रूकमणी कुंड में प्रतिबंध के बावजूद फिर से लोगों के नहाने का सिलसिला शुरू
उत्तरी भारत के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल रूकमणी कुंड में प्रतिबंध के बावजूद एक बार फिर से लोगों के नहाने का सिलसिला आरंभ हो गया है। आलम यह है कि विषेशतौर पर लोग कोरोना काल में इस कुंड में न नहाएं इसके लिए बाकायदा एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के प्रयासों से पुलिस विभाग ने इस स्थान पर कांस्टेबल की तैनाती कर दी थी जो 47 दिन तक मुस्तैद रहा लेकिन अब इस कर्मचारी के हट जाने के बाद स्थिति दोबारा पूर्व की तरह हो गई है। यह आलम तब हैं जब प्रदेश कोरोना मामलों की संख्या हजारों में हो रही है ऐसे में यदि कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति इस पानी में नहा जाता है तो कम से कम 15 पंचायतें सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। ईष्वर न करे ऐसा हो लेकिन यदि ऐसा होता है तो स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण के बाहर हो जाएगी। झंडूता विस क्षेत्र में स्थित औहर पंचायत के साथ रूकमणी कुंड में लोगों के बदस्तूर नहाने से कोरोना वायरस का खतरा बढ़ सकता है। मनाही के बावजूद कोविड-19 के समय में यहां पर लोग प्रतिदिन स्नान करने के लिए आ रहे हैं जबकि प्रशासन ने मंदिरों को बंद कर रखा है स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहीं गलती से भी एक भी कोरोना मरीज रुक्मणी कुंड में स्नान कर गया तो इसकी भारी कीमत 15 पंचायतों के लोगों को भुगतनी पड़ सकती है।
उल्लेखनीय है कि यहां से लगभग 15 पंचायतों के 25000 लोगों को पानी की सप्लाई जाती है। यदि समय रहते इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया तो इलाका इस भयंकर बीमारी की चपेट में आ सकता है। रुकमणी सेवा समिति द्वारा प्रशासन को कई बार अवगत करवाया गया जिसके चलते लगभग 47 दिनों तक पुलिस कांस्टेबल भी आता रहा लेकिन पुलिस के चले जाने के बाद यह स्थान एक बार फिर से शराबियों व हूड़दगियों का अड्डा बनता जा रहा है। वह पुलिस के न होने के कारण इसमें बेधड़क होकर स्नान करते हैं जिसके चलते महामारी का खतरा बढ़ गया है।
रुकमणी सेवा समिति के लोगों के द्वारा फोन पर झंडुत्ता पुलिस स्टेशन बात की गई तो वह कम स्टाफ का हवाला देकर पल्ला झाड़ते नजर आए जोकि भोली भाली जनता के साथ न्यायोचित नहीं है। स्थानीय लोगों वह मां रुकमणी सेवा समिति ने प्रशासन से आग्रह किया है की इस महामारी के चलते रुक्मणी कुंड में स्थाई रूप से पुलिस की निगरानी रखी जाए ताकि लोगों को इस महामारी से सुरक्षित रखा जा सके। मां रुक्मणी कुंड सेवा समिति के अध्यक्ष अभिशेक चंदेल, तिलक राज प्रभात चंदेल संजीव चंदेल रविंद्र चंदेल अधिवक्ता अंकित चंदेल ने कहा कि यदि कोई यहां पर नहाता हुआ पाया जाता है तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
मां रूकमणी सेवा समिति के अध्यक्ष अभिशेक चंदेल ने बताया कि यह समय संवेदन शील है तथा सभी की जागरूकता से ही सभी बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह भी हैरानी का विषय है कि प्रतिबंध के बावजूद लोग यहां पर स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 8 व 9 अगस्त को चनण छट्टी के व्रत का तर्पण होगा। स्थान के महत्व और बहते पानी को लेकर अधिकांश लोग यहां पर आएंगे लेकिन जिला प्रषासन को चाहिए कि लोगों की धार्मिक आस्था को देखते हुए अलग से पानी का स्त्रोत डेवलेप किया जाए तथा पुलिस प्रबंध भी किया जाए ताकि संभावित खतरे से बचा जा सके।
