कोविड-19 के चलते किराया वृद्धि कर जनता पर बोझ न डाले सरकार : पवन कौशल
कोरोना काल में पहले ही आमजन पर मुसीबत, परंतु ऊपर से सरकार के जनविरोधी फैसले हमेशा जनता याद रखेगी। पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत तलाई एवं जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर पूर्व प्रवक्ता व महासचिव पवन कौशल ने यह बात कही। इन्होंने कहा कोविड-19 से आमजन की कमर पहले ही बिना कारोबार के हर वर्ग की टूटी पड़ी है परंतु सरकार ने राहत देने की बजाय महंगाई का तोहफा देकर प्रदेश में एक मिसाल पैदा कर दी।बिजली सब्सिडी, डीजल पेट्रोल महंगा व राशन में परिवारों की कटौती इत्यादि निर्णय तो प्रदेश व केंद्र सरकार पहले ही ले चुकी है।
कौशल ने कहा अब बसों के किराए में 25 प्रतिशत किराया वृद्धि कर आमजन पर महंगाई की ओर मार दे दी है जबकि आमजन को इस समय राहत की आवश्यकता थी लेकिन सरकार जनता का दुख दर्द भूल कर किस दबाव में ऐसे फैसले जनता के ऊपर थोप रही है जोकि पूरी तरह से जन हितैषी करार दिया। पवन कौशल ने कहा सरकार के इस महंगाई के चक्रव्यूह में मध्यम वर्गीय परिवार पूरी तरह से पिस रहे हैं। जबकि सरकार को राहत के तौर पर मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक पैकेज ऐसे संकट के समय उपलब्ध करवाना चाहिए था। क्योंकि पिछले 4 महीने से आम लोगों के कारोबार ठप पड़े हैं उल्टा बिजली, पानी बिल व अन्य टैक्स बिना कारोबार व आय के बावजूद मजबूरन जनता को देने पड़ रहे हैं।
कौशल ने कहा सरकार मास्क पहनने पर अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है अच्छी बात है परंतु मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक पैकेज देने के लिए क्यों नहीं अध्यादेश जारी करती इस पर भी विचार करें। इन्होंने कहा कोविड-19 के चलते जब तक स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं होती निजी बस टैक्स माफ करें और पेट्रोल डीजल के रेट कम करें, ना कि बस किराया 25 प्रतिशत बढ़ाकर जनता पर बोझ डाले। किराया बढ़ोतरी पेट्रोल डीजल में रेट में कमी कर, वही बिजली सब्सिडी 125 यूनिट के ऊपर कटौती, कई परिवारों राशन कटौती जैसे निर्णय को इस समय वापस ले। अन्यथा मजबूरन लोगों को सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ेगा जिसके लिए सरकार के जनविरोधी फैसले ही जिम्मेवार होंगे।
