बिलासपुर शहर की बेटी प्रोफेसर अभ्युदिता गौतम ने रचा इतिहास
बिलासपुर शहर की बेटी प्रोफेसर अभ्युदिता गौतम ने अपनी साहित्य पर आधारित किताब सब मर्जड एंड रेहबिलितटेड द्वारा साहित्य की दुनिया में पहला कदम रखा है। अंग्रेजी में लिखी इस किताब में बिलासपुर नगर की लेखिका अभ्युदिता गौतम ने पहाड़ी संस्कृति की कुल 6 काल्पनिक लघु कथाओं और 10 अलग-अलग विषय की कविताओं से पिरोया है। जिसमें हिमाचली संस्कृति, सुंदर वादियों, मंदिरो सांस्कृतिक परिवेश और पहाड़ी लोगों की मनोस्थिति को लघु कथाओं और कविताओं द्वारा दर्शाने की कोशिश की गई है। किताब में लेखिका प्रोफेसर अभ्युदिता गौतम ने अपनी जन्मस्थली विस्थापितों के शहर बिलासपुर के उजड़ने के दर्द और पुनस्थापन का वर्णन किया गया है, जिसमें सांढू मैदान में जर्जर पड़े बेसहारा मंदिरों और जिला के पुरातन इतिहास को मिटते देखते आ रहे पूर्वजों के दर्द को काल्पनिक कथाओं द्वारा बखूबी बयान किया गया है। अन्य कहानियों में हिमाचली लड़कियों और महिलाओं के संघर्ष, भावनाओं और बहादुरी का सुंदर वर्णन किया गया हूं जो आजकल के आधुनिक परिवेश और अपनी संस्कृति से जुड़े रह कर कैसे तालमेल बिठा कर जीती हैं। अभ्युदिता गौतम का कहना है, उन्होंने किताब को अंग्रेजी में लिखना इसलिए चुना क्योंकि अंग्रेजी में हिमाचली संस्कृति को न के बराबर लिखा गया है और वो हिमाचली संस्कृति को युवा पीढ़ी और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाना चाहती हैं। इस किताब का अंग्रेजी में होने के कारण देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में रिसर्च के लिए लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। जिससे हमारी हिमाचली संस्कृति जानने की इच्छा रखने वालों को आसानी से मैटर उपलब्ध होगी। लेखिका अभ्युदिता मूलतः बिलासपुर शहर की रहने वाली है। उनके पिता सेवानिवृत्त कर्नल अम्बा प्रसाद और माता देव गृहणी हैं। पिता के फौजी अफसर होने के कारण उनकी स्कूली पढ़ाई सेंट मैरी स्कूल कसौली, आर्मी पब्लिक स्कूल डगशाई, डीएवी स्कूल बिलासपुर और उच्च शिक्षा स्नातकोत्तर विद्यालय बिलासपुर और एमए पंजाब यूनिवर्सिटी जैसे भिन्न-भिन्न स्थानों पर हुई। इन दिनों अभ्यूदिता गौतम महाविद्यालय नगरोटा बगवां में अंग्रेजी विषय के प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं।
