शिमला : बड़े मेडिकल कॉलेज में हुई न्यूरोसर्जन की नियुक्ति
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला
प्रदेश में सुदृढ़ होती न्यूरोसर्जरी की सुविधाएं प्रदेश सरकार के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में न्यूरोसर्जन के पांच पद सृजित किए हैं और पांचों पदों पर न्यूरोसर्जन उपलब्ध हैं। डॉ जनक राज आचार्य एवं विभागाध्यक्ष, डॉ. ज्ञान चंद सहायक आचार्य, डॉ. विनीत सहायक आचार्य, डॉ. विप्लव सहायक आचार्य व डॉ. अक्षित सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त आईजीएमसी में न्यूरोसर्जरी विभाग में वर्ष 2021 से स्नातकोत्तर प्रशिक्षण भी उपलब्ध है। वर्तमान में हमारे यहां पर दो प्रशिक्षु डॉक्टर न्यूरोसर्जरी की पढ़ाई कर रहें हैं। डॉक्टर विक्रम द्वितीय वर्ष एमसीएच न्यूरोसर्जरी की पढ़ाई कर रहे हैं। डॉ. नीति मोदी एमसीएच प्रथम वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं हैं।
प्रदेश के दूसरे बड़े मेडिकल कॉलेज टांडा में वर्तमान में तीन न्यूरोसर्जन कार्यरत हैं। डॉ. अमित जोशी आचार्य एवं विभागाध्यक्ष, डॉक्टर मुकेश शर्मा सहायक आचार्य व डॉ. शरीश नलिन सहायक आचार्य के पद कर कार्यरत हैं। कुछ वर्ष पहले कई लोगों को सिर या रीढ़ की हड्डी की चोट और अन्य बीमारियों के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी। कई बार इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाना पड़ता था। वर्तमान में इलाज के लिए अब प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त हिमाचल में 3 न्यूरोसर्जन निजी क्षेत्र में भी कार्यरत हैं।
