बलाहर: वेदव्यास परिसर में संस्कृत सप्ताह महोत्सव का हुआ समापन
** संस्कृत भाषा भारत देश के प्राण जैसी है: प्रो सत्यम कुमारी
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में संस्कृत सप्ताह महोत्सव का समापन बड़े धूमधाम से किया गया। इसमें मुख्यातिथि के रूप में ज्वाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय दिल्ली से प्रो. सन्तोष कुमार शुक्ल उपस्थित रहे। उन्होंने संस्कृत की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत भाषा आज भी अपने मूल स्वरूप में वर्तमान है। इस कार्यक्रम में विशिष्टातिथि के रूप में प्रदेश खाद्य-आपूर्ति विभाग के निदेशक पुष्पेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वेदव्यास परिसर हमारे क्षेत्र की शान है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की इस संस्था ने प्रदेश को संस्कृत के अनेक विद्वान् दिए हैं। वहीं उन्होंने विश्वास दिलाया कि वेदव्यास परिसर की सभी मूलभूत आवश्यताओं को पूरा करने में राज्य सरकार का पूरा सहयोग रहेगा।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने की। उन्होंने सभी छात्रों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि संस्कृत भारत देश की प्राण है। यदि संस्कृत न रही तो देश को समाप्त होने में देर न लगेगी इसलिए संस्कृत का संरक्षण अत्यन्त आवश्यक है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. मञ्जुनाथ एस्.जि. ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि- संस्कृत सप्ताह के दौरान वेदव्यास परिसर द्वारा विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के साथ करीब 20 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें पांच हजार से अधिक छात्रों एवं सामाजिक लोगों ने भाग लिया। संस्कृत को सभी स्थानों तक पहुंचाने में यह अभियान सफल रहा। महोत्सव के दौरान विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गई थी, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्रों को भी परिसर प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया। संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर वेदव्यास परिसर के समस्त शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
