प्रेमलाल शर्मा ने सह आचार्य डॉक्टर सिद्धार्थ वत्स को किया सम्मानित
बिलासपुर नगर परिषद वार्ड नं 11 लखनपुर के निवासी प्रेम लाल शर्मा ने कहा कि इस सृष्टि में प्रकृति को छोड़ कुछ भी अजेय नहीं है। यदि मैं कैंसर जैसे असाध्य रोग से 78 वर्ष की उम्र में लड़ रहा हूँ तो ऐसे में कोरोना जैसे रोगों से लड़ना रोगी के लिए बड़ी बात नहीं है लेकिन रोगी को अपना हौसला नहीं छोड़ना चाहिए और खास कर उस चिकित्सक पर विश्वास बनाये रखें जो आपके साथ एक योद्धा की तरह खड़ा रहता है। प्रेम लाल शर्मा जिन्होंने बतौर शिक्षक अपना सारा जीवन समर्पित किया है लगभग पिछले डेढ वर्ष से कैंसर से पीड़ित चल रहें है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठीपुरा से सेवा निवृत्त प्रधानाचार्य ने कैंसर जैसे आसाध्य रोग से भी विचलित नहीं हुए और वह अभी भी इस रोग से एक योद्धा के रूप में लड़ रहे हैं।
प्रेमलाल शर्मा ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग के उन सभी डॉक्टर का धन्यवाद किया और विशेष तौर पर वहाँ अपने परिवार सहित जाकर कैंसर विभाग में सेवाएं दे रहे सह आचार्य डॉक्टर सिद्धार्थ वत्स को सम्मानित भी किया। प्रेम लाल शर्मा ने कहा कि इस अवस्था में वह ज्यादा तो कुछ नहीं कर सके लेकिन उनके साथ और इस पीड़ा में जिस तरह से डॉक्टर सिद्धार्थ वत्स खड़े रहे तो उनका हौसला अफजाई करने के लिए वह उनके ऋणी हो गए।
उन्होंने बताया कि जब वह इलाज के लिए डॉक्टर वत्स के सम्पर्क में आए और बाद डॉक्टर ने ही उन्हें सुझाव दिया कि अब इन्हें सर्जरी टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल मुंबई में करवानी चाहिए और उन्होंने करवाई भी। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के कारण वह अब मुंबई के बजाए शिमला से डॉक्टर सिद्धार्थ वत्स की निगरानी में चिकित्सीय उपचार करवा रहे हैं। डॉक्टर वत्स की कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण, सेवाभाव और मानवता से अभिभूत होकर समस्त डॉक्टर समुदाय का आभार व्यक्त करने के लिए उन्होंने डॉक्टर सिद्धार्थ वत्स को सम्मानित किया। इस मौके पर इनकी धर्मपत्नी विद्या शर्मा सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी, इनके सपुत्र संजय शर्मा, विनय शर्मा व पौत्र विश्रुत शर्मा भी मौजूद थे।
