इस बार घरों में ही मनाया गया ईद-उल-जुहा का त्यौहार
ईद-उल-जुहा का त्यौहार जिला में हर्षाेउल्लास सहित घरों में ही मनाया गया। ईद के नमाजी इस बार भी मस्जिदों में नहीं गए। उन्होने अपने घरों में ही ईद की नमाज अदा की। ईद की नमाज गुनाहों से माफी का उत्तम दिन है। नामाजियों को जहां अल्लाह की रहमतें व बरकतें प्राप्त होती हैं वहीं इस खास नमाज ही के दौरानसाल भर के गुनाह पतझड़ में झड़ रहे पत्तों की तरह नामाजी के शरीर से हट जाते हैं। नमाज के फौरन बाद बकरों की कुर्बानी का सिलसिला भी उत्साहपूर्वक अपने घरों में शुरू है जो आगामी दो दिन और जिला भर में जारी रहेगा।
जिला मुस्लिम वैल्फेयर कमेटी के प्रधान नसीम मुहम्मद व संयोजक गुलाम मुहयूदीन ने बताया कि कुर्बानी किए गए बकरे का कुछ ही अपने लिए रखा जाता है बाकी सारा समान-अनुपात में बांटना अनिवार्य है। बकरे की खाल बेचकर उसका पैसा गरीब व्यक्ति को देने पर ही कुर्बानी मुकम्मल होगी। बकरीदपर पकने वाले लजीज व्यंजन कोरमा, ईष्टु, शामी कबाब, बिरयानी का लुत्फ भी लोग अपने घरों पर ले रहे हैं। दावतों आदि का आयोजन इस बार नहीं हो रहा है, लोग इनसे भी परहेज कर रहे हैं। महिलाओं व बच्चों में भी ईद-उल-जुहा का काफी उत्साह है सभी नए परिधानों में सजे धजे जिला भर में नजर आ रहे हैं।
नगर सुधार समिति के प्रधान दिनेश कुमार प्रेस सचिव तनुज सोनी, उप-प्रधान संजीव ढिल्लो व महासचिव राजेन्द्र गौतम ईद की मुबारकबाद देने विशेष तौर पर जिला मुस्लिम वैल्फेयर कमेटी के कार्यालय में पहुंचे हैं व ईद की खुशियां सांझा की हैं। मुस्लिम समुदाय में जिला भर में ईद के उत्साह व उल्लास में कोई भी कमी नहीं है व उन्होंने घरों में ही बकरा ईद मनाने को प्राथमिकता दी है।
