डाडासीबा के रिटायर हैडमास्टर रत्न चंद कौंडल के बगीचे में लहराए सेब के पौधे
जिला कांगड़ा के एक छोटे से गांव नगंल चौंक (डाडासीबा) से रिटायर हुए स्कूल हैडमास्टर रत्न चंद कौडंल ने अपनी जमीन मे सेबों की फसल का बगीचा तैयार कर साबित कर दिया कि अगर खेतों मे किसान मेहनत करेंस, तो देवभूमि की धरती सच में सोना उगल सकती है। प्रदेश शिक्षा बिभाग से रिटायर हुए हैडमास्टर रत्न चंद कौंडल ने पत्रकारों से रू-ब-रू होते हुए बताया कि करीब छह वर्ष मैने अपनी जमीन मे 21 सेब के पौधे लगाए थे, अब बह सभी के सभी तैयार हो चुके हैं। मात्र छह वर्षों में अब यह पेड़ इतने बडे़ हो चुके हैं कि उनमें सेबों की फसल लगने शुरु हो गई है। शिक्षक रत्न चंद कौंडल बताते हैं कि सभी सेब के पौधाें को इसबार (कुर) फूल यानी छोटे-छोटे सेब लगना शुरु हो चुके हैं। इन्होंने कहा कि उन्होंने यह सेब के पौधे गत छ वर्ष पहले पोंग ब्यू सोसाइटी देहरा द्बारा हरीमन शर्मा ने घुमारवीं से मंगवा कर दिए थे। लिहाजा अब सेब का बगीचा यहां लहराना शुरु हो गया है।
