आखिर कहां हुई चूक? क्यों नहीं हो रही इन्दु गोस्वामी के अध्यक्ष पद की आधिकारिक घोषणा
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष पद पर इंदु गोस्वामी के नाम की अनौपचारिक और गैर आधिकारिक घोषणा के उपरांत यू टर्न लेना भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक ना होने का संकेत दे रहा है। हालांकि तीन दिनों से लगातार सोशल मीडिया पर इंदु गोस्वामी का नाम चर्चा में था और अधिकांश उनके समर्थक उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की शुभ कामना भी दे चुके थे लेकिन भाजपा द्वारा इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की जा रही है। यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विजय वर्गीय ने भी अपना ट्वीट वापस लेते हुए कहा है कि उनकी टीम द्वारा यह गलत पोस्ट हो गया था। यहां उल्लेखनीय है कि भारतवर्ष में भाजपा को अनुशासित पार्टी कहा जाता है और भाजपा के नेताओं की छवि जनता में अन्य नेताओं से काफी ऊपर है।
कहा जा सकता है कि भाजपा नेताओं की हर बात को जनता गंभीरता से लेती है और सोशल मीडिया पर जिस तरह से इंदु गोस्वामी का नाम भारतीय जनता पार्टी के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष के रूप में चल रहा था उसके बाद जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने ट्वीट करके इंदु गोस्वामी को बधाई दी तो अधिकांश जनता और कार्यकर्ता यह समझ चुकी थी कि इंदु गोस्वामी को ही भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है लेकिन उसके बाद यह कहना कि एक टीम की गलती के कारण हो गया था यह बात आम जनता और कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतर रही है। यह भी चर्चा होने लगी है कि पिछले चार दिनों से इंदु गोस्वामी को लेकर जो सीन चल रहा है कहीं यह इंदु विरोधियों की चाल तो नहीं। वैसे भी जिस समय राज्यसभा के लिए इंदु गोस्वामी का नाम प्रस्तावित हुआ था तो भी सब कुछ अचानक हुआ था और उस समय भी इंदु गोस्वामी का नाम पैनल तक में नहीं था लेकिन बाद में यह सभी को यह स्वीकार करना पड़ा था। पिछले कुछ दिनों से भाजपा के अंदर कांगड़ा में जो उथल-पुथल चल रही है गोस्वामी का नाम प्रस्तावित करने के बाद उसकी आधिकारिक घोषणा ना हो पाना कहीं यह भाजपा के अंदर चल रही उथल-पुथल का ही परिणाम तो नहीं है।
वैसे भी डॉ राजीव बिंदल का नाम जिस समय भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के लिए आया था तो वह भी अप्रत्याशित था क्योंकि उस समय डॉक्टर राजीव बिंदल को मंत्री बनाए जाने की चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रही थीं। यहां पर यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि डॉ राजीव बिंदल का त्यागपत्र भी एकदम ही स्वीकार कर लिया गया। अभी भी यह कहा जा रहा है कि गोस्वामी ही प्रदेश भाजपा की अध्यक्ष होंंगी लेकिन आधिकारिक रूप से घोषणा न होने को लेकर के भाजपा की हाई कमान के बारे में आम जनता और कार्यकर्ताओं में सुगबुगाहट का दौर लगातार जारी है। देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता है।
