हिमाचल: DC को आरक्षण रोस्टर बदलने का अधिकार देने के फैसले को चुनौती, आज हाईकोर्ट में सुनवाई
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के आरक्षण रोस्टर में 5 प्रतिशत सीटों में बदलाव का अधिकार उपायुक्तों (DC) को देने के राज्य सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले पर सोमवार को यानी आज सुनवाई होगी। राज्य सरकार ने 30 मार्च को जारी अधिसूचना में प्रावधान किया था कि पंचायत चुनाव में 95 प्रतिशत सीटों का आरक्षण तय नियमों के अनुसार होगा, जबकि 5 प्रतिशत सीटों पर उपायुक्त भौगोलिक या विशेष परिस्थितियों के आधार पर आरक्षण में बदलाव कर सकेंगे।
इस मामले को सोमवार को मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। याचिकाकर्ता ने अदालत से 30 मार्च की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि यह निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243(D) की भावना के विपरीत है। साथ ही, पंचायती राज अधिनियम 1994 की धाराएं 124, 125, 183 और 186 का हवाला देते हुए तर्क दिया गया है कि आरक्षण का निर्धारण जनसंख्या और रोटेशन के आधार पर होना चाहिए।
याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस बदलाव से पहले राज्य चुनाव आयोग से आवश्यक परामर्श नहीं किया। भौगोलिक आधार पर 5 प्रतिशत आरक्षण में बदलाव का प्रावधान मनमाना, असंवैधानिक और रोटेशन प्रणाली के सिद्धांतों के विपरीत बताया गया है। याचिका के अनुसार, संविधान का अनुच्छेद 243(D) पंचायती राज संस्थाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करता है, जिसे इस संशोधन से प्रभावित किया जा सकता है।
