार निचले हिमाचल में आम की बहुत बढ़िया फसल हुई है पर बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि प्रदेश सरकार का इस ओर जरा भी ध्यान नही है। उन्होंने कहा कि तूफान और बारिश की वजह से किसानों की आम की काफी ज्यादा तबाह हुई है पर समझ से परे है कि आज तक निचले हिमाचल में पैदा होने वाली फसलों का सरकार मूल्य निर्धारित नही कर पाई है और न ही प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की मुआवजा राशि की कोई व्यवस्था है। जबकि ऊपरी हिमाचल में होने वाली मुख्य फसल सेब का मूल्य भी सरकार ने निर्धारित कर रखा है और आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई भी सरकार उन किसानों को करती आई है।
उन्होंने कहा कि एक ही प्रदेश को दो भागों में बांट दिया गया है, किसान हर जगह एक से ही होते है मेहनत मजदूरी हर फसल के लिए बराबर ही लगती है। फिर इस तरह की भाई भतीजावाद वाली राजनीति उनकी समझ से परे है उन्होंने कहा कि इससे भी बड़े दुर्भाग्य की बात है कि सरकार के कृषि उपज विपणन समिति की तरफ से भी कोई व्यक्ति इन किसानों की सुध लेने के लिए नही पहुंचा है। आज किसानों की फसलें मंडी में न पहुंचने की वजह से तबाह हो रही है आशीष ठाकुर ने ज़रकर से मांग की है कि जल्द से जल्द सेब की फसल की तर्ज पर निचले हिमाचल में होने वाली फसलों के मूल्य प्रदेश सरकार निर्धारित करे और कृषि विभाग को आदेश जारी करे कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया जाए और किसानों को आर्थिक मदद मिले। साथ ही किसानों की आम की फसलों को मंडी तक पहुंचाने की जल्द व्यवस्था हो ताकि हमारे किसानों को राहत मिल सके।
