बीडीटीएस सभा सदस्यों ने लगाया आरोप, पदाधिकारियों के रवैए के चलते ऑपरेटरों को हो रहा लाखों रुपए का नुकसान
वर्तमान बीडीटीएस सभा सदस्यों ने आरोप लगाया है की पदाधिकारियों के ढुलमुल रवैए के कारण हजारों बरमाना ट्रक ऑपरेटरों को वार्षिक किराया वृद्धि न होने से लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्तमान सदस्य एवं पूर्व प्रधान रमेश ठाकुर, सदस्य चंदू राम ठाकुर, कुलदीप गौतम, पवन कौशल, विनय कुमार वर्मा, कमल किशोर ने कहा की सभा के पदाधिकारियों की नाकामी के चलते प्रतिदिन 300 से ज्यादा हिमाचल स्टॉकिस्ट को सीमेंट ढुलान में जुटी गाड़ियों के मालिकों को सभा और एसीसी प्रबंधन एग्रीमेंट के मुताबिक पहली अप्रैल से मिलने वाली वार्षिक किराया वृद्धि न करने से अब तक करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।
इन्होंने कहा जुलाई माह आधा बीतने को आया है लेकिन पहली अप्रैल से वार्षिक किराया वृद्धि न होने से अब तक करोड़ों रुपए में पदाधिकारियों की नाकामी के कारण ऑपरेटरों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सभा द्वारा कई बैठके की गई लेकिन इन में वर्तमान सदस्यों को बुलाना भी उचित नहीं समझा गया। ऐसी परंपरा पहली बार सभा में देखने को मिली है जिससे लोकतांत्रिक तरीके से चुने हुए सदस्यों का ही नहीं अपितु वार्ड के सदस्य ऑपरेटरों का भी अपमान बताया, जोकि सभा ऑपरेटरों के हित में न होकर सभा के लिए घातक रहेगा।
उन्होंने कहा पंजाब वेयरहाउसेस के वार्षिक बढ़ोतरी किराया तो ऐरियर रूप में बाद में मिल सकता है लेकिन हिमाचल सीमेंट ढुलान वार्षिक वृद्धि न मिलने से करोड़ों रुपए की चपत पदाधिकारियों के रवैयै के कारण ऑपरेटरों लग रही है।
रमेश ठाकुर ने कहा बतौर प्रधान उन्होंने 1.87 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि व 6% घटे हुए किराए को बढ़ाया था जिसमें 5% एक बार जबकि 1% पिछले साल कुल 7. 87 प्रतिशत किराए बढ़ाकर ऑपरेटरों को लगातार हो रहे घाटे से उभारा था। इन्होंने कहा लगातार डीजल बढ़ोतरी व अन्य गाड़ियों के बढ़ रहे खर्चों के चलते ऑपरेटरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन पदाधिकारियों को ऑपरेटरों की परवाह ही नहीं है तभी तो जुलाई माह तक वार्षिक किराया वृद्धि नहीं दी गई। दूसरे सिविल सप्लाई ढुलान के 2014 के बाद रेट न बढ़ने से ऑपरेटरों को अब लगातार डीजल बढ़ोतरी से मुश्किल और ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने मांग करते हो कहां है कि शीघ्र ऑपरेटर हित में वार्षिक किराया वृद्धि व सिविल सप्लाई के रेट शीघ्र बढ़ाए जाएं अन्यथा मजबूरन पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ेगा।
