बरठीं क्षेत्र के लोगों से सौतेला व्यवहार कर रहे विधायक जीतराम कटवाल : विवेक कुमार
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं झंडुत्ता विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता विवेक कुमार ने कहा है कि जब से प्रदेश के अंदर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है व झंडूता विधानसभा क्षेत्र से विधायक जीतराम कटवाल बने हैं तभी से बरठीं क्षेत्र के लोगों के साथ उनका हमेशा सौतेला व्यवहार रहा है। इस क्षेत्र में जनता के कामों के प्रति विधायक जरा भी गंभीरता नहीं दिखाते है। ढाई साल के बाद भी बरठीं सिविल अस्पताल की दुर्दशा सबके सामने है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर जल्द एक प्रतिनिधिमंडल सीएमओ बिलासपुर और डीसी बिलासपुर को ज्ञापन देगा तथा उनसे कारण पूछेंगे कि क्यों इस तरह सौतेला व्यवहार बरठी क्षेत्र के साथ किया जा रहा है। अगर फिर भी प्रशासन इसके ऊपर ध्यान नहीं देता है तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 07 अक्टूबर 2017 को पूर्व की कांग्रेस सरकार ने बरठीं कम्युनिटी हेल्थ सेंटर को अपग्रेड करके 50 बेड साथ में 15 पोस्टों को स्वीकृत करके सिविल हॉस्पिटल बनाने के लिए तत्काल नोटिफिकेशन जारी की गई थी। किंतु बड़े दुर्भाग्य से कहना पड़ रहा है कि आज भी उन 15 पोस्टों में से 6 पोस्ट में स्टाफ नर्स की नहीं आई है और डेंटल सर्जन की पोस्ट भी लंबे समय से खाली है, जिससे आसपास के क्षेत्रों से जो मरीज आते हैं उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। साथ ही लगभग ढाई साल पहले 50 बेड स्वीकृत होने के बावजूद आज भी बरठीं सिविल हॉस्पिटल में केवल मात्र 20 ही बेड लगे हुए हैं साथ ही जो स्टाफ के क्वार्टर से हैं वह जर्जर हालत में है।
लगभग 25 लोगों का स्टाफ होने के बाद केवल मात्र 7 क्वार्टर ही स्टाफ के लिए है जबकि कोई भी डॉक्टर इन क्वार्टर में नहीं रहता केवल जब ड्यूटी देने आते हैं तो सिर्फ ड्यूटी रूम का ही इस्तेमाल किया जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के द्वारा 50 बेड का हॉस्पिटल स्वीकृत किए जाने के बाद भी बरठी सिविल हॉस्पिटल में ना तो इंफ्रास्ट्रक्चर के अंदर एक भी इंट लगाई गई है और ना ही एक भी बेड बढ़ाया गया है जबकि नोटिफिकेशन में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि 15 लोगों का स्टाफ जिसमें डॉक्टर, वार्ड सिस्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, क्लर्क, क्लास फोर आदि की पोस्टों को स्वीकृति दी गई थी। किंतु 6 पोस्ट में जो स्टाफ नर्स की है वह यहां पर नहीं आई है। यह सरासर प्रदेश सरकार की एवं स्थानीय विधायक की अनदेखी के कारण ही हो रहा है।
