शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए एक निष्पक्ष एव पारदर्शी तबादला नीति जरूरी : वीरेंद्र चौहान
हिमाचल प्रदेश सयुंक्त कर्मचारी महासंघ एवं हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए एक पारदर्शी एवं निष्पक्ष तबादला नीति की आवश्यकता है। पिछली सरकार में 5 सालों में तबादलों के ऊपर गोरखधंधा चलता रहा है। अपने लोगों को एडजस्ट करने के लिए सरकार ने 1 से 2 किलोमीटर में तबादला आदेश जारी किए थे। संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ट्रांस्फर नीति को संशोधित कर कम से कम 25 किलोमीटर का रेडियस स्थानतरण के किया अन्यथा कुछ कर्मचारी व शिक्षक 1 किलोमीटर के रेडियस में ही पूरी उम्र घूमते रहेंगे और दूरदराज में फंसे शिक्षकों को शहर या कस्बे में आने का अवसर प्राप्त नहीं होगा। इसके अतिरिक्त प्रेस वार्ता में वीरेंद्र चौहान ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा जयराम सरकार के द्वारा पिछले 6 महीनों में लिए गए निर्णयों की समीक्षा करना कोई गलत कार्य नहीं है क्योंकि हर सरकार पिछली सरकार के कार्यों की समीक्षा करती है। जो कार्य नोटिफिकेशन ऑर्डर में सही नहीं बैठते है, उसे डी नोटिफाई करना सरकार का दायित्व बन जाता है। चौहान ने कहा कि पूर्व सरकार ने ऐसे शिक्षण संस्थानों को खोला व स्त्रोन्नत किया जिसका कोई औचित्य नहीं था, वहां पर ना तो इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रावधान किया गया और ना ही स्टाफ की व्यवस्था की गई।
