अन्य कोरोना वारियर्स की तरह डेंटल डॉक्टर को भी दी जाएं सुविधाएं : डॉ अरूण राणा
हिमाचल डेंटल ऑफिसर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अरूण राणा ने कहा है कि डेंटल सर्जन इन दिनों कोरोना संकट में प्रथम पंक्ति में खड़े होकर अपनी भूमिका निभा रहे हैं लेकिन सभी को यह संशय है कि उनकी सेवाओं का उचित मूल्यांकन नहीं किया जा रहा और उन्हें उन सब विशेष सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है जो कि कोरोना वारियर्स् के लिए और उनके हितों में सरकार ने घोषित की हैं।
बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि एसोसिएशन मंगलवार को मुख्यमंत्री से शिमला में मिलेगी तथा अपनी समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा करेगी। उनके साथ सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर अमन अबरोल वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर नवतेज तथा जॉइंट सेक्रेटरी डॉ प्रशांत आचार्य जी उपस्थित रहे।
डॉ अरूण राणा ने कहा कि इस समय हिमाचल प्रदेश में 350 के करीब डेंटल सर्जन कार्यरत हैं जिनमें आधे से अधिक कोरोना की सेंपलिंग में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि हमीरपुर और कांगड़ा में अधिकतर सैंपल डेंटल डॉक्टर ही ले रहे हैं लेकिन क्या सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं जैसे 50 लाख का बीमा या सेवानिवृत्ति जैसे मसले की नोटिफिकेशन क्या डेंटल सर्जन के लिए भी की गई है या नहीं इस बात को लेकर सारा कैडर चिंतित है। उन्होंने बताया कि इस समय तक अकेले डेंटल कैडर ने ही 17000 के लगभग सैंपल कर लिए हैं तथा इसके साथ इमरजेंसी ड्यूटी भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि डेंटल जिला अधिकारी के पद का सृजन किया जाना इसलिए भी आवश्यक है कि डेंटल कार्य हाई रिस्क कार्य है और न तो डेंटल सर्जन को रोगी कल्याण समिति में रखा जाता है और न ही डेंटल द्वारा उपकरणों के लिए की गई डिमांड शीघ्र पूरी की जाती है जबकि उनका कार्य उपकरणों के बिना हो ही नहीं सकता। उन्होंने बताया कि कई बार सरकारी अधिसूचनाएं आती है जिन पर यह लिखा होता है कि यह डेंटल सर्जन पर लागू नहीं होंगी। उन्होंने बताया कि इन विसंगतियों को दूर करने के अलावा एसोसिएशन और भी मांगे हैं जिन पर मंगलवार को मुख्यमंत्री के साथ चर्चा होगी।
