बद्दी : गिरने की कगार पर बरोटीवाला की वर्षाशालिका
सचिन बैंसल। बद्दी
बरोटीवाला बस स्टैंड पर चार दशक पूर्व बनाई गई वर्षा शालिका अब गिरने के कगार पर है। अभी तक लोनिवि इस असुरक्षित घोषित नहीं किया है। इसके नीचे लोग बारिश के दौरान बैठते है लेकिन इसकी छत के सरिये साफ दिख रहे हैं, जिससे यह कभी भी गिर सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है। प्रदेश का बसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र बरोटीवाला में यह एक मात्र वर्षा शालिका है। यहां पर शिमला, सोलन, कालका, परवाणू, चंडी, पट्टा गोयला, सुबाथू, अर्की, कुनिहार व कुठाड़ आदि के लिए बसे रवाना होती है। यहां पर प्रतिकूल मौसम के दौरान लोग इस वर्षा शालिका का उपयोग करते हैं, लेकिन वर्तमान में वर्षाशालिका की छत पर घास उग गया है। वर्षा शालिका का लैंटर का पलस्तर उखड़ गया है। सरिए दिखने शुरू हो गए है। बीच से लैंटर दब भी गया है। बैठने के लिए बनाए गए सीमेंट के बैंच भी टूट गए है। फर्श उखने के बाद यहां पर पेवर ब्लॉक से फर्श डाला गया, लेकिन वह भी उखड़ गया है।
पंचायत के पूर्व उपप्रधान गुरबख्श सिंह खन्ना, राजन नेगी व दुष्यंत शर्मा ने बताया कि बीबीएनडीए ने थाना, सनसिटी आदि स्थानों पर चंडीगढ़ की तर्ज पर वर्षा शालिका बनाई है, लेकिन इस पुराने औद्योगिक क्षेत्र की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बीबीएनडीए से अधिकारियों से मांग की है। इस क्षतिग्रस्त वर्षा शालिका को तोड़ कर यहां पर इसके स्थान पर नई वर्षा शालिका बनाई जाए, जिससे यहां पर बड़ा हादसा होने से टल सके। यहां शौचालय भी बनाए गए हैं, जिसमें पूरे शहर के लोग इसका प्रयोग करते हैं, लेकिन यहां पर सफाई व्यवस्था न होने से गंदगी फैली हुई है। महिला शौचालय के लिए जाने वाले रास्ता ही समाप्त हो गया है।
उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता मनीष ठाकुर ने बताया कि वह स्वयं इसका दौरा करेंगे। अभी तक यहां पर जितने भी वर्षा शालिका उनकी जमीन पर बने हैं, वह सभी बीबीएनडीए ने बनाए हैं। वह इसके लिए भी बीबीएनडीए की सीईओ से मिलेंगे तथा लोनिवि की जमीन पर वर्षा शालिका बनाने के लिए आग्रह किया जाएगा।
