प्रकृति को संतुलित बनाए रखने में पेड़ पौधो का अमुल्य योगदान : सुभाष ठाकुर
ग्राम पंचायत बागी बनोला और धार टटोह के गांव सोलग में वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधायक सुभाष ठाकुर ने पौधा रोपण किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के जीवन चक्र को संतुलित बनाए रखने में पेड़ पौधो का अमुल्य योगदान होता है। उन्होंने आमजन से आहवान किया कि अधिक से अधिक पौधे लगाए और दूसरे लोगों को भी पौधे लगाने के लिए पे्ररित करें। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों को रोपित करने तक ही सीमित न रहें अपितु उनका संरक्षण बच्चों की तरह करें ताकि भविष्य में आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ पर्यावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि लोग वनों की महत्ता के बारे में जागरूक हों ताकि अधिक से अधिक पौधा रोपण कर वन क्षेत्र कर बढ़ाकर स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण बनाया जा सके।
उन्होंने लोगों से आहवान करते हुए कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए पेड़ों को अवैध कटान न करें और कहा कि जब भी परिवार में कोई बच्चा जन्म लेता है तो उसकी खुशी में एक पौधा अवश्य लगाए, भविष्य में वहीं पौधा खाया भी देगा और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदूषित पर्यावरण को बचाने के लिए सभी को सकारात्मक सोच पैदा करनी होगी और ग्रामीण स्तर तक लोगों को पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए और वनों का संरक्षण करने के लिए आगे आना होगा।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत बिनोला और धार टटोह के गाँव सोलग में आमला भेड़ा, लीची, पपीता, करयाला, अमरूद, खैर और अन्य प्रकार के फलदार पौधे लगाए। युवा मोर्चा अध्यक्ष विनोद ठाकुर ने बताया कि पूरे चुनाव क्षेत्र में 2000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भारतीय संस्कृति में पेड़ पौधों को देव तुल्य माना गया है इसलिए हम सभी को मिलकर अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए ताकि वातावरण शुद्ध रहे।
इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र संख्यान, जिला महामंत्री आशीष ढिल्लों, सदर मंडल के अध्यक्ष हँसराज ठाकुर, युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश ठाकुर, पंचायत उप प्रधान संजीव डोगरा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशोक शर्मा, युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष रोहित ठाकुर जिला सचिव रविंदर चैधरी, मंडल महामंत्री सोनू ठाकुर, मंडल सचिव पंकज विपिन, सदर आईटी संयोजक विनीत सह संयोजक परमिंदर, संगम, रघुवीर सिंह, रवि कांत, प्रवीण, राजेश, प्रीतम, पंकज, अरुण, अजय विक्रम, सनी उपस्थित रहे।
