बिलासपुर जिले में गौवंश के संरक्षण के लिए किए जा रहे विशेष प्रयास : उपायुक्त
बिलासपुर में शनिवार को उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषकर पशु पालन विभाग एवं गौ सदनों से जुडे मुददों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर पशुपालन विभाग की ओर से सहायक निदेशक डा विनोद कुंदी मौजूद रहे। इस अवसर पर उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कहा कि बिलासपुर जिले में गौवंश के संरक्षण के विशेष प्रयास हो रहे हैं जिसके चलते धारटटोह में गौ अभयारण बनाने के प्रयास जारी हैं जहां पर एक हजार से अधिक गौ वंश के रखने की सुविधा मिलेगी। वहीं इससे गौ वंश की समस्या का भी समाधान होगा। इसके लिए पडयालग, चांदपुर, लैहडी बरोट, बलघाड, धारटटोह, जुखाला, करलायालग, व रानकोटला सहित अन्य कुछ स्थानों पर गौ सदन चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अब सरकार ने उन लोगों अथवा पशुपालकों के लिए एक नई योजना आरंभ की है जो संस्था अथवा व्यक्ति तीस से अधिक बेसहारा पशुओं को संरक्षित करेगा, उन्हें 500 सौ रूपये की राशि चारे के लिए दी जाएगी। इस अवसर पर पशुपालन विभाग की ओर से मौजूद सहायक निदेशक डा विनोद कुंदी ने कहा कि बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश का पहला पशु टरामा सैंटर चल रहा है, जहां एक साथ दस पशुओं का उपचार किया जा सकता है। वहीं विभाग द्वारा खतरनाक बेसहारा पुशुआं को पकडने के लिए जर्मनी से टरोकोलाईजर गन मंगवाई जा रही है। इस गन को चलाने के लिए चलाने वाले कर्मचारी अथवा किसी व्यक्ति को प्रशि़क्षण भी दिया जाएगा। ताकि वह नियमित तरीके से काम कर सके। इसके अलावा एनआईए स्कीम के तहत गाय व भैंस पालने वाले किसानों के पशुओं का तीन बार करीतम गर्भादान निशुल्क होगा। उन्होंने इस अवसर पर विभाग व सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा की।
