परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि पर बिलासपुर की संस्थाओं ने दी पुष्पांजली
कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के विरुद्ध अदम्य साहस और पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि पर लाडली फाउंडेशन, सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच एवं प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के संयुक्त अगवाई में शहीद स्मारक में पुष्पांजलि श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके पर लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष निर्मला राजपूत एवं रश्मि गौतम ने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा परमवीर चक्र से सम्मानित भारत के सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान सन् 1999 में मरणोपरांत मिला। उनका करिश्मा और शख़्सियत ऐसी थी कि जो भी उनके संपर्क में आता था। उन्हें कभी भूल नहीं पाता था। जब उन्होंने 5140 की चोटी पर कब्ज़ा करने के बाद टीवी पर 'ये दिल मांगे मोर' कहा था। तो उन्होंने पूरे देश की भावनाओं को जीत लिया था। वो कारगिल युद्ध के उस सिपाही का एक चेहरा बन गए थे जो अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए सीमा पर गया और शहीद हो गया।
कारगिल युद्ध में बन गया था विजयी नारा 'ये दिल मांगे मोर,' देखते ही देखते यह लाइनें कारगिल में दुश्मनों के लिए आफत बन गईं और हर तरफ बस 'यह दिल मांगे मोर' ही सुनाई देता था। "भारत मां की जय, शहीद विक्रम बत्रा अमर रहे" के नारों से शहीद स्मारक बिलासपुर गूंज उठा। इस मौके पर लाडली फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट, सदर मंडल अध्यक्ष रीना ठाकुर, शीतल, सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा, प्रदेश सह संयोजक सरदार प्रताप सिंह भल्ला, प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो के प्रधान अजय कौशल एवं संस्थापक ईशान अख्तर भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
