जिन विस्थापितों को अभी तक भी प्लाट नहीं मिले उन्हें प्लाट दिए जाएं : बंबर ठाकुर
कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने भाखड़ा विस्थापितों के उचित बसाव तथा जिन विस्थापितों को अभी तक भी आवासीय प्लाट तक नहीं मिल पाए हैं, उन्हें प्लाट अलौट करने तथा अतिक्रमण के नाम पर उनके द्वारा सरकारी जमीन पर विवशतावश किए गए कब्जों को नियमित करने की मांग की है, ताकि उनके द्वारा देश के निर्माण अथवा विकास-प्रगति के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का कर्ज चुकाया जा सके।
बंबर ठाकुर ने कहा कि भाखड़ा बांध निर्माण से पूर्व पंजाब के अधिकांश भागों में हर वर्ष बरसात के दिनों में बाढ़ से होने वाली तबाही का मंजर लाखों लोगों को सहन करना पड़ता था, जिससे छुटकारा दिलाने और पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान की सूखी अथवा बंजर भूमि को सिंचित करके उन सभी राज्यों में हरियाली लाने के उदेश्य से प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भाखड़ा बांध का निर्माण करने का अपना सपना पूरा किया था।
बंबर ठाकुर ने कहा कि इस बांध के निर्माण के बाद जहां इन सभी राज्यों में औद्योगिक क्रान्ति आई वहीं सभी राज्य आर्थिक रूप से मजबूत भी हुए, लेकिन इस बांध के निर्माण से उजाड़े गए बिलासपुर और ऊना जिला के कुछ भाग के लाखों किसानों का उचित बसाव करने की कोई भी योजना किसी भी सरकार द्वारा तैयार नहीं की गई, जिस कारण अधिकांश भाखड़ा विस्थापित आज भी अपने उचित बसाव के लिए दर - दर की ठोकरे खाने को विवश हैं। उन्होने कहा कि इस बांध निर्माण के कारण जहां बिलासपुर का 13 शताब्दी पुराना एतिहासिक नगर जलमग्न हो गया था, वहीं सतलुज नदी के किनारे बसे दर्जनों गांवों को उजाड़ा गया था और नदी किनारे की लाखों एकड़ उपजाऊ भूमि भी गोबिन्द सागर की भेंट चढ़ गई थी, जिस कारण किसानों को पहाड़ों पर पथरीली व अनुपयोगी भूमि पर बसने को विवश होना पड़ा।
बंबर ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार में जरा भी नैतिकता है तो विस्थापितों को दोबारा उजाड़ने की बजाए उनसे किए गए अपने वादों के अनुसार उनके कथित अवैध कब्जे नियमित करने, उन्हें बिजली-पानी मुफ्त उपलब्ध करवाने सहित नगर को झंडूता क्षेत्र को सीधे जोड़ने वाले पुल बैरी दडोला का निर्माण करने के तुरंत आदेश देने चाहिए। उन्होने सरकार से भी मांग की है कि बी बी एम बी से भाखड़ा विस्थापितों के उत्थान के लिए मिलने वाली रायलिटी को सिर्फ भाखड़ा विस्थापितों के उत्थान पर ही व्यय किया जाए और जनता को बताया जाये कि उनके बलिदानों से निर्मित इस बांध से अब तक प्राप्त रायलिटी राशि को कहाँ खर्च किया गया है ।
